TCS Share Target Price: तिमाही नतीजों के बाद क्या करें निवेशक? 3 ब्रोकरेज ने जारी की अलग-अलग राय वाली रिपोर्ट, Buy-Sell-Hold?
TCS Share Target Price: देश की सबसे बड़ी आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी ने मुनाफे और राजस्व में बढ़ोतरी दर्ज की है, लेकिन ऑपरेशनल प्रदर्शन और डील ग्रोथ ने बाजार की उम्मीदों को पूरी तरह संतुष्ट नहीं किया। यही वजह है कि तिमाही नतीजों (TCS Q1 Results) के बाद अलग-अलग ब्रोकरेज हाउस की राय भी अलग-अलग देखने को मिली है। DAM Capital ने स्टॉक पर ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखी है। Emkay Global अब भी ‘Add’ की सलाह दे रहा है, जबकि Nirmal Bang Institutional Equities ने सबसे सतर्क रुख अपनाते हुए स्टॉक पर ‘Sell’ रेटिंग बनाए रखी है। ऐसे में सवाल यह है कि आखिर तीनों ब्रोकरेज की सोच में अंतर क्यों है और निवेशकों को किन बातों पर नजर रखनी चाहिए।
DAM Capital ने क्या दी सलाह?
DAM Capital का मानना है कि कंपनी का प्रदर्शन स्थिर जरूर रहा, लेकिन इसमें तेज ग्रोथ के संकेत अभी साफ नहीं हैं। ब्रोकरेज के अनुसार उपभोक्ता कारोबार, लाइफ साइंसेज और मैन्युफैक्चरिंग पर वैश्विक आर्थिक सुस्ती और जियो पॉलिटिकल अनिश्चितताओं का असर दिखाई दिया। इसके बावजूद प्रबंधन ने दूसरी तिमाही के लिए सकारात्मक संकेत दिए हैं और लाइफ साइंसेज, टेक्नोलॉजी सर्विसेज तथा मैन्युफैक्चरिंग में सुधार की उम्मीद जताई है।
हालांकि, DAM Capital का कहना है कि पूरे आईटी सेक्टर में व्यापक रिकवरी की उम्मीद करना अभी जल्दबाजी होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के कारण उत्पादकता बढ़ रही है, लेकिन इससे पारंपरिक आईटी सेवाओं में मूल्य निर्धारण (Pricing) पर दबाव भी बन रहा है। ब्रोकरेज ने 2,140 रुपये का टारगेट प्राइस देते हुए स्टॉक पर ‘Neutral’ रेटिंग बरकरार रखी है।
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Emkay Global ने कहा ‘Add’
Emkay Global की राय अपेक्षाकृत सकारात्मक है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘Add’ रेटिंग बनाए रखते हुए 2,600 रुपये का टारगेट प्राइस तय किया है। Emkay का कहना है कि पहली तिमाही में ऑपरेटिंग प्रदर्शन कमजोर रहा, लेकिन कंपनी की मजबूत डील पाइपलाइन भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत देती है। ब्रोकरेज ने विशेष रूप से AI कारोबार पर भरोसा जताया है। पहली तिमाही में AI Services से कंपनी को लगभग 650 मिलियन डॉलर का राजस्व मिला, जो कुल आय का करीब 8.5 फीसदी है।
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यह पिछले क्वार्टर के मुकाबले अच्छी बढ़ोतरी को दर्शाता है। Emkay का मानना है कि BFSI, टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज, भारत और एशिया-प्रशांत (APAC) क्षेत्र में सुधार जारी है। अगर दूसरी छमाही में लंबित टेक्नोलॉजी प्रोजेक्ट्स पर काम शुरू होता है, तो राजस्व वृद्धि की रफ्तार तेज हो सकती है। हालांकि ब्रोकरेज यह भी मानता है कि शेयर की री-रेटिंग तभी संभव होगी, जब आने वाली तिमाहियों में राजस्व वृद्धि स्पष्ट रूप से तेज होती दिखाई दे।
Nirmal Bang ने क्या कहा?
