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Q4 Results: रियल एस्टेट कंपनी का मुनाफा 14 गुना बढ़ा, रेवेन्यू में भी जोरदार उछाल; कर्ज भी घटा
Q4 Results: रियल एस्टेट कंपनी का मुनाफा 14 गुना बढ़ा, रेवेन्यू में भी जोरदार उछाल; कर्ज भी घटा

Q4 Results: रियल एस्टेट कंपनी का मुनाफा 14 गुना बढ़ा, रेवेन्यू में भी जोरदार उछाल; कर्ज भी घटा

Q4 Results: रियल एस्टेट कंपनी Kalpataru Ltd ने चौथी तिमाही में शानदार नतीजे पेश किए हैं। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर बढ़कर 200.5 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी का मुनाफा सिर्फ 14.1 करोड़ रुपये था। यानी कंपनी का मुनाफा करीब 1321 फीसदी बढ़ा है, जो लगभग 14.2 गुना की छलांग है।

रेवेन्यू में 183% की तेज बढ़त

चौथी तिमाही में Kalpataru की ऑपरेशनल इनकम 183.8 फीसदी बढ़कर 1693.7 करोड़ रुपये पहुंच गई। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी की आय 596.9 करोड़ रुपये थी।

वहीं EBITDA भी मजबूत सुधार के साथ 217.4 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। पिछले साल कंपनी को इसी अवधि में 19.7 करोड़ रुपये का EBITDA घाटा हुआ था।

प्री-सेल्स और कलेक्शन में भी मजबूती

ऑपरेशनल प्रदर्शन की बात करें तो मार्च तिमाही में कंपनी की प्री-सेल्स वैल्यू 6 फीसदी बढ़कर 1833 करोड़ रुपये हो गई। पिछले साल यह 1724 करोड़ रुपये थी। कलेक्शन 41 फीसदी बढ़कर 1487 करोड़ रुपये पहुंच गया, जो पिछले साल 1057 करोड़ रुपये था।

वहीं कुल बिकने वाला एरिया 1.15 मिलियन स्क्वॉयर फीट रहा, जो सालाना आधार पर 1 फीसदी बढ़ा। औसत बिक्री कीमत भी 6 फीसदी बढ़कर 15,969 रुपये प्रति स्क्वॉयर फीट पहुंच गई।

पूरे साल में कैसा रहा प्रदर्शन

FY26 में Kalpataru की ऑपरेशनल आय 55 फीसदी बढ़कर 3436 करोड़ रुपये हो गई।

कंपनी का एडजस्टेड EBITDA 50 फीसदी बढ़कर 1022 करोड़ रुपये पहुंच गया। EBITDA मार्जिन 29.8 फीसदी रहा। पूरे साल में कंपनी का PAT यानी प्रॉफिट आफ्टर टैक्स 80 करोड़ रुपये रहा।

FY26 में रिकॉर्ड प्री-सेल्स

पूरे FY26 के दौरान Kalpataru की प्री-सेल्स वैल्यू 17 फीसदी बढ़कर 5280 करोड़ रुपये पहुंच गई। वहीं कलेक्शन 34 फीसदी बढ़कर 4960 करोड़ रुपये हो गया।

हालांकि बिकने वाला एरिया 3 फीसदी घटकर 3.16 मिलियन स्क्वॉयर फीट रह गया। इसके बावजूद औसत बिक्री कीमत 20 फीसदी बढ़कर 16,719 रुपये प्रति स्क्वॉयर फीट पहुंच गई।

Kalpataru का कर्ज भी घटा

31 मार्च 2026 तक कंपनी का नेट डेट 8106 करोड़ रुपये रहा। वहीं नेट डेट टू इक्विटी रेशियो घटकर 2x पर आ गया, जो एक साल पहले 3.8x था।

इससे साफ है कि कंपनी ने बैलेंस शीट मजबूत करने और कर्ज घटाने पर भी फोकस किया है।

Kalpataru मैनेजमेंट ने क्या कहा

Kalpataru के मैनेजिंग डायरेक्टर पराग मुनोत ने कहा कि FY26 कंपनी के इतिहास में बड़ा बदलाव वाला साल रहा। इसी दौरान कंपनी की लिस्टिंग हुई और अब तक का सबसे मजबूत ऑपरेशनल प्रदर्शन देखने को मिला।

उन्होंने कहा कि मजबूत प्रोजेक्ट कंप्लीशन, अनुशासित पूंजी आवंटन और कर्ज घटाने की रणनीति से कंपनी की वित्तीय स्थिति और मजबूत हुई है।

नतीजों के दिन 12 मई को BSE पर Kalpataru का शेयर 0.25 फीसदी गिरकर 382.20 रुपये पर बंद हुआ।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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