ममता बनर्जी नहीं दे रही थीं इस्तीफा, राज्यपाल ने भंग कर दी पश्चिम बंगाल की विधानसभा
पश्चिम बंगाल के राज्यपाल आरएन रवि ने गुरुवार रात विधानसभा भंग करने का आदेश जारी कर दिया। यह फैसला ऐसे समय आया, जब मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने चुनाव हारने के बावजूद इस्तीफा देने से इनकार कर दिया था। 2026 पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बड़ी जीत हासिल की। बीजेपी को 207 सीट मिलीं, जबकि TMC 80 सीटों पर सिमट गई। बहुमत के लिए 148 सीट चाहिए थीं, यानी भाजपा को साफ जनादेश मिला।
सबसे बड़ा झटका ममता बनर्जी को लगा, जो अपनी पारंपरिक भवानीपुर सीट से बीजेपी के सुवेंदु अधिकारी से 15,000 से ज्यादा वोटों से हार गईं। लेकिन इसके बावजूद ममता बनर्जी ने हार मानने से इनकार कर दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव में बड़े स्तर पर धांधली हुई और जनता का जनादेश “छीन लिया गया। उन्होंने कहा कि मेरे इस्तीफे का सवाल ही नहीं बनता, क्योंकि हम हारे नहीं, हमें हराया गया है।
राज्यपाल ने विधानसभा क्यों भंग की?
पश्चिम बंगाल विधानसभा का पांच साल का कार्यकाल गुरुवार रात खत्म हो रहा था। ऐसे में संवैधानिक नियमों के तहत विधानसभा को भंग करना जरूरी था, ताकि कोई कानूनी संकट न पैदा हो।
एक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी कर पश्चिम बंगाल विधानसभा को भंग कर दिया गया है। आदेश के मुताबिक, भारतीय संविधान के अनुच्छेद 174 के तहत 7 मई 2026 से विधानसभा को भंग माना जाएगा।
यह फैसला राज्यपाल आरएन रवि के निर्देश पर लागू किया गया है।
जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि मुख्य सचिव दुष्यंत नारियाला ने राज्यपाल के आदेश पर यह नोटिफिकेशन जारी किया।
इस फैसले के बाद मौजूदा विधानसभा का कार्यकाल औपचारिक रूप से खत्म हो गया है और अब राज्य में नई सरकार गठन की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।
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