TCS Nashik Case: TCS ऑफिस में बढ़ा तनाव, भारी तोड़फोड के बीच कर्मचारियों को ‘वर्क फ्रॉम होम’ के आदेश
Last Updated on April 16, 2026 13:08, PM by Pawan
TCS Nashik Case: महाराष्ट्र के नासिक में टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के बीपीओ सेंटर में यौन उत्पीड़न और जबरन धर्म परिवर्तन के मामलों को लेकर चल रहे विवाद के बीच कामकाज को फिलहाल रोक दिया गया है। कर्मचारियों को गुरुवार को निर्देश दिया गया है कि अगली सूचना तक वे घर से ही काम करें।
कंपनी के एक अधिकारी ने stock market news को बताया कि यह फैसला कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। इस हफ्ते की शुरुआत में कुछ स्थानीय राजनीतिक दलों ने ऑफिस में तोड़फोड़ करने की कोशिश की थी, जिसके बाद यह कदम उठाया गया।
बता दें कि नासिक में TCS के बीपीओ यूनिट का ऑफिस स्पेस 5000 वर्ग फुट (sq ft) का है, जहां लगभग 170 कर्मचारी दो शिफ्टों में काम करते हैं। फिलहाल, नासिक पुलिस की एक टीम अशोका बिजनेस एन्क्लेव के गेट के बाहर तैनात है, जिसके अंदर TCS का ऑफिस स्थित है।
वहीं, कंपनी के एक अधिकारी ने उन दावों को खंडन किया है, जिसमें बताया गया है की पुलिस ने ऑफिस कैंपस को आधिकारिक रूप से सील कर लिया है।
अब तक क्या हुआ
गिरफ्तार किए गए लोगों में आसिफ अंसारी, शफी शेख, शाहरुख कुरैशी, रजा मेमन, तौसीफ अत्तार, दानिश शेख और अश्विनी चैनानी शामिल हैं। वहीं, 15 अप्रैल को चैनानी को पुलिस हिरासत से न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बाकी आरोपियों को अभी पुलिस हिरासत में रखा गया है और उनकी सुनवाई 16 अप्रैल को जिला अदालत में होनी है।
बता दें कि यह मामला सबसे पहले मार्च में तब सामने आया, जब TCS की नासिक बीपीओ यूनिट में काम करने वाली एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके एक सहकर्मी ने शादी का वादा करके उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए।
जांच के दौरान, पुलिस ने 2022 से 2026 के बीच हुए मानसिक और यौन उत्पीड़न से जुड़े आठ और FIR दर्ज किए हैं। इन मामलों में मानव संसाधन (HR) विभाग की ओर से कार्रवाई न करने के आरोप भी शामिल हैं।
खुफिया जानकारी के आधार पर की गई कार्रवाई
यह कार्रवाई नासिक पुलिस कमिश्नर कार्यालय को प्राप्त खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।दरअसल, नासिक पुलिस ने कुछ कॉन्स्टेबल्स को अंडरकवर भेजा था, जिन्होंने फरवरी से मार्च 2025 के बीच TCS कर्मचारियों के रूप में काम करके जानकारी जुटाई।
फिलहाल इस मामले की जांच SIT द्वारा की जा रहा है, जिसका नेतृत्व सहायक पुलिस आयुक्त (क्राइम) संदीप मिटके कर रहे हैं।
कंपनी ने क्या कहा?
टाटा संस के चेयरमैन एन चंद्रशेखरन ने नासिक यूनिट से सामने आ रहे आरोपों को “बेहद चिंताजनक और दुखद” बताते हुए गहन जांच के आदेश दिए हैं।
उन्होंने कहा, “इस घटना को अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है। आरोपी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है और कंपनी चल रही जांच में पूरा सहयोग दे रही है। टाटा ग्रुप अपने कर्मचारियों द्वारा किसी भी प्रकार के दबाव या दुर्व्यवहार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाता है।”
उन्होंने यह भी बताया कि इन शिकायतों की जांच के नेतृत्व के लिए TCS की COO आरती सुब्रमण्यम को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
