महिला क्रिकेटरों के पीरियड्स पर डेटा जुटाकर सट्टेबाजी का दावा! सोशल मीडिया पर लोग पूछ रहे ये सवाल
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ एक वीडियो इन दिनों महिला क्रिकेटरों की निजता, खेल और सट्टेबाजी को लेकर नई बहस छेड़ रहा है। इंस्टाग्राम पर राज गोमानी नाम के एक व्यक्ति द्वारा साझा किए गए वीडियो में वह कथित तौर पर महिला क्रिकेटरों के प्रदर्शन का विश्लेषण करने के लिए उनके मासिक धर्म चक्र के अलग-अलग चरणों को मैच के आंकड़ों से जोड़ने की बात करता नजर आता है। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया यूजर्स ने इस तरीके को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं।
प्रदर्शन का डेटा और मासिक धर्म चक्र जोड़ने का दावा
वायरल क्लिप में गोमानी ने बताया कि वो खिलाड़ियों के पुराने मैचों के आंकड़ों पर रिसर्च करता है और उन्हें मासिक धर्म चक्र के अलग-अलग चरणों के साथ मिलाकर संभावित पैटर्न तलाशने की कोशिश करता है। उसका दावा है कि इस तरह वो ये अनुमान लगाने का प्रयास करता है कि किसी खिलाड़ी का प्रदर्शन किस समय बेहतर या कमजोर रह सकता है। वीडियो में भारतीय क्रिकेटर स्मृति मंधाना का उदाहरण देते हुए भी इसी तरह के विश्लेषण का दावा किया गया। गोमानी के अनुसार, उन्होंने मंधाना के पिछले मैचों के प्रदर्शन को मासिक धर्म चक्र के अलग-अलग चरणों से जोड़कर देखा और कथित तौर पर कुछ अवधि में प्रदर्शन में अंतर नजर आने की बात कही। हालांकि, वीडियो में किए गए इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और यह स्पष्ट नहीं है कि इस्तेमाल किया गया व्यक्तिगत डेटा कहां से हासिल किया गया था।
WPL में सट्टेबाजी के लिए इस्तेमाल करने की बात
मामला तब और चर्चा में आ गया जब वीडियो में गोमानी ने दावा किया कि उसने इसी तरह का विश्लेषण एक पूरी WPL टीम के लिए भी किया है। उसने कथित तौर पर कहा कि वह इस जानकारी का इस्तेमाल Women’s Premier League के मुकाबलों में सट्टेबाजी से जुड़े फैसले लेने के लिए करना चाहता था। इस दावे ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। चर्चा सिर्फ क्रिकेट के प्रदर्शन तक सीमित नहीं रही, बल्कि व्यक्तिगत जानकारी, निजता और इस तरह के डेटा के संभावित इस्तेमाल को लेकर सवाल उठने लगे।
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‘आखिर यह डेटा मिला कहां से?’
वीडियो पर प्रतिक्रिया देते हुए कई सोशल मीडिया यूजर्स ने पूछा कि खिलाड़ियों के मासिक धर्म चक्र जैसी निजी जानकारी आखिर किस स्रोत से प्राप्त की गई या उसका अनुमान कैसे लगाया गया। एक यूजर ने सवाल उठाया कि अगर ऐसा डेटा वास्तव में इस्तेमाल किया गया है, तो उसे हासिल करने का तरीका क्या था और क्या इससे निजता से जुड़े नियमों का उल्लंघन हो सकता है। कुछ अन्य यूजर्स ने दावा किया कि महिलाओं के खेलों में इस तरह के विश्लेषण की चर्चा पहले भी सट्टेबाजी से जुड़े ऑनलाइन समुदायों में होती रही है। हालांकि, ऐसे कमेंट्स में किए गए दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
(डिस्क्लेमर: यह रिपोर्ट सोशल मीडिया पर यूज़र द्वारा शेयर किए गए कंटेंट पर आधारित है। मनीकंट्रोल इन दावों की न तो स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं करता है और न ही इनका समर्थन करता है।)
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