₹500 डेली या ₹15,000 महीना: कौन-सा SIP है बेहतर, 20 साल में किससे बन सकता है बड़ा फंड; समझिए गणित
Daily SIP vs Monthly SIP: आज के समय में निवेशकों के बीच सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान यानी SIP तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसकी सबसे बड़ी वजह यह है कि SIP निवेश को आसान, अनुशासित और लंबी अवधि के लिए व्यवस्थित बनाता है। बाजार की रोजाना उठापटक की चिंता किए बिना निवेशक एक तय रकम नियमित अंतराल पर निवेश कर सकते हैं। आमतौर पर लोग मंथली SIP करते हैं, लेकिन डेली SIP का विकल्प भी तेजी से चर्चा में है। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि क्या रोज थोड़ा-थोड़ा निवेश करना, हर महीने एकमुश्त निवेश से बेहतर साबित हो सकता है? इसी को समझने (SIP Calculator) के लिए हमने 500 रुपये की डेली SIP और 15,000 रुपये की मंथली SIP का 20 साल का तुलना किया है। आइए समझते हैं कि 20 साल के बाद किस सिप से बड़ा फंड बन सकता है।
क्या होती है डेली SIP?
डेली SIP में निवेशक हर कारोबारी दिन म्यूचुअल फंड में एक निश्चित रकम निवेश करता है। यानी शनिवार, रविवार और बाजार की छुट्टियों को छोड़कर बाकी दिनों में निवेश होता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई निवेशक 500 रुपये रोजाना निवेश करता है, तो महीने में करीब 20 से 22 बार उसके खाते से रकम कटती है। इस तरीके का सबसे बड़ा फायदा यह माना जाता है कि निवेश अलग-अलग बाजार स्तरों पर होता रहता है, जिससे कॉस्ट एवरेजिंग का फायदा मिल सकता है।
क्या होती है मंथली SIP?
मंथली SIP निवेश का सबसे पारंपरिक और लोकप्रिय तरीका है। इसमें निवेशक हर महीने एक तय तारीख पर एक निश्चित राशि निवेश करता है। उदाहरण के लिए हर महीने की 2 या 10 तारीख को निवेश अपने आप म्यूचुअल फंड में चला जाता है। ज्यादातर सैलरी पाने वाले निवेशक इसी विकल्प को चुनते हैं क्योंकि यह उनके मासिक बजट के साथ आसानी से फिट बैठता है।
20 साल में कितना बन सकता है फंड?
अगर कोई निवेशक 500 रुपये प्रतिदिन की SIP करता है और उसे सालाना 12 फीसदी का औसत रिटर्न मिलता है, तो 20 साल में उसका कुल निवेश लगभग 36.50 लाख रुपये होगा। इस निवेश पर अनुमानित रिटर्न करीब 1.15 करोड़ रुपये हो सकता है। यानी मैच्योरिटी पर कुल फंड लगभग 1.52 करोड़ रुपये से ज्यादा तक पहुंच सकता है। वहीं अगर कोई निवेशक 15,000 रुपये हर महीने SIP के जरिए निवेश करता है और उसे भी 12 फीसदी का औसत वार्षिक रिटर्न मिलता है, तो 20 साल में उसका कुल निवेश 36 लाख रुपये होगा। इस पर अनुमानित रिटर्न करीब 1,01,97,860 रुपये बन सकता है। यानी 20 साल बाद कुल कॉर्पस लगभग 1,37,97,860 रुपये तक पहुंच सकता है।
कौन-सा ऑप्शन दे सकता है ज्यादा फायदा?
इन दोनों आंकड़ों की तुलना करने पर साफ दिखता है कि डेली SIP के जरिए बनाया गया फंड मंथली SIP के मुकाबले बड़ा हो सकता है। इसकी एक बड़ी वजह यह है कि डेली निवेश में पैसा बाजार में जल्दी और लगातार लगता रहता है, जिससे कंपाउंडिंग को थोड़ा अतिरिक्त समय मिलता है। लंबे समय में यही छोटा अंतर बड़े फंड में बदल सकता है।
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किसका चुनाव करें निवेशक?
निवेश का सही विकल्प हमेशा व्यक्ति की इनकम, कैश फ्लो और सुविधा पर निर्भर करता है। जिन लोगों की नियमित इनकम है और जो रोजाना छोटे निवेश को आसानी से मैनेज कर सकते हैं, उनके लिए डेली SIP एक बेहतर विकल्प हो सकता है। वहीं ज्यादातर निवेशकों के लिए मंथली SIP अब भी सुविधाजनक और व्यवहारिक तरीका बना हुआ है।
Disclaimer: सभी म्यूचुअल फंड निवेश बाजार जोखिमों के अधीन हैं; ET NOW स्वदेश अपने सभी पाठकों, दर्शकों और श्रोताओं को सलाह देता है कि वे किसी भी पैसे और निवेश से संबंधित निर्णय लेने से पहले सभी योजना संबंधी दस्तावेजों को ध्यान से पढ़ें और रजिस्टर्ड वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।

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