40 CV भेजकर भी मिली खामोशी, जर्मनी में भारतीय छात्र ने बताया रिजेक्शन के पीछे की हकीकत
जर्मनी में नौकरी पाने की कोशिश कर रही भारतीय छात्रा कोमल की कहानी इन दिनों सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींच रही है। उन्होंने अपनी जॉब हंट की मुश्किलों को साझा करते हुए बताया कि कैसे दर्जनों आवेदन भेजने के बाद भी ज्यादातर जगहों से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। 40 कंपनियों में आवेदन करने के बावजूद उन्हें सिर्फ एक जगह से इंटरव्यू का मौका मिला। शुरुआत में लगातार मिल रही खामोशी और रिजेक्शन निराशाजनक जरूर थे, लेकिन कोमल ने हार नहीं मानी। उनका कहना है कि कई बार सफलता पाने के लिए सैकड़ों कोशिशों के बीच सिर्फ एक सही अवसर ही काफी होता है।
उनकी यह कहानी उन युवाओं से जुड़ती है, जो विदेशों में नौकरी की तलाश के दौरान रिजेक्शन और इंतजार के दौर से गुजरते हैं। सोशल मीडिया पर लोग उनके अनुभव को मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास की मिसाल बता रहे हैं।
साइलेंट रिजेक्शन का दर्द भी होता है
कोमल ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर अपनी कहानी साझा करते हुए लिखा कि लोग अक्सर सफलता मिलने के बाद की कहानी सुनते हैं, लेकिन उन अनगिनत कोशिशों के बारे में कम बात होती है जो जवाब का इंतजार करते हुए गुजरती हैं। उन्होंने बताया कि बार-बार ईमेल चेक करना, कोई जवाब न मिलना और बार-बार अपना रिज्यूमे अपडेट करना नौकरी तलाशने वालों के लिए बेहद निराशाजनक अनुभव हो सकता है।
38 कंपनियों की खामोशी से नहीं टूटा हौसला
कोमल ने कहा कि शुरुआत में उन्हें लगा कि शायद उनके अंदर कोई कमी है, लेकिन बाद में समझ आया कि नौकरी की प्रक्रिया कई बार सिर्फ योग्यता नहीं, बल्कि मौके और समय का भी खेल होती है। उन्होंने लोगों को संदेश देते हुए कहा कि रिजेक्शन को अपनी क्षमता से जोड़कर नहीं देखना चाहिए। कई बार असफलता सिर्फ प्रक्रिया का हिस्सा होती है, व्यक्तिगत फैसला नहीं।
इंटरनेट ने कहा- यह संघर्ष हर किसी की कहानी है
कोमल की पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने अपने अनुभव साझा किए। यूजर्स ने कहा कि नौकरी की तलाश में रिजेक्शन मिलना सामान्य बात है और हर असफल आवेदन का मतलब यह नहीं होता कि उम्मीदवार योग्य नहीं है।
एक यूजर ने लिखा कि प्रोफेशनल जिंदगी में रिजेक्शन को स्वीकार करना सीखना जरूरी है, क्योंकि कंपनियों के फैसले अक्सर उनकी जरूरत, प्रक्रिया और सिस्टम पर निर्भर करते हैं।
I applied to 40 companies in Germany
38 didn’t reply
1 rejected me in 4 hours
1 called me for interview
That 1 was enough
But nobody talks about the 38 silent rejections
The days you refresh your email and nothing comes
The days you update your CV for the 11th time wondering…
— KOMAL (@KomalWCode) July 12, 2026
जर्मनी में बिना जवाब वाले आवेदन आम बात
एक अन्य यूजर ने बताया कि वह छह साल से जर्मनी में रह रहे हैं और अपने करियर में 300 से ज्यादा नौकरियों के लिए आवेदन कर चुके हैं। उनके अनुसार, कई जर्मन कंपनियां बड़ी संख्या में आवेदन आने के कारण हर उम्मीदवार को जवाब नहीं दे पातीं। उन्होंने बताया कि कई बार कंपनियों के लिए हर रिजेक्शन मेल भेजना समय और संसाधनों की वजह से मुश्किल होता है, इसलिए उम्मीदवारों को बिना जवाब मिले भी आगे बढ़ते रहना चाहिए।
एक मौका काफी होता है
कोमल की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है जो नौकरी की तलाश में लगातार प्रयास कर रहे हैं। उनकी कहानी बताती है कि कई बार दर्जनों बंद दरवाजों के बाद एक सही मौका ही सफलता की शुरुआत बन जाता है।
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