8th Pay Commission : कोलकाता में कल भी आठवें वेतन आयोग की बैठक, फिटमेंट फैक्टर से लेकर OPS तक कई बड़े मुद्दों पर चर्चा, क्या वेतन बढ़ोतरी पर होगा फैसला?
8th Pay Commission : आठवें वेतन आयोग को लेकर केंद्रीय कर्मचारियों (Central Government Employee) और पेंशनर्स की उम्मीदें लगातार बढ़ रही हैं। आयोग देश के अलग-अलग हिस्सों में कर्मचारी संगठनों और पक्षों से सुझाव जुटा रहा है। इसी कड़ी में गुरुवार 9 जुलाई 2026 से कोलकाता में दो दिवसीय बैठक शुरू हुई है, जो शुक्रवार तक चलेगी। इस बैठक में फिटमेंट फैक्टर, न्यूनतम बेसिक सैलरी, पेंशन, महंगाई भत्ता (DA), हाउस रेंट अलाउंस (HRA), MACP और पुरानी पेंशन योजना (OPS) जैसे कई अहम मुद्दों पर चर्चा हो रही है। हालांकि, इस बैठक में वेतन बढ़ोतरी पर किसी अंतिम फैसले की उम्मीद नहीं है।
आठवें वेतन आयोग की इस बैठक में कर्मचारी संगठनों, पेंशनर्स और अन्य पक्षों के सुझाव लिए जा रहे हैं। सबसे अधिक फोकस फिटमेंट फैक्टर पर रहने की संभावना है, क्योंकि इसी के आधार पर कर्मचारियों की नई बेसिक सैलरी तय होगी।
क्या हैं प्रमुख मांगे
- 7वें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर 2.57 था, जबकि अब कई कर्मचारी संगठन इसे 3.8 तक बढ़ाने की मांग कर रहे हैं।
- भारतीय प्रतिरक्षा मजदूर संघ (BPMS) ने 4.0 फिटमेंट फैक्टर की मांग की है। यदि ऐसा होता है तो मिनिमम बेसिक सैलरी करीब 72,000 रुपये तक पहुंच सकती है।
- नेशनल काउंसिल (JCM) स्टाफ साइड (NCJCM) ने 3.833 फिटमेंट फैक्टर का प्रस्ताव आयोग के सामने रखा है।
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फिटमेंट फैक्टर बढ़ा तो बेसिक सैलरी पर होगा असर
वर्तमान में 7वें वेतन आयोग के तहत केंद्र सरकार के कर्मचारियों की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये है। यदि आठवें वेतन आयोग में फिटमेंट फैक्टर बढ़ाया जाता है तो न्यूनतम बेसिक वेतन में भी उल्लेखनीय बढ़ोतरी हो सकती है। हालांकि अंतिम आंकड़ा आयोग की सिफारिशों और केंद्र सरकार के फैसले पर निर्भर करेगा।
चर्चे में OPS बनाम UPS का मुद्दा भी
बैठक में कुछ कर्मचारी संगठन पुरानी पेंशन योजना (OPS) को दोबारा लागू करने की मांग भी उठा सकते हैं। हालांकि केंद्र सरकार यूनिफाइड पेंशन स्कीम (UPS) लागू कर चुकी है, फिर भी कई कर्मचारी संगठन OPS की बहाली की मांग पर कायम हैं।
इन अहम मुद्दों पर भी चर्चा जारी
कोलकाता बैठक में सिर्फ वेतन ही नहीं, बल्कि कर्मचारियों और पेंशनर्स से जुड़े कई अन्य विषयों पर भी सुझाव लिए जा रहे हैं। इनमें शामिल हैं:
- हाउस रेंट अलाउंस (HRA) में बदलाव
- पेंशनर्स के लिए महंगाई राहत (Dearness Relief) की व्यवस्था
- बेहतर चिकित्सा सुविधाएं
- MACP (Modified Assured Career Progression) योजना में सुधार
- पेंशन से जुड़े अन्य सुधारात्मक सुझाव
कई कर्मचारियों को उम्मीद है कि इस बैठक के बाद वेतन बढ़ोतरी को लेकर कोई बड़ी घोषणा हो सकती है। लेकिन फिलहाल ऐसा होने की संभावना नहीं है। यह बैठक परामर्श का हिस्सा है, जिसमें आयोग विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पक्षों के सुझाव एकत्र कर रहा है। इन सुझावों के आधार पर आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट तैयार करेगा, जिसे बाद में केंद्र सरकार को सौंपा जाएगा। अंतिम फैसला सरकार द्वारा आयोग की सिफारिशों पर विचार करने के बाद ही लिया जाएगा।
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पहले इन शहरों में भी हो चुकी हैं बैठकें
कोलकाता से पहले आठवें वेतन आयोग भुवनेश्वर, दिल्ली, लखनऊ, हैदराबाद, श्रीनगर और लद्दाख में भी पक्षों के साथ बैठकें कर चुका है। इन बैठकों का उद्देश्य देशभर के कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स की राय लेकर एक व्यापक रिपोर्ट तैयार करना है, ताकि नई वेतन संरचना और पेंशन व्यवस्था पर संतुलित सिफारिशें दी जा सकें।

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