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ET Now Markets Summit 2026: मॉर्गन स्टेनली के रिद्धम देसाई बोले- FPI बिकवाली का दौर खत्म होने के करीब, दिख सकती है खरीदारी
ET Now Markets Summit 2026: मॉर्गन स्टेनली के रिद्धम देसाई बोले- FPI बिकवाली का दौर खत्म होने के करीब, दिख सकती है खरीदारी

ET Now Markets Summit 2026: मॉर्गन स्टेनली के रिद्धम देसाई बोले- FPI बिकवाली का दौर खत्म होने के करीब, दिख सकती है खरीदारी

ET Now Markets Summit 2026 में Morgan Stanley के एमडी रिद्धम देसाई ने भारतीय अर्थव्यवस्था और शेयर बाजार को लेकर बेहद पॉजिटिव रुख जताया। उन्होंने कहा कि रियल इफेक्टिव एक्सचेंज रेट (REER) के आधार पर भारतीय रुपया वर्तमान में लगभग 11 फीसदी अंडरवैल्यूड है। उनके अनुसार अगले 12 महीनों में भारत की आर्थिक ग्रोथ उम्मीद से बेहतर रह सकती है और कॉरपोरेट आय में भी बड़ा पॉजिटिव सरप्राइज देखने को मिल सकता है। रिद्धम देसाई ने कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में भारतीय कंपनियों ने करीब 12 फीसदी अर्निंग ग्रोथ दर्ज की है।

उन्होंने दावा किया कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत दुनिया के सबसे सस्ते शेयर बाजारों में से एक है और अगले 12 महीनों में कंपनियों की अर्निंग ग्रोथ अनुमान से कहीं बेहतर रह सकती है। उन्होंने कहा कि विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPI) की बिकवाली का मुद्दा जल्द सुलझ सकता है और अगले सप्ताह से विदेशी निवेशकों की ओर से बड़ी खरीदारी देखने को मिल सकती है।

कैपेक्स बूम के दौर से गुजर रहा भारत

उन्होंने कहा कि भारत इस समय कैपेक्स बूम के दौर से गुजर रहा है, जिसका लाभ कई सेक्टरों को मिलेगा। उनके अनुसार बॉन्ड्स पर टैक्स ऑर्डिनेंस, FCNR(B) डिपॉजिट स्कीम और एक्सटर्नल कमर्शियल बॉरोइंग (ECB) नियमों में दी गई राहत से भारत के बैलेंस ऑफ पेमेंट की स्थिति में भी जल्द सुधार आ सकता है।

देसाई ने यह भी कहा कि दक्षिण कोरिया के बाजारों में भारत की तुलना में दोगुनी विदेशी बिकवाली देखने को मिली है, फिर भी वहां के बाजार अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। इससे यह स्पष्ट होता है कि केवल FII फ्लो के आधार पर बाजार का आकलन नहीं किया जाना चाहिए।

किन सेक्टर में मौके

सेक्टर्स की बात करें तो देसाई ने ऑटो पार्ट्स, रिटेल, इंडस्ट्रियल इक्विपमेंट, रियल एस्टेट और कंस्ट्रक्शन कंपनियों को आने वाले महीनों के लिए सबसे बेहतर अवसरों वाले सेक्टर्स में शामिल बताया। उन्होंने कहा कि शेयरों में असली रिटर्न केवल ग्रोथ से नहीं, बल्कि बेहतर ROCE (रिटर्न ऑन कैपिटल एम्प्लॉयड) से आता है, इसलिए निवेशकों को मजबूत व्यवसाय और बेहतर कैपिटल एफिशिएंसी वाली कंपनियों पर ध्यान देना चाहिए।

Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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