Ace Investors Portfolio : कचोलिया से झुनझुनवाला तक, दिग्गज निवेशकों ने बेचे इन कंपनियों के स्टॉक, आपके पोर्टफोलियो में है कोई?
Ace Investors Portfolio: शेयर बाजार में दिग्गज निवेशकों के पोर्टफोलियो में होने वाला बदलाव अक्सर रिटेल निवेशकों के लिए अहम संकेत माना जाता है। खासतौर पर जब किसी बड़े निवेशक की किसी कंपनी में हिस्सेदारी एक तिमाही से दूसरी तिमाही में घटती है, तो बाजार की नजर उस स्टॉक पर टिक जाती है। जून 2026 तिमाही के उपलब्ध शेयरहोल्डिंग डेटा से संकेत मिलता है कि कई चर्चित निवेशकों ने कुछ शेयरों में अपनी हिस्सेदारी घटाकर 1 फीसदी से नीचे कर दी है। इनमें Ashish Kacholia, Dolly Khanna, Mukul Agrawal, Ashish Dhawan और Rekha Jhunjhunwala जैसे जाने-माने निवेशकों के पोर्टफोलियो से जुड़े नाम शामिल हैं।
Ashish Kacholia के इन शेयरों में घटा दांव
जाने-माने निवेशक Ashish Kacholia के पोर्टफोलियो में जून तिमाही के दौरान कुछ शेयरों में हिस्सेदारी 1 फीसदी से नीचे दिखाई दी। इनमें Walchandnagar Industries, SG Finserve और Jain Resource Recycling शामिल हैं। Walchandnagar Industries में कचोलिया (Ashish Kacholia Portfolio) की हिस्सेदारी इससे पहले की तिमाहियों में 1.5 फीसदी से 3.2 फीसदी के बीच रही थी। उपलब्ध डेटा के मुताबिक दिसंबर 2025 तक उनकी हिस्सेदारी 2.1 फीसदी थी, जबकि मार्च 2026 में यह 1.5 फीसदी रह गई।
जून तिमाही में यह 1 फीसदी से नीचे दिखाई दे रही है। यानी पिछले कुछ समय में इस निवेश में लगातार कमी देखने को मिली है। इसी तरह SG Finserve में भी हिस्सेदारी 2.4% से घटकर जून तिमाही में 1% से नीचे पहुंचती दिख रही है। वहीं Jain Resource Recycling में उनकी हिस्सेदारी पिछली तिमाहियों में करीब 1.1% रही थी, जो अब 1% की रिपोर्टिंग सीमा से नीचे दिखाई दे रही है।
Dolly Khanna के पोर्टफोलियो में भी कई बदलाव
दिग्गज निवेशक Dolly Khanna के पोर्टफोलियो में भी जून तिमाही में कुछ शेयरों को लेकर बदलाव देखने को मिला। उपलब्ध शेयरहोल्डिंग डेटा के मुताबिक Emkay Global, Rain Industries, Som Distilleries, Sharda Cropchem, Southern Petrochem और Coffee Day Enterprises में उनकी हिस्सेदारी 1% से नीचे दिखाई दे रही है। इनमें से कुछ कंपनियों में Dolly Khanna की हिस्सेदारी पहले 1% से ऊपर थी। उदाहरण के लिए Emkay Global में उनकी हिस्सेदारी पिछली तिमाहियों में 1.7% से 2.8% के बीच रही थी।
इसी तरह Som Distilleries में भी हिस्सेदारी एक समय 2.8% तक पहुंची थी, जो अब 1% से नीचे दिखाई दे रही है। Southern Petrochem में भी हिस्सेदारी पिछले कुछ क्वार्टर में 1.7% से 3% के बीच रही, लेकिन जून 2026 के उपलब्ध डेटा में यह 1% से कम नजर आ रही है। Coffee Day Enterprises में भी पिछले कुछ समय तक 1.6%-2.2% के आसपास हिस्सेदारी दर्ज थी।
Mukul Agrawal के इन शेयरों पर भी बदला एक्सपोजर
मशहूर निवेशक Mukul Agrawal के पोर्टफोलियो में भी जून तिमाही में कुछ नामों की हिस्सेदारी 1% से नीचे दिखाई दी है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक Radico Khaitan, Surya Roshni और Vikran Engineering में उनकी हिस्सेदारी अब 1% से कम नजर आ रही है। Radico Khaitan में उनकी हिस्सेदारी पिछले कई क्वार्टर में करीब 1.1% रही थी, जबकि Surya Roshni में यह लगभग 1% के आसपास बनी हुई थी। जून तिमाही में दोनों शेयरों के लिए डेटा 1% से नीचे दिख रहा है। वहीं, Vikran Engineering में भी पिछली तिमाहियों में Mukul Agrawal की हिस्सेदारी 1.2%-1.4% के बीच रही थी। अब यह 1% से नीचे दिखाई दे रही है।
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Ashish Dhawan का पोर्टफोलियो
Ashish Dhawan के पोर्टफोलियो में भी Equitas Small Finance Bank एक प्रमुख नाम रहा है। उपलब्ध डेटा के मुताबिक मार्च 2026 तक इस बैंक में उनकी हिस्सेदारी करीब 4% थी। इससे पहले भी उनकी हिस्सेदारी लगातार 3.5%-4% के आसपास बनी रही थी। लेकिन जून 2026 तिमाही के आंकड़ों में यह हिस्सेदारी 1% से नीचे दिखाई दे रही है। यानी पिछली तिमाही की तुलना में इस निवेश में बड़ा बदलाव हुआ है। हालांकि, इसे पूरी तरह एग्जिट कहना उचित नहीं होगा, क्योंकि 1% से कम हिस्सेदारी अभी भी संभव है और सार्वजनिक डेटा में उसका सटीक प्रतिशत उपलब्ध नहीं है।
Rekha Jhunjhunwala ने कहां से बनाई दूरी?
दिग्गज निवेशक Rekha Jhunjhunwala के पोर्टफोलियो में भी जून तिमाही में Raghav Productivity Enhancers को लेकर बदलाव दिखाई देता है। उपलब्ध डेटा के मुताबिक मार्च 2026 में कंपनी में उनकी हिस्सेदारी करीब 4.4% थी, जबकि इससे पहले के क्वार्टर में यह 4.8% के आसपास रही थी।
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ध्यान देने वाली बात
यहां एक जरूरी बात समझना जरूरी है। किसी कंपनी में हिस्सेदारी 1 फीसदी से नीचे आने का मतलब यह नहीं है कि निवेशक ने उस शेयर से पूरी तरह एग्जिट कर लिया है। कंपनियां आमतौर पर 1 फीसदी या उससे अधिक हिस्सेदारी रखने वाले प्रमुख शेयरधारकों की जानकारी सार्वजनिक करती हैं। ऐसे में अगर हिस्सेदारी 1 फीसदी से कम हो जाती है, तो शेयरहोल्डिंग डेटा में यह “Below 1%” के तौर पर दिखाई दे सकती है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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