stock-markett.online
Asia Market: पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बाद एशियाई बाजारों की कैसी रही चाल? Kospi-Nikkei 225 ने दिया मिला-जुला संकेत
Asia Market: पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बाद एशियाई बाजारों की कैसी रही चाल? Kospi-Nikkei 225 ने दिया मिला-जुला संकेत

Asia Market: पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के बाद एशियाई बाजारों की कैसी रही चाल? Kospi-Nikkei 225 ने दिया मिला-जुला संकेत

Asia Market: पश्चिम एशिया में एक बार फिर बढ़े जियो पॉलिटिकल टेंशन (West Asia Tension) का असर वैश्विक वित्तीय बाजारों पर साफ दिखाई दे रहा है। अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य टकराव तेज होने के बाद गुरुवार, 9 जुलाई को एशियाई के शेयर बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला। ऐसे समय में भारतीय निवेशकों की नजर भी विदेशी बाजारों पर टिकी हुई है, क्योंकि एक दिन पहले यानी बुधवार, 8 जुलाई को इसी तनाव के चलते घरेलू शेयर बाजार में तेज बिकवाली देखने को मिली थी।

बुधवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ईरान के साथ संघर्ष विराम (Ceasefire) खत्म होने के संकेत देने और आगे सख्त कार्रवाई की चेतावनी के बाद निवेशकों में जोखिम लेने की धारणा कमजोर पड़ी। इसका असर भारतीय बाजार पर भी दिखा और सेंसेक्स-निफ्टी दोनों कारोबार के दौरान करीब 2 फीसदी तक फिसल गए थे।

एशियाई बाजारों में कैसी रही शुरुआत?

गुरुवार, 9 जुलाई के शुरुआती कारोबार में एशियाई बाजारों की तस्वीर मिक्स्ड रही। खबर लिखे जाने तक, दक्षिण कोरिया का कोस्पी (Kospi) करीब 3 फीसदी तक मजबूत हुआ। पिछले कारोबारी सत्र में यह इंडेक्स मंदी के दायरे में पहुंच गया था, जिसके बाद इसमें जोरदार रिकवरी देखने को मिली। वहीं कोसडैक (Kosdaq) भी 2 फीसदी से अधिक की बढ़त के साथ कारोबार करता दिखा। जापान में भी सकारात्मक रुख रहा।

निक्केई 225 में 2 फीसदी से अधिक की तेजी दर्ज की गई, जबकि टॉपिक्स (Topix) भी हरे निशान में कारोबार करता नजर आया। हालांकि, सभी बाजारों में एक जैसी तस्वीर नहीं रही। ऑस्ट्रेलिया का प्रमुख S&P/ASX 200 शुरुआती कारोबार में गिरावट के साथ ट्रेड करता दिखाई दिया, जिससे निवेशकों की सतर्कता साफ झलक रही है।

क्यों बढ़ा बाजार का तनाव?

बाजार की चिंता की सबसे बड़ी वजह अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ता सैन्य संघर्ष है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड के मुताबिक, अमेरिका ने ईरान के खिलाफ एक बार फिर सैन्य कार्रवाई की है। यह कदम ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) के आसपास वाणिज्यिक जहाजों पर हमलों के जवाब में उठाया गया। दूसरी ओर, ईरान ने दावा किया कि उसने पहले अमेरिकी हमलों के जवाब में बहरीन और कुवैत स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था। लगातार बढ़ते इस तनाव ने वैश्विक निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है।

कच्चे तेल में फिर आई तेजी

जियो पॉलिटिकल टेंशन का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल की कीमतों पर देखने को मिला। लगातार दूसरे दिन अमेरिकी कार्रवाई के बाद वैश्विक बाजार में तेल की सप्लाई प्रभावित होने की आशंका बढ़ गई। ब्रेंट क्रूड 1 फीसदी तक चढ़कर 79 डॉलर प्रति बैरल के करीब ट्रेड कर रहा। इससे पहले पिछले कारोबारी सत्र में इसमें 6 फीसदी से अधिक की तेजी आई थी। वहीं वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) भी 74 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर पहुंच कर ट्रेड कर रहा है। पिछले दो कारोबारी सत्रों में दोनों बेंचमार्क में कुल मिलाकर करीब 7 फीसदी तक की बढ़त दर्ज की गई है।

ट्रंप के बयान ने बढ़ाई चिंता

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने संकेत दिया है कि अब वह ईरान के साथ किसी नए समझौते के पक्ष में नहीं हैं। इससे पहले उन्होंने यह भी कहा था कि दोनों देशों के बीच संघर्ष विराम अब समाप्त हो चुका है। ट्रंप ने यह भी चेतावनी दी कि अगर हालात नहीं सुधरे तो ईरान के प्रमुख तेल निर्यात केंद्र खार्ग द्वीप (Kharg Island) को लेकर भी आगे कार्रवाई की जा सकती है। इन बयानों के बाद वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ गई है।

यह भी पढ़ें- Stocks to Watch Today 9 July: TVS Motor, NALCO, TCS, SBI समेत निवेशकों की रडार पर रहेंगे ये शेयर्स, दिख सकती है बड़ी मूवमेंट

अमेरिकी बाजारों पर भी दिखा असर

बढ़ती तेल कीमतों और जियो पॉलिटिकल टेंशन का असर वॉल स्ट्रीट पर भी दिखाई दिया। बुधवार को डॉव जोंस 576 अंकों से अधिक टूट गया। एसएंडपी 500 भी गिरावट के साथ बंद हुआ, जबकि तकनीकी शेयरों में खरीदारी के चलते नैस्डैक कंपोजिट हल्की बढ़त दर्ज करने में सफल रहा। बाजार को चिंता है कि अगर तेल की कीमतें लगातार ऊंचे स्तर पर बनी रहीं तो महंगाई दोबारा बढ़ सकती है। ऐसे में अमेरिकी फेडरल रिजर्व ब्याज दरों में कटौती को और आगे टाल सकता है।

भारतीय बाजार के लिए क्यों अहम हैं ये संकेत?

बुधवार को घरेलू शेयर बाजार में आई तेज गिरावट के बाद अब निवेशकों की नजर आज गुरुवार, 9 जुलाई के वैश्विक संकेतों पर है। Gift-Nifty की बात करें तो वह इंडेक्स फिलहाल बढ़त के साथ ट्रेड कर रहा है। गिफ्ट-निफ्टी 106 अंक या 0.44 फीसदी उछलकर 23,984 के स्तर पर ट्रेड कर रहा है। इससे यही संकेत मिलता है कि भारतीय बाजार की शुरुआत पॉजिटिव हो सकती है।

यह भी पढ़ें- US-Iran Tension: …तो अंजाम और बुरा होगा – ट्रंप की ईरान को दो टूक, अमेरिकी विमानों ने चाबहार में बरसाए बम

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

Leave a Reply

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *