Market cues : शॉर्ट टर्म में मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद, 24200–24300 के ऊपर टिकने पर ही निफ्टी में तेजी मुमकिन
Trade setup for today : एक दिन की बिकवाली के बाद 9 जुलाई को निफ्टी में जबरदस्त रिकवरी हुई,लेकिन यह दिन के हाई से थोड़ा नीचे बंद हुआ। एक लंबी रेड कैंडल बनने के बाद’बुलिश रिवर्सल’जैसा पैटर्न बनने से और रिकवरी की उम्मीदें जगी हैं,बशर्ते इंडेक्स 23,800 के सपोर्ट लेवल को बनाए रखे और अगले सेशन में रैली के साथ इस रिवर्सल की पुष्टि करे। कुल मिलाकर शॉर्ट टर्म में मार्केट में उतार-चढ़ाव बने रहने की उम्मीद है। अगर निफ्टी लगातार 24,200–24,300 के जोन के ऊपर बना रहता है,तो बुल्स फिर से एक्टिव हो सकते हैं। तब तक,एक तय दायरे में ट्रेडिंग और कंसोलिडेशन जारी रह सकता है। निफ्टी के लिए 23,800 का लेवल अहम सपोर्ट का काम करेगा। जानकारों के मुताबिक,इस लेवल से नीचे बड़ी गिरावट आने पर ही निफ्टी 23,600 की तरफ फिसल सकता है।
यहां आपको कुछ ऐसे आंकड़े दे रहे हैं जिनके आधार पर आपको मुनाफे वाले सौदे पकड़ने में आसानी होगी।
Nifty के लिए की सपोर्ट और रजिस्टेंस लेवल
पिवट प्वांइट पर आधारित सपोर्ट : 23,928, 23,879 और 23,799
पिवट प्वांइट पर आधारित रजिस्टेंस : 24,088, 24,137 और 24,217
डेली टाइमफ्रेम पर,एक बड़ी रेड कैंडल बनने के बाद निफ्टी ने एक छोटी बुलिश कैंडल बनाई,जिसकी ऊपरी शैडो लंबी थी। यह’इनवर्टेड हैमर’पैटर्न जैसा दिखता है। आम तौर पर,बड़ी गिरावट के बाद ऐसा पैटर्न बनना बुलिश रिवर्सल का संकेत माना जाता है,बशर्ते इंडेक्स अगले सेशन में इसकी पुष्टि करे। इंडेक्स 50-दिन के EMA के ऊपर बंद हुआ,लेकिन प्रॉफिट बुकिंग के कारण 20-दिन और 100-दिन के EMA के ऊपर टिक नहीं पाया। RSI बढ़कर 50.43 हो गया, लेकिन यह रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। वहीं,MACD में’बेयरिश क्रॉसओवर’होने वाला है और हिस्टोग्राम बार लगभग जीरो लाइन तक सिकुड़ गया है। इन सब बातों से पता चलता है कि इंडेक्स एक अहम मोड़ पर है और आने वाले कुछ सेशन से इसकी पुष्टि होने के बाद ही पता चलेगा कि यह किस दिशा में आगे बढ़ेगा।
बैंक निफ्टी
पिवट पॉइंट्स के आधार पर रेजिस्टेंस: 57,423, 57,564 और 57,792
पिवट पॉइंट्स के आधार पर सपोर्ट: 56,967, 56,826 और 56,598
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर रेजिस्टेंस: 59,195, 61,717
फाइबोनैचि रिट्रेसमेंट के आधार पर सपोर्ट: 56,441, 55,742
डेली चार्ट पर,एक लंबी बेयरिश कैंडल के बाद बैंक निफ्टी ने एक बुलिश कैंडल बनाई,जो’बुलिश हरामी’कैंडलस्टिक पैटर्न जैसा दिखता है। इसे आम तौर पर बुलिश रिवर्सल पैटर्न माना जाता है,लेकिन इसके लिए अगले सेशन में कन्फर्मेशन की जरूरत होती है। इंडेक्स 20-दिन के EMA के ऊपर बंद हुआ और अपने मीडियम और लॉन्ग-टर्म मूविंग एवरेज के ऊपर बना रहा। RSI बढ़कर 52.7 हो गया,हालांकि यह रेफरेंस लाइन से नीचे ही रहा। वहीं, MACD में बेयरिश क्रॉसओवर बना रहा और हिस्टोग्राम की लाल बार लगातार तीसरे सेशन में भी बढ़ती रहीं। इन सबसे पता चलता है कि भले ही प्राइस एक्शन पॉजिटिव हो गया है, लेकिन जब तक और कन्फर्मेशन नहीं मिल जाता,तब तक मोमेंटम इंडिकेटर्स के मामले में सावधानी बरतनी चाहिए।
एफआईआई और डीआईआई फंड फ्लो
इंडिया VIX
पिछले सेशन में 26 प्रतिशत की बढ़त के बाद,गुरुवार को मार्केट में होने वाले उतार-चढ़ाव को मापने वाले India VIX में 8.97 प्रतिशत की भारी गिरावट आई और यह 13.36 पर आ गया। यह बुल्स के लिए बेहतर स्थिति का संकेत है। हालांकि,बुल्स के लिए मजबूत और आरामदायक स्थिति में आने के लिए इसके 11 के स्तर से नीचे आना जरूरी है।
Asian Market Today: चिप शेयरों में तेजी से एशिया मार्केट में उछाल, निक्केई 2%, कोस्पी 4% चढ़ा
पुट कॉल रेशियो
बाजार के मूड को दर्शाने वाला निफ्टी पुट-कॉल रेशियो 9 जुलाई को पिछले सेशन के 0.81 से बढ़कर 0.94 हो गया। गौरतलब है कि 0.7 से ऊपर या 1 को पार पीसीआर का जाना आम तौर पर तेजी की भावना का संकेत माना जाता है। जबकि 0.7 से नीचे या 0.5 की ओर गिरने वाला अनुपात मंदी की भावना का संकेत होता है।
F&O बैन के अंतर्गत आने वाले स्टॉक
F&O सेगमेंट के अंतर्गत प्रतिबंधित प्रतिभूतियों में वे कंपनियां शामिल होती हैं, जिनके डेरिवेटिव अनुबंध मार्केट वाइड पोजीशन लिमिट के 95 फीसदी से ज्यादा हो जाती हैं।
एफएंडओ प्रतिबंध में नए शामिल स्टॉक: केन्स टेक्नोलॉजी इंडिया
एफएंडओ प्रतिबंध में पहले से शामिल स्टॉक: सम्मान कैपिटल
एफएंडओ प्रतिबंध से हटाए गए स्टॉक: कोई नहीं
डिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए विचार एक्सपर्ट के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदाई नहीं है। यूजर्स को मनी कंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
Leave a Reply