HDFC Bank: देश के सबसे बड़े प्राइवेट बैंक HDFC Bank ने अपने ग्राहकों को झटका दिया है।बैंक ने होम लोन से जुड़ी दरों में बढ़ोतरी कर दी है। बैंक ने तीन साल वाले MCLR में 0.05 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी है। लेकिन बैंक ने बिजनेस लोन और होम लोन से जुड़ी दरों को भी 0.05 फीसदी घटा दिया है। यानी, आने वाले समय में ग्राहकों को नया बिजनेस, होम लोन सस्ता मिल सकता है।
HDFC बैंक ने मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लैंडिंग रेट (MCLR) में 5 बेसिस पॉइंट (0.05%) तक की कटौती और बढ़ोतरी दोनों अलग-अलग टाइम पीरियड पर की है। यह नई दरें आज 7 मई 2026 से लागू हो गई हैं। इस बदलाव के बाद बैंक की MCLR दरें अब 8.05% से 8.60% के बीच हो गई हैं, जो पहले 8.10% से 8.55% थीं।
किन लोगों को मिलेगा फायदा और किसे होगा नुकसान?
MCLR में कटौती का सबसे ज्यादा फायदा उन लोगों को होगा जिनके लोन शॉर्ट-टर्म MCLR से जुड़े हैं। जैसे बिजनेस लोन या वर्किंग कैपिटल लेने वाली कंपनियां, शॉर्ट-टर्म लोन लेने वाले ग्राहक आदि। ऐसे ग्राहकों की EMI या ब्याज का बोझ थोड़ा कम हो सकता है। लेकिन होम लोन वाले ग्राहकों को नुकसान होगा क्योंकि उनकी EMI आने वाले टाइम में बढ़ सकती है।
| पीरयड | नया MCLR-7 मई 2026 | नया MCLR -7 अप्रैल 2026 | बदलाव |
| ओवनाइट | 8.05% | 8.10% | 0.05% घटाया गया रेट |
| एक महीना | 8.05% | 8.10% | 0.05% घटाया गया रेट |
| तीन महीना | 8.15% | 8.20% | 0.05% घटाया गया रेट |
| छह महीना | 8.30% | 8.35% | 0.05% घटाया गया रेट |
| 1 साल | 8.35% | 8.35% | कोई बदलाव नहीं |
| 2 साल | 8.45% | 8.45% | कोई बदलाव नहीं |
| 3 साल | 8.60% | 8.55% | 0.05% बढ़ाया गया रेट |
क्या होता है MCLR?
MCLR वह न्यूनतम ब्याज दर होती है, जिसके नीचे बैंक आमतौर पर लोन नहीं दे सकते। इसे रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) ने Reserve Bank of India ने 2016 में लागू किया था। यह दर बैंक के फंड जुटाने की लागत, ऑपरेटिंग खर्च और अन्य फैक्टर्स के आधार पर तय होती है। अलग-अलग पीरियड के लिए यह दरें अलग होती हैं।
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