Stock Market Crash : निवेशकों के 8 लाख करोड़ से ज्यादा साफ; SENSEX 1000 अंक लुढ़का, बाजार में इन 6 कारणों से आई गिरावट
Stock Market Crash Today: आज हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन मंगलवार, 12 मई को भारतीय शेयर बाजार में तेज गिरावट देखने को मिल रही है। कारोबार की शुरुआत से ही बाजार दबाव में रहा और पूरे दिन लाल निशान में ट्रेड करता नजर आया। खबर लिखे जाने तक BSE Sensex 1,000 अंक से ज्यादा टूटकर करीब 74,998 पर पहुंच गया, जबकि NSE Nifty 50 291 अंक गिरकर 23,524 के नीचे फिसल गया। इस गिरावट से निवेशकों को बड़ा झटका लगा है और बाजार का कुल मार्केट कैप भी तेजी से घटा है। रुपये की कमजोरी, महंगा कच्चा तेल और वैश्विक तनाव के चलते बाजार में डर का माहौल बना हुआ है।
इस गिरावट के चलते BSE में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप भी घट गया। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों के कुल मार्केट कैप में 8 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा की कमी आई है, जिससे यह घटकर करीब 460 लाख करोड़ रुपये रह गया। आखिर आज ये गिरावट क्यों देखने को मिली है, आइए फटाफट इस पर एक नजर डालते हैं।
आज भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की 6 बड़ी वजह
– सबसे पहला बड़ा कारण रुपये की कमजोरी है। भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले गिरकर अपने अब तक के सबसे निचले स्तर 95.55 तक पहुंच गया है। जब रुपया कमजोर होता है, तो विदेश से आने वाला पैसा कम हो जाता है और निवेशक घबराने लगते हैं। इससे बाजार पर सीधा असर पड़ता है और बिकवाली बढ़ जाती है।
– दूसरा कारण कच्चे तेल की कीमतें हैं। इस समय ब्रेंट क्रूड 105 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बना हुआ है। भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है, ऐसे में तेल महंगा होने से देश की लागत बढ़ती है। इससे कंपनियों के मुनाफे पर दबाव आता है और बाजार में गिरावट देखने को मिलती है।
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– तीसरा बड़ा कारण मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव है। ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे विवाद और सीजफायर को लेकर अनिश्चितता ने निवेशकों को डरा दिया है। जब दुनिया में तनाव बढ़ता है, तो निवेशक सुरक्षित जगह पर पैसा लगाना पसंद करते हैं, जिससे शेयर बाजार में गिरावट आती है।
– चौथा कारण है विदेशी निवेशकों की बिकवाली। विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार से पैसा निकाल रहे हैं। हाल ही में उन्होंने हजारों करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। जब बड़े निवेशक पैसा निकालते हैं, तो बाजार पर दबाव बनता है और गिरावट तेज हो जाती है।
– पांचवां कारण बॉन्ड यील्ड का बढ़ना है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ रही है, जिससे निवेशकों को वहां ज्यादा सुरक्षित रिटर्न मिल रहा है। ऐसे में वे शेयर बाजार से पैसा निकालकर बॉन्ड में लगाते हैं, जिससे बाजार नीचे आता है।
– छठा कारण है निफ्टी का विकली एक्सपायरी डे। मंगलवार को निफ्टी F&O की एक्सपायरी होती है, जिस दिन बाजार में उतार-चढ़ाव ज्यादा रहता है। ट्रेडर्स अपनी पोजीशन बदलते हैं, जिससे बाजार में अचानक गिरावट या तेजी देखने को मिलती है।
सेक्टर की बात करें तो आईटी शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट रही। Infosys, TCS, Tech Mahindra और HCL Tech जैसे बड़े शेयर 2-3% तक टूट गए। वहीं बैंकिंग और फाइनेंस शेयरों में भी 1-2% की गिरावट देखी गई। हालांकि मेटल सेक्टर में थोड़ी मजबूती देखने को मिली।
कुल मिलाकर बाजार में माहौल कमजोर बना हुआ है। अगर रुपये में कमजोरी, तेल की कीमतें और वैश्विक तनाव ऐसे ही बने रहते हैं, तो आने वाले दिनों में बाजार में दबाव बना रह सकता है। फिलहाल निवेशकों को सावधानी बरतने की जरूरत है, जल्दीबाजी में कोई भी फैसला लेने से भारी नुकसान झेलना पड सकता है।
(Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।)

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