Gems and Jewellery Exports : जेम्स-ज्वेलरी सेक्टर की चमक बरकरार, महंगे सोने के बावजूद बढ़ा एक्सपोर्ट
भारत के जेम्स एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट में अगस्त 2026 के दौरान सालाना आधार पर 3.14 फीसदी की बढ़ोतरी देखने को मिली है। जेम एंड ज्वेलरी एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल (GJEPC) के मुताबिक अगस्त में कुल एक्सपोर्ट बढ़कर 2.30 अरब डॉलर यानी करीब 21,945.87 करोड़ रुपये हो गया। पिछले साल अगस्त 2025 में यह 2.23 अरब डॉलर यानी 19,503.52 करोड़ रुपये था। वैल्यू-एडेड और तैयार ज्वेलरी की इंटरनेशनल मार्केट में बढ़ती मांग ने इस बढ़ोतरी में अहम भूमिका निभाई।
गोल्ड ज्वेलरी के एक्सपोर्ट में अच्छी तेजी देखने को मिली। प्लेन और स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी को मिलाकर कुल गोल्ड ज्वेलरी एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 11.81 फीसदी बढ़कर 999.83 मिलियन डॉलर यानी 9,546.12 करोड़ रुपये पहुंच गया। अमेरिका, हांगकांग, सिंगापुर, ब्रिटेन और फ्रांस जैसे प्रमुख बाजारों से मजबूत मांग ने इसमें मदद की।
प्लेन गोल्ड ज्वेलरी एक्सपोर्ट में गिरावट
हालांकि प्लेन गोल्ड ज्वेलरी के एक्सपोर्ट में गिरावट आई है। अगस्त में इसका एक्सपोर्ट सालाना आधार पर 23.90 फीसदी घटकर 356.97 मिलियन डॉलर यानी 3,408.32 करोड़ रुपये रह गया। इसकी बड़ी वजह सोने की ऊंची कीमतें और निर्यातकों के लिए ड्यूटी-फ्री गोल्ड की सीमित उपलब्धता रही। इससे कंपनियों की इनपुट कॉस्ट बढ़ी और प्लेन गोल्ड ज्वेलरी की इंटरनेशनल मार्केट में प्रतिस्पर्धा प्रभावित हुई।
दूसरी ओर स्टडेड गोल्ड ज्वेलरी के एक्सपोर्ट में जबरदस्त तेजी दर्ज की गई। इसका एक्सपोर्ट 51.22 फीसदी बढ़कर 642.85 मिलियन डॉलर यानी 6,137.81 करोड़ रुपये पहुंच गया। यह आंकड़ा दिखाता है कि विदेशी बाजारों में साधारण सोने के गहनों के मुकाबले तैयार और ज्यादा वैल्यू-एडेड ज्वेलरी की मांग तेजी से बढ़ रही है।
गोल्ड की कीमतों में तेजी
GJEPC के मुताबिक जुलाई से अगस्त 2026 के बीच सोने की कीमतों में भी तेज उछाल आया। जुलाई में सोने की कीमत 4,073.92 डॉलर प्रति औंस थी, जो अगस्त में 8.27 फीसदी बढ़कर 4,410.89 डॉलर प्रति औंस पहुंच गई। GJEPC के चेयरमैन किरीट भंसाली ने कहा कि अगस्त का प्रदर्शन भारतीय जेम्स और ज्वेलरी इंडस्ट्री की मजबूती और बदलती परिस्थितियों के हिसाब से खुद को ढालने की क्षमता को दिखाता है। मेटल्स और जेम्स की प्रोसेसिंग के साथ-साथ तैयार और ज्यादा वैल्यू वाले उत्पाद बनाने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
कट और पॉलिश्ड डायमंड के एक्सपोर्ट में मूल्य के हिसाब से गिरावट रही। अगस्त में इसका निर्यात 4.93 फीसदी घटकर 924.51 मिलियन डॉलर यानी 8,828.65 करोड़ रुपये रहा। हालांकि वॉल्यूम के लिहाज से इसमें बढ़ोतरी दर्ज की गई। अगस्त 2025 में 12.94 लाख कैरेट के मुकाबले अगस्त 2026 में कट और पॉलिश्ड डायमंड का निर्यात बढ़कर 13.36 लाख कैरेट हो गया, जो 3.23 फीसदी की बढ़ोतरी है।
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सिल्वर ज्वेलरी का एक्सपोर्ट गिरा
सिल्वर ज्वेलरी एक्सपोर्ट में बड़ी गिरावट देखने को मिली। अगस्त में सिल्वर ज्वेलरी का एक्सपोर्ट 39.66 फीसदी घटकर 86.68 मिलियन डॉलर यानी 827.20 करोड़ रुपये रह गया। वहीं, लैब-ग्रोन पॉलिश्ड डायमंड के निर्यात में मजबूत तेजी दर्ज हुई। इसका निर्यात 28.45 फीसदी बढ़कर 125.17 मिलियन डॉलर यानी 1,195.18 करोड़ रुपये पहुंच गया। हांगकांग, इजरायल, थाईलैंड, रूस और कनाडा से मजबूत मांग ने इसमें मदद की।

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