3 सेशन में 20% तक टूटने के बाद चमका वेदांता ग्रुप का ये स्टॉक, इंट्राडे में 8% की जबरदस्त छलांग, जानें क्यों आई तेजी
Vedanta Group Stock: वेदांता समूह के हाल ही में डिमर्जर के बाद शेयर बाजार में लिस्ट हुए Vedanta Oil & Gas के शेयरों में गुरुवार को जोरदार रिकवरी देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में यह शेयर 8% से अधिक उछलकर 39.60 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। खास बात यह है कि पिछले तीन कारोबारी सत्रों में शेयर करीब 20% तक टूट चुका था, लेकिन अब इसमें अचानक आई तेजी ने निवेशकों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है।
इस तेजी की सबसे बड़ी वजह दिल्ली हाई कोर्ट का एक अहम फैसला माना जा रहा है, जिसने कंपनी के पक्ष में आए विदेशी आर्बिट्रेशन अवॉर्ड को लागू करने का रास्ता साफ कर दिया है। इस फैसले के बाद निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ और शेयर में खरीदारी बढ़ गई।
दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले से बढ़ा भरोसा
इकोनॉमिक टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक, दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र सरकार की उन आपत्तियों को खारिज कर दिया है, जो वेदांता लिमिटेड और सिंगापुर स्थित Ravva Oil के पक्ष में आए करीब 9.9 करोड़ डॉलर (लगभग 945 करोड़ रुपये) के विदेशी आर्बिट्रेशन अवॉर्ड के खिलाफ दायर की गई थीं।
जस्टिस जस्मीत सिंह की बेंच ने कंपनियों की ओर से दायर एनफोर्समेंट याचिका को स्वीकार करते हुए बैंक गारंटी आठ सप्ताह के भीतर जारी करने का निर्देश दिया है। यह मामला रव्वा ऑयल फील्ड के प्रोडक्शन शेयरिंग कॉन्ट्रैक्ट से जुड़ा है, जिसमें 2004 और 2016 में आर्बिट्रेशन ट्रिब्यूनल ने कंपनियों के पक्ष में फैसला दिया था।
रिपोर्ट के अनुसार, हाई कोर्ट ने कहा कि इस मामले में केंद्र सरकार की आपत्तियों पर सुप्रीम कोर्ट पहले ही अपने पुराने फैसले में विचार कर चुका है। इससे लंबे समय से चल रहे विवाद में वेदांता को बड़ी कानूनी राहत मिली है।
डिमर्जर के बाद पहली बड़ी तेजी
Vedanta Group के मेगा डिमर्जर के बाद 15 जून को Vedanta Oil & Gas की अलग लिस्टिंग हुई थी। कंपनी का शेयर 38 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुआ था। हालांकि शुरुआती दिनों में इसमें दबाव देखने को मिला और पिछले तीन सत्रों में करीब 20% की गिरावट दर्ज हुई थी।
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गुरुवार की तेजी के साथ शेयर ने उस गिरावट की आंशिक भरपाई की। दिलचस्प बात यह रही कि जहां Vedanta Aluminium और Vedanta Iron & Steel के शेयरों में कमजोरी रही, वहीं Vedanta Power में हल्की बढ़त और Vedanta Oil & Gas में सबसे मजबूत उछाल देखने को मिला।
प्रोडक्शन आंकड़ों ने बढ़ाई थी चिंता
हालांकि कंपनी के हालिया ऑपरेशनल अपडेट ने निवेशकों को कुछ हद तक निराश किया था। अप्रैल-जून तिमाही (Q1 FY27) में कंपनी का कुल तेल और गैस उत्पादन सालाना आधार पर 17% घटकर 7.1 मिलियन बैरल ऑयल इक्विवेलेंट (boe) रह गया। पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह 8.5 मिलियन boe था।
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तिमाही आधार पर भी उत्पादन में करीब 4% की गिरावट दर्ज की गई। इसी वजह से पिछले कुछ दिनों में शेयर पर दबाव बना हुआ था। लेकिन अब कानूनी मोर्चे पर मिली राहत ने बाजार का फोकस दोबारा कंपनी की ओर मोड़ दिया है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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