‘सनातन को मिटा देना चाहिए…’; तमिलनाडु में करारी हार के बावजूद उदयनिधि स्टालिन ने नहीं ली सीख, हिंदुओं के खिलाफ फिर उगला जहर
Udhayanidhi Stalin: तमिलनाडु विधानसभा में विपक्ष के नेता और DMK विधायक उदयनिधि स्टालिन ने एक बार फिर ‘सनातन धर्म’ के खिलाफ भड़काऊ बयान दिया है। पूर्व उपमुख्यमंत्री स्टालिन ने सनातन धर्म को खत्म करने की मांग की। मंगलवार (12 मई) को तमिलनाडु विधानसभा को संबोधित करते हुए पूर्व डिप्टी सीएम स्टालिन ने कहा, “सनातन, जिसने लोगों को बांटा है, उसे खत्म कर देना चाहिए।” इस बयान पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) की ओर से तुरंत तीखी आलोचना हुई। BJP प्रवक्ता CR केसवन ने इसे ‘जहरीली बकवास’ करार दिया। उन्होंने कहा कि उदयनिधि स्टालिन तमिलनाडु के राहुल गांधी हैं, जो बांटने वाली नफरत की राजनीति फैला रहे हैं।
बीजेपी नेता ने कहा, “राहुल गांधी ने पवित्र सेंगोल का मजाक उड़ाया था। उन्होंने राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा समारोह का अपमान किया और उसका बहिष्कार किया। राहुल गांधी की तरह उदयनिधि स्टालिन भी तमिलनाडु की जनता द्वारा दंडित और बाहर किए जाने के बावजूद अपनी जहरीली बकवास जारी रखे हुए हैं। आप बांटने वाली DMK से और क्या उम्मीद कर सकते हैं? DMK ने कार्तिकई दीपम जलाने का विरोध किया था। एमके स्टालिन ने कभी भी तमिलनाडु की जनता को दीपावली की शुभकामनाएं नहीं दीं।”
केसवन ने कहा कि DMK के एक सांसद और पूर्व केंद्रीय मंत्री ने तो बेहद आपत्तिजनक टिप्पणी करते हुए कहा था कि हिंदू धर्म न सिर्फ भारत के लिए, बल्कि पूरी दुनिया के लिए एक खतरा है। ऐसे बार-बार गलती करने वालों को यह बात गांठ बांध लेनी चाहिए कि तमिलनाडु के राजकीय प्रतीक (State Emblem) में एक मंदिर का गोपुरम बना हुआ है। तमिलनाडु की जनता अपने धर्म और भावनाओं के इस तरह के खुलेआम अपमान और अनादर को न तो कभी भूलेगी और न ही कभी माफ करेगी।
पहले भी दे चुके हैं हिंदू विरोधी बयान
उदयनिधि ने पहले भी हिंदू विरोधी बयान दिए हैं। इससे पहले उदयनिधि स्टालिन ने चेन्नई में आयोजित ‘सनातन उन्मूलन सम्मेलन’ (Sanatana Abolition Conference) में एक विवादित बयान दिया था। उन्होंने सनातन धर्म की तुलना ‘डेंगू, मलेरिया और कोरोना’ जैसी बीमारियों से की थी। DMK नेता कहा था कि ऐसी चीजों का केवल विरोध नहीं किया जाना चाहिए, बल्कि उन्हें पूरी तरह से खत्म कर देना चाहिए। इस बयान को लेकर उन्हें न सिर्फ राजनीतिक नेताओं की ओर से, बल्कि अदालत की ओर से भी कड़ी आलोचना का सामना करना पड़ा था।
इसी साल 21 जनवरी को मद्रास हाई कोर्ट की मदुरै बेंच ने 20 जनवरी को एक FIR रद्द कर दी थी। यह FIR 2023 में तिरुचि शहर पुलिस ने BJP नेता अमित मालवीय के खिलाफ दर्ज की थी, जिसमें उन पर तमिलनाडु के तत्कालीन उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन द्वारा सनातन धर्म पर दिए गए बयानों को तोड़-मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया गया था।
जस्टिस एस. श्रीमति ने याचिका को स्वीकार करते हुए यह टिप्पणी की थी कि उदयनिधि द्वारा दिए गए बयान “हेट स्पीच” (नफरत फैलाने वाले भाषण) की कैटेगरी में आते हैं। इस मुद्दे पर विस्तार से बात करते हुए जज ने कहा कि मंत्री के भाषण की जांच उसके पूरे संदर्भ में की जानी चाहिए।
DMK विधायक दल के नेता चुने गए उदयनिधि
द्रविड़ मुन्नेत्र कषगम (DMK) ने पूर्व उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन को तमिलनाडु विधानसभा में विधायक दल का नेता चुना है। पार्टी सूत्रों ने रविवार को कहा कि DMK के पूर्व मंत्री और वरिष्ठ नेता के.एन. नेहरू को विधायक दल का उपनेता चुना गया है। इसके अलावा, DMK के पूर्व मंत्री ई.वी. वेलु को पार्टी का सचेतक चुना गया है। DMK के 59 विधायक हैं। वह सदन में मुख्य विपक्षी दल है।
CM VIJAY LOOKS ON AS UDAYANIDHI STALIN SAYS:
“SANATANA MUST BE ERADICATED.”
Interesting to see whether TN CM responds at any point criticizing the LoP for hurting Sanatani sentiments. pic.twitter.com/XL3PjfZ57I
— Rahul Shivshankar (@RShivshankar) May 12, 2026
सीएम विजय की पार्टी टीवीके अकेले 234-सदस्यीय तमिलनाडु विधानसभा में बहुमत नहीं हासिल कर पाई है। हालांकि, उसने कांग्रेस, वीसीके, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग (आईयूएमएल) को साथ लेकर 120 विधायकों का समर्थन जुटा लिया है। टीवीके ने बहुमत के लिए जरूरी 118 का आंकड़ा पार करके सरकार बना ली है।
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