Mumbai Watermelon Deaths: मुंबई में तरबूज खाने के बाद जिन 4 लोगों की मौत हुई उनमें से एक की बॉडी में मिली ये चीज, अब मामला पलट जायेगा!
Last Updated on May 2, 2026 10:06, AM by Pawan
Mumbai Watermelon Deaths: पिछले हफ्ते एक ही परिवार के चार लोगों की मौत के लिए शुरुआत में एक खराब तरबूज को जिम्मेदार माना गया था। इस घटना के बाद लोगों के बीच गर्मियों में खाए जाने वाले इस फल की सुरक्षा को लेकर चर्चा शुरू हो गई और कुछ जगहों पर इसकी कीमतें भी गिरने की खबरें आईं।
लेकिन अब लग रहा है कि असली कारण तरबूज नहीं था, बल्कि कोई खतरनाक जहरीला पदार्थ था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस पदार्थ की वजह से मृतकों के कुछ अंग हरे हो गए थे, जो जहर दिए जाने की आशंका दिखाता है।
बता दें कि मोबाइल एक्सेसरीज की दुकान चलाने वाले 45 वर्षीय स्थानीय व्यापारी अब्दुल्ला डोकाडिया, उनकी पत्नी 35 वर्षीय नसरीन और उनके बच्चे 13 वर्षीय जैनब और 16 वर्षीय आयशा ने शनिवार को पांच रिश्तेदारों के साथ रात का खाना खाया और मटन पुलाव परोसा। रिश्तेदारों के जाने के बाद, परिवार ने रात करीब 1 बजे तरबूज खाया और सुबह 5 बजे तक वे सब बीमार पड़ गए। सभी में एक जैसे लक्षण थे – उल्टी और दस्त, जो फूड पॉइजनिंग का संकेत दे रहे थे। कुछ ही घंटों में चारों की मौत हो गई।
फोरेंसिक जांच से जहर का संकेत: सूत्र
सूत्रों के मुताबिक, शुरुआती फोरेंसिक जांच में पीड़ितों के कुछ अंग, जिनमें दिमाग, दिल और आंत-हरे रंग के हो गए थे।
मामले की जांच कर रहे डॉक्टरों का कहना है कि जो लक्षण सामने आए और शरीर के अंदर जो बदलाव मिले, वे सामान्य फूड पॉइजनिंग के मामले से मेल नहीं खाते।
मामले को और भी पेचीदा बनाते हुए, सूत्रों ने खुलासा किया है कि अब्दुल्ला डोकाडिया के शरीर में मॉर्फिन पाया गया है, जो एक पावरफुल दर्द निवारक दवा है, जिसे आमतौर पर डॉक्टरों की निगरानी में ही दिया जाता है।
अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह मॉर्फीन किसी इलाज के कारण दी गई थी, गलती से शरीर में गई या इसके पीछे कोई और संदिग्ध कारण है।
राज्य के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने कहा है कि अभी तक मौत और तरबूज के बीच कोई सीधा संबंध साबित नहीं हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि पूरी सच्चाई वैज्ञानिक जांच के बाद ही सामने आएगी।
अधिकारियों का कहना है कि अंतिम रिपोर्ट का अभी इंतजार किया जा रहा है।
पुलिस की जांच जारी
पिछले हफ्ते इस मामले में आकस्मिक मौत का केस दर्ज किया गया था। पुलिस ने उन मेहमानों के बयान भी दर्ज किए हैं, जिन्होंने पुलाव खाया था और उन्हें कोई नुकसान नहीं हुआ। फिलहाल, पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या परिवार तनाव में था।
वहीं, राज्य FDA इस बात की जांच कर रहा है कि क्या उनके द्वारा खाए गए तरबूज में कोई बाहरी जहरीला पदार्थ या मिलावट थी।
पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने अभी अपनी अंतिम राय नहीं दी है। चारों शवों के विसरा (अंदरूनी नमूने) को केमिकल जांच के लिए भेजा गया है।
