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US Strikes Iran: चाबहार पोर्ट पर अमेरिका का बड़ा हमला! 10 धमाकों से दहला ईरान, कंट्रोल टॉवर जमींदोज, आधे शहर की बत्ती गुल
US Strikes Iran: चाबहार पोर्ट पर अमेरिका का बड़ा हमला! 10 धमाकों से दहला ईरान, कंट्रोल टॉवर जमींदोज, आधे शहर की बत्ती गुल

US Strikes Iran: चाबहार पोर्ट पर अमेरिका का बड़ा हमला! 10 धमाकों से दहला ईरान, कंट्रोल टॉवर जमींदोज, आधे शहर की बत्ती गुल

US Strikes Iran Chabahar Port: मिडिल ईस्ट में जारी महायुद्ध अब बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की धमकी के बाद अमेरिकी सेना ने गुरुवार को ईरान के सबसे रणनीतिक और इकलौते महासागरीय बंदरगाह चाबहार पर भीषण हवाई हमले किए हैं। इस हमले में भारत के लिहाज से भी बेहद महत्वपूर्ण माने जाने वाले चाबहार पोर्ट को भारी नुकसान पहुंचा है।

यह कार्रवाई राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के कुछ ही घंटों बाद हुई है, जिसमें उन्होंने ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर हमले नहीं रुके तो अंजाम ‘बहुत ज्यादा बदतर’ होगा।

10 धमाकों से दहला चाबहार, मरीन ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर पूरी तरह तबाह

ईरानी सरकारी मीडिया और स्थानीय निवासियों के मुताबिक, अमेरिकी एयरस्ट्राइक के दौरान चाबहार और उसके पड़ोसी शहर कोनारक (Konarak) में एक के बाद एक करीब 10 भीषण धमाकों की आवाज सुनी गई।

चाबहार फ्री जोन ऑर्गनाइजेशन के प्रमुख ने पुष्टि की है कि हमले में बंदरगाह का मुख्य मरीन ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर पूरी तरह से नष्ट हो गया है। यह टॉवर जहाजों की आवाजाही को नियंत्रित करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण था।

ईरान के सरकारी ब्रॉडकास्टर IRIB के अनुसार, मिसाइलों और प्रोजेक्टाइल्स ने चाबहार के दो सबसे प्रमुख पियर्स शाहिद बेहिश्ती डॉक और कलंतरी डॉक को निशाना बनाया।

आधे शहर की बत्ती गुल, कटीं बिजली की लाइनें

इस भीषण बमबारी के कारण चाबहार शहर में इंफ्रास्ट्रक्चर को भारी नुकसान हुआ है। हमले के तुरंत बाद चाबहार के लगभग आधे हिस्से में बिजली पूरी तरह से गुल हो गई।सिस्तान और बलूचिस्तान प्रांत के बिजली प्रमुख के मुताबिक, अमेरिकी हमलों में तीन मुख्य पावर लाइनें कट गईं, जिनमें से दो को बहाल कर दिया गया है और तीसरी पर काम जारी है।

क्यों रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है चाबहार पोर्ट?

ओमान की खाड़ी में और ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ के ठीक बाहर स्थित चाबहार, ईरान का एकमात्र ऐसा बंदरगाह है जो सीधे महासागर से जुड़ता है। यह ईरान का सबसे बड़ा समुद्री गेटवे है। इसके मरीन ट्रैफिक कंट्रोल टॉवर और डॉक्स को निशाना बनाकर अमेरिका ने ईरान की समुद्री ताकत और व्यापारिक रीढ़ को सीधे तौर पर तोड़ने का प्रयास किया है।

ट्रंप की ट्रुथ सोशल पर सीधी चेतावनी

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) का कहना है कि यह कार्रवाई ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ में अंतरराष्ट्रीय जहाजों की सुरक्षा और फ्री नेविगेशन सुनिश्चित करने के लिए की गई है। इससे पहले डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘ट्रुथ सोशल’ पर लिखा था, ‘यह ईरान द्वारा कल हमारे जहाजों पर की गई बमबारी का करारा जवाब है। अगर यह दोबारा हुआ, तो अंजाम इससे भी कहीं ज्यादा बदतर होगा!’

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