Vietnam: ‘तूफान आते ही समंदर में कूदा और सब खत्म…’, वियतनाम नाव हादसे में जिंदा बचे शख्स ने सुनाई रोंगटे खड़े कर देने वाली कहानी
वियतनाम के मशहूर फू क्वोक द्वीप पर घूमने गए भारतीय पर्यटकों का खूबसूरत सफर शनिवार को एक बेहद दर्दनाक हादसे में बदल गया। फु क्वोक आइलैंड के पास स्पीडबोट पलटने से 15 भारतीय टूरिस्ट की मौत हो गई. वहां की सरकार ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। वियतनाम के फु क्वोक द्वीप के पास हुए दर्दनाक स्पीडबोट हादसे में बच निकले एक भारतीय पर्यटक ने उस खौफनाक पल को याद किया। उन्होंने बताया कि अचानक आए तेज तूफान की वजह से कुछ ही सेकंड में स्पीडबोट पलट गई। नाव पलटते ही कई यात्री उसके अंदर फंस गए और बाहर नहीं निकल सके।
‘तूफान आते ही समंदर में कूदा…’,
पर्यटक ने बचाव दल की भी जमकर तारीफ की। उनका कहना था कि अगर राहत और बचाव टीम समय पर नहीं पहुंचती, तो मरने वालों की संख्या और बढ़ सकती थी। उन्होंने यह भी बताया कि पास के द्वीप पर बेहतर मेडिकल सुविधाएं नहीं थीं, जिससे घायलों का इलाज करना मुश्किल हो गया था। इस हादसे के समय स्पीडबोट में 36 लोग सवार थे, जिनमें 32 भारतीय पर्यटक शामिल थे। यह हादसा फु क्वोक द्वीप के तट के पास हुआ। बाद में वियतनाम में भारतीय दूतावास ने पुष्टि की कि हादसे में जान गंवाने वाले सभी 15 लोग भारतीय नागरिक थे।
जिंदा बचे शख्स ने सुनाई आपबीती
हादसे में बच गए भारतीय पर्यटक निर्मल कुमार ने उस डरावने पल को याद करते हुए बताया कि उनका समूह एक द्वीप से दूसरे द्वीप जा रहा था। तभी बिना किसी चेतावनी के अचानक मौसम खराब हो गया और तेज तूफान आ गया। एएनआई से बातचीत में निर्मल कुमार ने कहा, “हम एक द्वीप से दूसरे द्वीप की ओर जा रहे थे। तभी अचानक तेज तूफान आ गया और कुछ ही सेकंड में नाव पलट गई। हम नाव के आगे वाले हिस्से में थे, इसलिए समुद्र में कूदकर अपनी जान बचा ली। लेकिन जो लोग नाव के अंदर थे, वे उसमें फंस गए। नाव पलटने के कारण वे बाहर नहीं निकल सके। हमारी नाव में 32 भारतीय पर्यटक सवार थे, जबकि आसपास मौजूद दूसरी नावों सहित कुल करीब 105 लोग इस यात्रा में शामिल थे।”
निर्मल कुमार ने बताया कि हादसे के बाद भारतीय अधिकारियों ने उनकी पूरी मदद की। उन्होंने कहा, “कल भारतीय अधिकारी यहां आए थे और जरूरी औपचारिकताएं पूरी कर रहे हैं। बाकी सभी लोग वापस लौट चुके हैं। हमारी कंपनी के चार लोग थे, जिनमें से मैं अभी भी यहीं रुका हुआ हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि बचाव दल समय पर पहुंच गया था, लेकिन हादसे के बाद मौके पर जरूरी मेडिकल सुविधाओं की कमी थी। निर्मल कुमार के मुताबिक, “बचाव टीम ने हमें सुरक्षित बाहर निकाल लिया, लेकिन जिस द्वीप पर हमें ले जाया गया, वहां इलाज के लिए जरूरी मेडिकल उपकरण और दवाएं नहीं थीं। हमारे साथ एक डॉक्टर भी यात्रा कर रहे थे। उनका कहना था कि अगर जरूरी दवाएं और सुविधाएं होतीं, तो शायद और लोगों की जान बचाई जा सकती थी। बाद में वियतनाम की वायु सेना करीब दो से तीन घंटे बाद पहुंची। इसके बाद उन्होंने हमारा इलाज कराया और आगे की मदद की।” यह दर्दनाक हादसा मशहूर पर्यटन स्थल फु क्वोक द्वीप के पास हुआ। फिलहाल स्थानीय अधिकारी हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं।
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