OIL India Share Price: ऑयल इंडिया का शेयर बना रॉकेट, ONGC को भी लगे पंख, जानिए वजह
तेल उत्पादक कंपनियों के शेयर 12 मई को रॉकेट बन गए। ऑयल इंडिया का शेयर 9 फीसदी उछल गया, जबकि ओएनजीसी के शेयरों में 6.6 फीसदी उछाल दिखा। हालांकि, बाद में यह तेजी थोड़ी सुस्त पड़ी। शेयरों में उछाल की वजह सीएलएसए की रिपोर्ट है। विदेशी ब्रोकरेज फर्म का मानना है कि क्रूड ऑयल और गैस प्रोडक्शन पर सरकार के रॉयल्टी में कमी का दोनों कंपनियों पर पॉजिटिव असर पड़ेगा।
सरकार ने क्रूड ऑयल, नेचुरल गैस और केसिंग हेड कंडेंसेट पर रॉयल्टी रेट में बदलाव किया है। इसका असर ऑयल उत्पादक कंपनियों के शेयरों पर 12 मई को दिखा। मध्यपूर्व में टेंशन की वजह से क्रूड ऑयल की सप्लाई घटी है। सरकार देश में तेल और गैस का उत्पादन बढ़ाना चाहती है। सरकार का मानना है कि तेल और गैस का घरेलू उत्पादन बढ़ने पर ऑयल के इंपोर्ट पर निर्भरता कम होगी।
सरकार ने पिछले साल ऑयलफील्ड रेगुलेटरी एंड डेवलपमेंट (ORD) एक्ट और पीएनजी रूल्स में बदलाव किया था। सरकार देश में ऑयल और गैस का उत्पादन बढ़ने के लिए पॉलिसी में बदलाव कर रही है। इससे ऑयल एंड गैस एक्सप्लोरेशन कंपनियों की ऑपरेशनल कॉस्ट में कमी आएगी। सरकार ऑयल के एक्सप्लोरेशन और प्रोडक्शन में निवेश आकर्षित करने की भी कोशिश कर रही है।
28 फरवरी को अमेरिका-ईरान के बीच लड़ाई शुरू होने के बाद क्रूड ऑयल की कीमतों में उछाल आया। 27 फरवरी को क्रूड का भाव 72 डॉलर प्रति बैरल था, जो अब 100 डॉलर के पार बना हुआ है। क्रूड की कीमतों में उछाल से सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को बड़ा नुकसान उठाना पड़ रहा है। एक अनुमान के मुताबिक, रोजाना कॉस्ट से कम कीमत पर पेट्रोल, डीजल और एलपीजी बेचने से इन कंपनियों को 1000 करोड़ रुपये का नुकसान हो रहा है।
सरकारी ऑयल कंपनियों ने अब तक नॉर्मल पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई है। लेकिन, अनुमान है कि जल्द कीमतें बढ़ाने का ऐलान हो सकता है। सरकारी ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने बीते 4 सालों से पेट्रोल और डीजल की कीमतें नहीं बढ़ाई हैं। लेकिन, क्रूड में उछाल के बाद अब कीमतों में वृद्धि को ज्यादा देर तक टाला नहीं जा सकता।
Leave a Reply