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सिद्धारमैया कैबिनेट में होगा बड़ा फेरबदल! अचानक दिल्ली पहुंचे कर्नाटक के 30 विधायक…कांग्रेस अध्यक्ष से की ये बड़ी मांग

सिद्धारमैया कैबिनेट में होगा बड़ा फेरबदल! अचानक दिल्ली पहुंचे कर्नाटक के 30 विधायक…कांग्रेस अध्यक्ष से की ये बड़ी मांग

Last Updated on April 13, 2026 23:50, PM by Pawan

कर्नाटक के करीब 30 कांग्रेस विधायकों ने सोमवार को नई दिल्ली में पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे से मुलाकात की। इन विधायकों ने लंबे समय से लंबित कैबिनेट फेरबदल की मांग उठाई और मंत्रिमंडल में अपनी हिस्सेदारी देने की बात कही। उन्होंने साफ किया कि उनकी मांग सिर्फ कैबिनेट में बदलाव को लेकर है, न कि नेतृत्व बदलने को लेकर। मुलाकात के बाद वरिष्ठ कांग्रेस विधायक अशोक पट्टन ने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष ने उन्हें भरोसा दिया है कि उनकी बातों को पार्टी के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचाया जाएगा और इस पर चर्चा होगी।

विधायकों ने की ये बड़ी मांग

अशोक पट्टन ने कहा कि उनका मुख्य मुद्दा सिर्फ कैबिनेट फेरबदल है और वे किसी अन्य विषय पर बात नहीं करना चाहते। उन्होंने यह भी कहा कि कोई भी मंत्री बने, उन्हें इससे कोई दिक्कत नहीं है, लेकिन उनके जैसे वरिष्ठ नेताओं को भी मौका मिलना चाहिए। इस प्रतिनिधिमंडल में एस. एन. नारायणस्वामी, के. षडाक्षरी, ए. आर. कृष्णमूर्ति, पुत्तरंगा शेट्टी और बेलूर गोपाल कृष्ण जैसे कई अनुभवी विधायक शामिल थे।

इनमें से कई नेता कई बार चुनाव जीत चुके हैं और उनका मानना है कि अब कैबिनेट में बदलाव का सही समय है, ताकि ज्यादा से ज्यादा वरिष्ठ नेताओं को सरकार में जगह मिल सके। अशोक पट्टन ने फिर से साफ किया कि इस समूह का मकसद सिर्फ कर्नाटक कैबिनेट में फेरबदल कराना है। उन्होंने यह भी कहा कि बेंगलुरु लौटने से पहले वे पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ आगे की बातचीत का इंतजार करेंगे, ताकि इस मुद्दे पर कोई ठोस फैसला लिया जा सके।

बदल सकता है कैबिनेट

विधायकों ने साफ कहा, “यह सिर्फ एक ही मुद्दे को लेकर किया गया प्रयास है। हम करीब 30 सदस्य यहां आए हैं और हमारी एकमात्र मांग कर्नाटक सरकार की कैबिनेट में फेरबदल करना है।” पार्टी के सूत्रों के मुताबिक, अगर पार्टी आलाकमान इस फेरबदल के लिए सहमत हो जाता है, तो यह सिद्धारमैया के नेतृत्व में स्थिरता का संकेत माना जाएगा। इसका मतलब होगा कि वे अपना पूरा कार्यकाल पूरा कर सकते हैं। साथ ही, इसका असर राज्य की राजनीति और नेतृत्व के समीकरणों पर भी पड़ सकता है। जानकारी के अनुसार, कर्नाटक कैबिनेट में मुख्यमंत्री समेत कुल 34 मंत्रियों हो सकते हैं। हाल की कुछ घटनाओं, जैसे एक मंत्री का इस्तीफा और एक की बर्खास्तगी—की वजह से अभी दो पद खाली हैं। ऐसे में माना जा रहा है कि अगर फेरबदल होता है, तो इन खाली पदों को भरने के साथ-साथ कुछ नए चेहरों को भी मौका मिल सकता है।