फिल्म- कृष्णावतारम- पार्ट वन द हर्ट (हृद्यम)
रेटिंग- 3.5 स्टार्स
निर्देशक- हार्दिक गज्जर
कलाकार- सिद्धार्थ गुप्ता,संस्कृती जयाना, सुष्मिता भट्ट और निवाशीनी कृष्णन
Krishnavataram Review: फिल्म कृष्णावतारम- पार्ट वन द हर्ट (हृद्यम), कोई लाउड, भारी-भरकम पौराणिक ड्रामा नहीं है, बल्कि यह फिल्म धीरे-धीरे दिल में उतरती है, जैसे कोई भजन जो पहली बार में नहीं, बल्कि सुनते-सुनते असर करता है। इस फिल्म की खासियत इसकी सादगी में छुपी रॉयलटी है। कहानी किसी बड़े वॉर या चमत्कारों पर नहीं टिकती बल्कि श्रीकृष्ण के ‘मन’ पर फोकस करती है। उनके रिश्ते, उनकी भावनाएं, और वो इंसानी पक्ष जो उन्हें और सबके करीब बना देता है।
फिल्म का पेस थोड़ा ठहरा हुआ है, लेकिन यही इसकी खूबसूरती भी है। यह आपको सीट से उठने नहीं देती है। फिल्म की कहानी और खूबसूरती आपको बांधे रखती है। इसके विजुअल्स पेंटिंग जैसे लगते हैं, और बैकग्राउंड म्यूजिक हर सीन को एक इमोशनल लेयर देता है। डायरेक्टर हार्दिक गज्जर ने यहां “बड़े” होने की कोशिश नहीं की, बल्कि “सच्चे” रहने की कोशिश की है, और यही बात फिल्म को खास बना देती है।
फिल्म के सेट को इतने अच्छे से बनाया गया है कि लगता ही नहीं है कि कोई नकली है। वहीं वीएफएक्स भी कमाल के हैं। एक आध जगह थोड़ी कमी रह जाती है, लेकिन ये भी साफ है कि इस फिल्म का बजट 4000 करोड़ रुपये नहीं है। ऐसे में वो भी जस्टीफाई है।
बतौर कृष्णा, सिद्धार्थ गुप्ता अलग हैं, यहां वो सिर्फ भगवान नहीं, बल्कि एक संवेदनशील इंसान जैसे भी हैं। उनकी आंखों में शांति है, लेकिन भीतर कई परतें भी हैं। राधा (सुष्मिता भट्ट) के साथ उनकी केमिस्ट्री बेहद सहज और सुकून देने वाली लगती है, जबकि सत्यभामा (संस्कृती जयाना) के साथ रिश्ते में एक अलग ही ऊर्जा और स्वाभिमान दिखाई देता है।
वहीं निवाशीनी कृष्णन का भी काम उम्दा है। इस फिल्म की खासियत है कि सिर्फ यही चार कलाकार ही नहीं बल्कि हर एक एक्टर का काम अच्छा है और किरदार में फिट है। अगर आप तेज-तर्रार मसाला फिल्मों से थोड़ा ब्रेक लेकर कुछ शांत, खूबसूरत और दिल को छू लेने वाला देखना चाहते हैं, तो यह फिल्म आपके लिए है। हमारी तरफ से फिल्म को साढ़े तीन स्टार्स।
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