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233% Higher SIP: 25 बनाम 45 साल की उम्र का गणित! देर से शुरू की रिटायरमेंट प्लानिंग, तो 3 गुना से ज्यादा बढ़ जाएगी आपकी SIP
233% Higher SIP: 25 बनाम 45 साल की उम्र का गणित! देर से शुरू की रिटायरमेंट प्लानिंग, तो 3 गुना से ज्यादा बढ़ जाएगी आपकी SIP

233% Higher SIP: 25 बनाम 45 साल की उम्र का गणित! देर से शुरू की रिटायरमेंट प्लानिंग, तो 3 गुना से ज्यादा बढ़ जाएगी आपकी SIP

Cost of Delaying Retirement Planning: क्या आपको पता है कि रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करने में देरी करना आपकी लाइफ की सबसे बड़ी भूलों में से एक साबित हो सकता है। एक नॉर्मल कैलकुलेशन से पता चलता है कि 25 साल की उम्र के बजाय 45 साल की उम्र में रिटायरमेंट प्लानिंग शुरू करने पर हर महीने की जाने वाली SIP की रकम 233 फीसदी तक बढ़ जाती है।

भले ही आपका रिटायरमेंट टारगेट, महंगाई दर और निवेश पर मिलने वाला रिटर्न समान रहे, लेकिन समय पर निवेश शुरू करने से मिलने वाली चक्रवृद्धि ब्याज की ताकत शुरुआती निवेशकों को चमत्कारिक रूप से फायदा पहुंचाती है।

कितना SIP करना होगा? 25, 35 और 45 साल की उम्र का गणित

आइए इसे एक उदाहरण से समझते हैं। मान लीजिए कि आपकी मौजूदा घरेलू मासिक खर्च ₹1 लाख है, महंगाई दर 7%, रिटायरमेंट की उम्र 60 वर्ष, संभावित जीवनकाल 85 वर्ष और निवेश पर सालाना रिटर्न 12% माना गया है:

25 साल की उम्र में शुरुआत: अगर आप 25 की उम्र से निवेश शुरू करते हैं, तो आपको हर महीने केवल ₹43,994 की SIP करनी होगी।

35 साल की उम्र में शुरुआत: 10 साल की देरी करने पर मासिक SIP बढ़कर ₹76,550 हो जाती है (लगभग 74% अधिक)।

45 साल की उम्र में शुरुआत: 20 साल की देरी से यह बोझ सीधे 233% बढ़कर ₹1.46 लाख प्रति माह हो जाता है।

फिनोवेट (Finnovate) की सह-संस्थापक नेहल मोता कहती हैं, ’25 साल के व्यक्ति के पास रिटायरमेंट से पहले निवेश के लिए पूरे 35 साल होते हैं, जिससे हर महीने की SIP बेहद आसान लगती है। वहीं 45 साल के व्यक्ति के पास सिर्फ 15 साल होते हैं। इसलिए 60 की उम्र में सुकून की रिटायरमेंट चाहिए, तो बड़ी सैलरी का इंतजार किए बिना तुरंत निवेश शुरू कर दें।’

क्यों इतना तेजी से बढ़ता है SIP का आंकड़ा?

इसका सीधा जवाब है कंपाउंडिंग यानी ब्याज पर मिलने वाले ब्याज की ताकत:

35 साल का समय: 25 की उम्र में शुरुआत करने वाले के पैसों को बढ़ने के लिए 35 साल का लंबा वक्त मिलता है।

15 साल का समय: वहीं 45 की उम्र वाले के पास उसी लक्ष्य तक पहुंचने के लिए मात्र 15 साल ही बचते हैं।

भले ही देरी से शुरुआत करने पर महंगाई के हिसाब से भविष्य का मासिक खर्च कम दिखता हो, लेकिन निवेश की कम अवधि इस फायदे को खत्म कर देती है।

रिटायरमेंट के वक्त संभावित मासिक खर्च (7% महंगाई दर पर)

  • 25 साल के निवेशक के लिए: ₹10.68 लाख प्रति माह
  • 35 साल के निवेशक के लिए: ₹5.43 लाख प्रति माह
  • 45 साल के निवेशक के लिए: ₹2.76 लाख प्रति माह

हर तरह की लाइफस्टाइल पर लागू होता है यह नियम

चाहे आपका मौजूदा मासिक खर्च ₹50,000 हो या ₹1.5 लाख, देरी का नुकसान हर स्तर पर भारी पड़ता है:

₹50,000 मासिक खर्च वालों के लिए: 25 की उम्र में केवल ₹21,997/महीना SIP चाहिए, जबकि 45 की उम्र में यही रकम बढ़कर करीब ₹73,000/महीना हो जाएगी।

₹1.5 लाख मासिक खर्च वालों के लिए: 25 की उम्र में SIP ₹65,991/महीना होगी, जो 45 की उम्र में देरी करने पर सीधे ₹2.20 लाख प्रति माह पहुँच जाएगी।

निवेशकों को क्या समझना जरूरी है?

रिटायरमेंट प्लानिंग का मतलब सबसे ज्यादा रिटर्न देने वाले फंड की तलाश करना नहीं है, बल्कि अपने पैसों को चक्रवृद्धि होने के लिए पर्याप्त समय देना है। अपनी 20 से 30 वर्ष की उम्र में शुरू की गई एक छोटी सी मासिक SIP भी अगले तीन दशकों में एक विशाल रिटायरमेंट फंड तैयार कर सकती है।

Disclaimer: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।

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