ऑपरेशन के बीच में ही आ गया होश…! 10 साल की बहन को खोने वाले इन्फ्लुएंसर भाई ने यूपी के अस्पताल का खौफनाक हाल सुनाया
कंटेंट क्रिएटर और ऑन्टोप्रेन्योर यश प्रताप सिंह ने सोशल मीडिया पर एक इमोशनल वीडियो शेयर किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश के रायबरेली के एक निजी अस्पताल की लापरवाही के कारण उनकी 10 साल की बहन की मौत हो गई। यश ने बताया कि उनकी बहन का टॉन्सिल का ऑपरेशन रायबरेली के शाश्वत अस्पताल में डॉ. अमित सिंह की देखरेख में कराया गया था। उनके अनुसार, यह एक सामान्य सर्जरी थी, लेकिन ऑपरेशन के बाद बच्ची की मौत हो गई।
वीडियो में यश अपने परिवार के साथ बहन का शव घर ले जाते हुए दिखाई देते हैं। उन्होंने दावा किया कि डॉक्टरों ने बताया था कि ऑपरेशन सफल रहा, लेकिन ऑपरेशन के दौरान अचानक स्थिति बिगड़ गई। यश का आरोप है कि ऑपरेशन के समय बच्ची को दिए गए एनेस्थीसिया (बेहोशी की दवा) में गड़बड़ी हुई। उनका कहना है कि सर्जरी के बीच में ही उनकी बहन को होश आ गया और वह दर्द से चिल्लाने लगी। इस घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों में गुस्सा है और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों पर कार्रवाई की मांग की जा रही है।
10 साल की बच्ची की मौत पर परिवार ने अस्पताल पर लगाए गंभीर आरोप
यश प्रताप सिंह ने आरोप लगाया कि ऑपरेशन के दौरान उनकी बहन की हालत अचानक बिगड़ गई। उन्होंने बताया कि बच्ची की चीख सुनकर परिवार के सभी लोग ऑपरेशन थिएटर के बाहर पहुंच गए। उनका दावा है कि डॉक्टर बच्ची को बिना स्ट्रेचर के बाहर लेकर आए, जबकि वह दर्द से रो रही थी। यश के अनुसार, कुछ देर बाद डॉक्टरों ने बच्ची को एक इंजेक्शन लगाया। इसके तुरंत बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। उन्होंने कहा कि कुछ ही सेकंड में उसकी धड़कन और सांसें रुक गईं और उसकी आंखें पलट गईं।
This is Yash Pratap Singh. His younger sister is no longer with us, and the family alleges that her death resulted from medical negligence.
According to the family, she underwent a routine tonsillitis surgery at Saswat Hospital in Raebareli district. During the operation, they… pic.twitter.com/nO90fBtjFq
— Sona (@itz_sona6695) July 8, 2026
उन्होंने बताया कि डॉक्टरों ने तुरंत सीपीआर (CPR) देकर बच्ची को बचाने की कोशिश की। इसके बाद परिवार को बताया गया कि बच्ची को वेंटिलेटर पर रखना होगा और बेहतर इलाज के लिए उसे लखनऊ ले जाना पड़ेगा। यश के मुताबिक, उनकी बहन सात दिन तक वेंटिलेटर पर जिंदगी की जंग लड़ती रही, लेकिन आखिरकार उसकी मौत हो गई। परिवार का आरोप है कि यह पूरी घटना अस्पताल की मेडिकल लापरवाही का नतीजा है। उन्होंने डॉक्टर और अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साथ ही लोगों से अपील की है कि इस मामले को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तक पहुंचाने के लिए सोशल मीडिया पर उन्हें टैग करें।
सोशल मीडिया पर उठी जांच और कार्रवाई की मांग
यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। बड़ी संख्या में लोगों ने बच्ची के परिवार के प्रति संवेदना जताई है। वहीं, कई लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और अस्पताल व डॉक्टर के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। एक यूजर ने लिखा, “टॉन्सिल के ऑपरेशन से किसी की मौत होने की बात कभी नहीं सुनी। अगर ऐसा हुआ है तो यह गंभीर लापरवाही का मामला है और इसकी पूरी जांच होनी चाहिए।” एक अन्य यूजर ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री कार्यालय और यूपी पुलिस को टैग करते हुए अस्पताल के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
एक और व्यक्ति ने लिखा कि बच्ची और उसके परिवार को न्याय मिलना चाहिए और यदि जांच में लापरवाही साबित होती है तो अस्पताल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। कुछ लोगों ने यह भी मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाए। वहीं, कई यूजर्स का कहना है कि अगर मेडिकल लापरवाही साबित होती है तो ऐसे डॉक्टरों और अस्पतालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों।
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