HDFC Bank में 3,343 कर्मचारियों की हुई कटौती-AI और ऑटोमेशन का असर
देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank ने वित्त वर्ष 2025-26 (मार्च 2026 तक) में अपने कुल कर्मचारियों की संख्या 3,343 घटाकर 2,11,178 कर दी है। बैंक की सालाना रिपोर्ट के मुताबिक इस दौरान नई भर्तियों में भी 3,811 की कमी आई। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार सबसे ज्यादा असर ऑपरेशनल और बैक-ऑफिस से जुड़े क्लेरिकल और सपोर्ट स्टाफ कर्मचारियों पर पड़ा, जिनकी संख्या 8,000 से ज्यादा घटकर 1,62,797 रह गई।
बैंक अब ऑटोमेशन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का ज्यादा इस्तेमाल कर रहा है, ताकि रेगुलर काम मशीनों से कराए जा सकें और कर्मचारियों को ग्राहकों से जुड़े कामों में लगाया जा सके। कुल कर्मचारियों में से नॉन-सुपरवाइजरी कर्मचारी, जिन्हें अक्सर वर्कमैन या क्लर्क और सबऑर्डिनेट स्टाफ के तौर पर क्लासिफाइड किया जाता है- 8,000 से अधिक घटकर 162,797 रह गए।
कर्मचारियों को नई तकनीक सीखनी होगी
बैंक के एमडी और सीईओ शशिधर जगदीशन ने कहा कि HDFC Bank तेजी से टेक्नोलॉजी आधारित और ग्राहक-केंद्रित बैंक बनने की दिशा में काम कर रहा है, इसलिए कर्मचारियों को भी नई तकनीक के साथ खुद को तैयार करना होगा। हालांकि इस दौरान बैंक ने मिड-लेवल और जूनियर स्तर पर 1,252 और 3,543 कर्मचारियों की बढ़ोतरी की, जबकि सीनियर मैनेजमेंट में 15 नई नियुक्तियां हुई।
रिपोर्ट में बैंक ने इस साल सामने आए गवर्नेंस विवाद का भी जिक्र किया। मार्च में बैंक के पार्ट-टाइम चेयरमैन अतनु चक्रवर्ती ने कुछ इंटरनल प्रोसेस पर सवाल उठाते हुए इस्तीफा दे दिया था, जिससे निवेशकों की चिंता बढ़ गई थी और बैंक के शेयरों पर दबाव आया था।
इसके बाद HDFC Bank ने देशी और विदेशी लॉ फर्मों से स्वतंत्र जांच कराई, जिसमें चक्रवर्ती के आरोपों के समर्थन में कोई सबूत नहीं मिला। सीईओ जगदीशन ने कहा कि यह बैंक के लिए चुनौतीपूर्ण समय था, लेकिन बोर्ड की स्वतंत्र समिति ने पूरे मामले की निगरानी की और जांच प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा कराया।

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