पूर्व BJP विधायक की बेटी ने जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन के दौरान छेड़छाड़ का लगाया आरोप, कहा- वॉलंटियर ने इसे गलतियां तो हो ही जाती हैं…
इंस्टाग्राम पर शेयर की गई एक पोस्ट के अनुसार, उत्तर प्रदेश के पूर्व बीजेपी विधायक विक्रम सिंह की बेटी यशस्वी राजे सिंह ने आरोप लगाया है कि 24 जुलाई को जंतर-मंतर पर छात्रों के विरोध प्रदर्शन के दौरान एक व्यक्ति ने उनके साथ छेड़छाड़ की।
उन्होंने बताया कि घटना के समय वह अपनी बहन के साथ उस जगह पर मौजूद थीं, जहां मुख्य मंच के पास प्रदर्शन चल रहा था। उनके इंस्टाग्राम पोस्ट के अनुसार, जब वह भीड़ के बीच से निकलने की कोशिश कर रही थीं, तो एक बैरिकेड गिर गया, जिससे भगदड़ मच गई।
रिपोर्ट के मुताबिक, जब वह पीछे मुड़ीं, तो एक व्यक्ति ने उन्हें गलत तरीके से छूने की कोशिश की। उन्होंने अपनी पोस्ट में लिखा, “मेरे पीछे खड़े एक व्यक्ति ने मुझे गलत तरीके से छूने और जबरदस्ती मेरे पैरों के बीच हाथ डालने की कोशिश की।”
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उन्होंने बताया कि इसके जवाब में उन्होंने उस आदमी को तीन थप्पड़ मारे। हालांकि, उन्होंने कहा कि हमलावर का सामना करने के बजाय, उन्हें ही वहां मौजूद दूसरे पुरुषों की डांट-फटकार सुननी पड़ी। यशस्विनी का आरोप है कि एक पुरुष वॉलंटियर ने वहां मौजूद होने के लिए उन पर बार-बार चिल्लाया, जबकि एक दूसरे वॉलंटियर ने घटना को यह कहकर टाल दिया कि “ऐसी गलतियां तो होती रहती हैं।”
‘मिड-डे’ की रिपोर्ट के मुताबिक, जून में सोशल मीडिया पर अपनी लाइफ़स्टाइल से जुड़ी तस्वीरें वायरल होने के बाद यशस्वी चर्चा में आई थीं। कई पोस्ट में यह कहा गया था कि वह अपनी डाइट में बीफ़ शामिल करती हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एक ऑनलाइन बातचीत के दौरान ‘बीफ़ ग्लास नूडल्स’ को अपनी पसंदीदा डिश बताने के बाद वह सुर्खियों में आ गई थीं।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि इस खुलासे से ऑनलाइन बहस छिड़ गई, क्योंकि उनके पिता विक्रम सिंह गायों की सुरक्षा से जुड़ी राजनीति से जुड़े रहे हैं। ऐसे में उनकी निजी पसंद और पिता की राजनीतिक विचारधारा के बीच अंतर को लेकर सवाल उठाए गए।
विरोध-प्रदर्शन की घटना के बारे में उनके आरोपों के बाद, इंस्टाग्राम पर इस पोस्ट पर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं आईं। कई यूज़र्स ने इस घटना को अस्वीकार्य बताया, जबकि कुछ लोगों ने उनके दावों की सच्चाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि यह सब सिर्फ़ ध्यान खींचने के लिए किया गया था। हालांकि, ज़्यादातर लोगों ने यशस्वी का समर्थन किया।
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