TCS Rating Downgrade: निवेशकों के बाद ब्रोकरेज का भी टूटा भरोसा! टीसीएस की क्यों डाउनग्रेड कर रहे रेटिंग?
TCS Brokerage Report after Q1 Results: टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) के पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे आने के बाद सिर्फ निवेशकों का ही नहीं, बल्कि कई बड़े ब्रोकरेज हाउस का भरोसा भी कुछ कमजोर पड़ता नजर आ रहा है। कंपनी ने आय और मुनाफे में बढ़ोतरी जरूर दर्ज की, लेकिन राजस्व वृद्धि की सुस्त रफ्तार, कमजोर डील ग्रोथ और वैश्विक मांग को लेकर जारी अनिश्चितता ने कुछ हद तक चीजों को सीमित किया। यही वजह है कि कई ग्लोबल और घरेलू ब्रोकरेज ने या तो अपने टारगेट प्राइस घटा दिए हैं या फिर पहले से मौजूद सतर्क रुख को बरकरार रखा है। हालांकि, आज टीसीएस के शेयरों में तेजी दिखी, स्टॉक 3 फीसदी तक उछलकर ट्रेड कर रहा है। मालूम हो कि TCS अपने 52-वीक हाई के स्तर से तकरीबन 1400 रुपये डिस्काउंट पर ट्रेड कर रहा है।
Morgan Stanley ने क्या बताया?
सबसे पहले Morgan Stanley की बात करें तो ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘Equal Weight’ रेटिंग बनाए रखी है और 2,200 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि पहली तिमाही के नतीजे अनुमान के हिसाब से रहे और दूसरी तिमाही को लेकर मैनेजमेंट का नजरिया थोड़ा पॉजिटिव जरूर है, लेकिन शेयर में बड़ी तेजी के लिए सिर्फ उम्मीदें काफी नहीं होंगी। उसके मुताबिक, जब तक रेवेन्यू वृद्धि में साफ सुधार नहीं दिखता, तब तक स्टॉक की री-रेटिंग की संभावना सीमित रहेगी। Morgan Stanley ने यह भी माना कि AI कारोबार तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन जियो पॉलिटिकल टेंशन, महंगाई और ग्राहकों की ओर से प्रोजेक्ट टालने की प्रवृत्ति अभी भी मांग पर दबाव बनाए हुए है।
Citi हुआ ज्यादा सतर्क
Citi का रुख इससे भी ज्यादा सतर्क है। ब्रोकरेज ने स्टॉक पर ‘Sell’ रेटिंग बरकरार रखते हुए टारगेट प्राइस 1,965 रुपये से घटाकर 1,825 रुपये कर दिया है। Citi का मानना है कि कंपनी (TCS Q1 Results) की अंतरराष्ट्रीय आय लगभग स्थिर रही, जबकि पिछले 12 महीनों की कुल डील वैल्यू में केवल 1 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। ब्रोकरेज के अनुसार उपभोक्ता कारोबार में कमजोरी, ग्राहकों द्वारा विवेकाधीन खर्च (Discretionary Spending) टालना और AI कारोबार की अपेक्षा से धीमी अतिरिक्त आय निकट अवधि में ग्रोथ को सीमित कर सकती है।
Citi ने यह भी कहा कि दूसरी तिमाही में सुधार की जो उम्मीद कंपनी जता रही है, वैसी ही टिप्पणी पहले भी की जा चुकी है, लेकिन उसका असर अब तक आंकड़ों में स्पष्ट नहीं दिखा।
Nirmal Bang ने दी सेल रेटिंग
घरेलू ब्रोकरेज Nirmal Bang भी TCS को लेकर काफी सतर्क बना हुआ है। उसने ‘Sell’ रेटिंग दोहराते हुए टारगेट प्राइस 1,682 रुपये रखा है, जो मौजूदा बाजार भाव से करीब 18 फीसदी नीचे है। ब्रोकरेज का कहना है कि पिछले चार-पांच तिमाहियों से कंपनी की राजस्व वृद्धि और ऑर्डर बुक विस्तार उम्मीद से कमजोर रहे हैं। उसके मुताबिक, AI बेस्ड ऑटोमेशन की वजह से प्रोडक्टिविटी तो बढ़ रही है, लेकिन पारंपरिक आईटी सेवाओं की मांग पर दबाव भी बढ़ रहा है।
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कुछ ब्रोकरेज का अलग रुख
हालांकि, सभी ब्रोकरेज इतने निराश नहीं हैं। Goldman Sachs ने स्टॉक पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखी है, हालांकि टारगेट प्राइस 2,410 रुपये से घटाकर 2,370 रुपये कर दिया है। ब्रोकरेज का मानना है कि दूसरी छमाही में डिमांड में सुधार की संभावना है, लेकिन फिलहाल उसके स्पष्ट संकेत नहीं मिले हैं।
इसी तरह HDFC Securities ने ‘Add’ रेटिंग और 2,580 रुपये का टारगेट प्राइस बनाए रखा है। उसका मानना है कि AI आधारित ट्रांसफॉर्मेशन, साइबर सिक्योरिटी, मॉडर्नाइजेशन और वेंडर कंसोलिडेशन जैसे क्षेत्रों में मांग धीरे-धीरे बेहतर हो रही है। वहीं Emkay Global ने भी ‘Add’ रेटिंग के साथ 2,600 रुपये का टारगेट प्राइस बरकरार रखा है। ब्रोकरेज का कहना है कि मौजूदा वैल्यूएशन आकर्षक हैं, लेकिन शेयर में नई तेजी के लिए आने वाली तिमाहियों में राजस्व वृद्धि का स्पष्ट रूप से तेज होना जरूरी होगा।
Disclaimer: शेयर को लेकर सलाह ब्रोकरेज हाउस के द्वारा दी गई हैं। यह ET NOW Swadesh के निजी विचार नहीं हैं। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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