तीनों ब्रोकरेज में सबसे ज्यादा सतर्क रुख Nirmal Bang Institutional Equities ने अपनाया है। ब्रोकरेज के मुताबिक, पहली तिमाही के नतीजों में सबसे बड़ी चिंता कमजोर कॉन्स्टेंट करेंसी ग्रोथ और सीमित ऑर्डर बुक विस्तार रही। कंपनी का कुल कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू (TCV) 9.5 अरब डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर केवल मामूली बढ़ोतरी दिखाता है। इससे संकेत मिलता है कि बड़े ऑर्डर मिल रहे हैं, लेकिन उनकी रफ्तार अभी बहुत मजबूत नहीं है।
Nirmal Bang का कहना है कि पिछले चार-पांच तिमाहियों से कंपनी की राजस्व वृद्धि अपेक्षाकृत धीमी बनी हुई है और अब AI आधारित ऑटोमेशन का असर साफ दिखाई देने लगा है। जैसे-जैसे कंपनियां AI के जरिए अधिक उत्पादक बन रही हैं, पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग पर दबाव बढ़ सकता है। ब्रोकरेज का मानना है कि AI से दो तरह का प्रभाव पड़ रहा है। एक ओर नई AI परियोजनाएं मिल रही हैं, वहीं दूसरी ओर ऑटोमेशन के कारण पुराने प्रोजेक्ट्स का आकार छोटा हो रहा है। इससे राजस्व वृद्धि पर दबाव बना रह सकता है।
आखिर Nirmal Bang ने क्यों दी सेल रेटिंग?
हालांकि कंपनी का AI कारोबार लगातार बढ़ रहा है। पहली तिमाही के आधार पर AI से वार्षिकीकृत (Annualised) राजस्व लगभग 2.6 अरब डॉलर तक पहुंच गया है। लेकिन Nirmal Bang का कहना है कि AI प्रोजेक्ट्स पारंपरिक लंबी अवधि के कांट्रैक्ट की तरह नहीं है। ज्यादातर प्रोजेक्ट तीन से छह महीने में पूरे हो जाते हैं, इसलिए इस कारोबार में इनकम का उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। इन्हीं कारणों से ब्रोकरेज ने ‘Sell’ रेटिंग दोहराते हुए टारगेट प्राइस 1,682 रुपये रखा है।
Q1 में कैसा रहा TCS का प्रदर्शन?
पहली तिमाही में कंपनी का कॉन्स्टेंट करेंसी (CC) आधार पर राजस्व केवल 0.4 फीसदी बढ़ा, जबकि सालाना आधार पर वृद्धि 3.2 फीसदी रही। भारत का कारोबार मजबूत रहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग अपेक्षाकृत कमजोर बनी रही। बैंकिंग, फाइनेंशियल सर्विसेज (BFSI) और टेक्नोलॉजी एंड सर्विसेज वर्टिकल ने कुछ सहारा दिया, जबकि कंज्यूमर बिजनेस, लाइफ साइंसेज और मैन्युफैक्चरिंग जैसे प्रमुख क्षेत्रों में गिरावट दर्ज की गई।
कंपनी का EBIT मार्जिन घटकर 24 फीसदी पर आ गया। इसकी मुख्य वजह कर्मचारियों के लिए लागू की गई वार्षिक वेतन वृद्धि रही, जिससे मार्जिन पर करीब 170 बेसिस प्वाइंट का दबाव पड़ा। हालांकि, करेंसी मूवमेंट और ऑपरेशनल एफिशिएंसी से इसका कुछ असर कम हुआ। तिमाही के दौरान कंपनी ने 9.5 अरब डॉलर के नए ऑर्डर हासिल किए। इनमें SKF Group के साथ लगभग 800 मिलियन डॉलर की एक बड़ी AI आधारित ट्रांसफॉर्मेशन डील भी शामिल रही। कंपनी ने करीब 9,300 कर्मचारियों की नेट भर्ती भी की।
निवेशकों के लिए क्या है संकेत?
तीनों ब्रोकरेज की रिपोर्ट से एक बात स्पष्ट निकलकर सामने आती है कि TCS की बैलेंस शीट, डील पाइपलाइन और बाजार में स्थिति मजबूत बनी हुई है, लेकिन निकट अवधि में राजस्व वृद्धि सबसे बड़ी चुनौती है। अगर दूसरी तिमाही से अंतरराष्ट्रीय बाजारों में मांग सुधरती है, बड़े प्रोजेक्ट्स का निष्पादन तेज होता है और AI आधारित नए कारोबार से अतिरिक्त आय मिलने लगती है, तो शेयर के प्रदर्शन में सुधार देखने को मिल सकता है।
Disclaimer: शेयर को लेकर सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं। यह ET NOW Swadesh के निजी विचार नहीं हैं। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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