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AI chip stocks: AI चिप कंपनियों के शेयरों में बढ़ा जोखिम, Morgan Stanley ने निवेशकों को किया सतर्क
AI chip stocks: AI चिप कंपनियों के शेयरों में बढ़ा जोखिम, Morgan Stanley ने निवेशकों को किया सतर्क

AI chip stocks: AI चिप कंपनियों के शेयरों में बढ़ा जोखिम, Morgan Stanley ने निवेशकों को किया सतर्क

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़ी चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों में हाल के महीनों में तेज उछाल देखने को मिला है। लेकिन अब Morgan Stanley Wealth Management की चीफ इन्वेस्टमेंट ऑफिसर (CIO)लिसा शैलेट का मानना है कि निवेशकों को इस सेक्टर में सावधानी बरतनी चाहिए। ब्लूमबर्ग टेलिविजन से बातचीत में Lisa Shalett ने कहा कि AI चिप कंपनियों के शेयर AI पर बढ़ते खर्च की उम्मीदों के कारण काफी ऊपर पहुंच चुके हैं। लेकिन अब ऐसे संकेत मिल रहे हैं कि इन कंपनियों की कीमत तय करने की प्राइसिंग पावर पहले जैसी नहीं रहेगी।

शैलेट की यह चेतावनी ऐसे समय में आई है जब दक्षिण कोरिया की चिप बनाने वाली कंपनी SK Hynix शुक्रवार को नैस्डैक पर ट्रेडिंग शुरू कर रही है। कंपनी ने अमेरिका में किसी विदेशी कंपनी द्वारा अब तक की सबसे बड़ी पहली बार शेयर बिक्री (IPO) के जरिए 26.5 अरब डॉलर जुटाए हैं। कंपनी को अपने घरेलू बाज़ार में कीमतों में भारी उतार-चढ़ाव का सामना करना पड़ा है, जहां पिछले महीने अपने उच्चतम स्तर पर पहुंचने के बाद से इसके शेयर में 26 फीसदी की गिरावट आई है।

कम लागत वाले AI चिप्स डिजाइन

उन्होंने कहा कि बड़ी टेक कंपनियां, जिन्हें Hyperscalers कहा जाता है, अब महंगे चिप्स खरीदने के बजाय अपने खुद के कम लागत वाले AI चिप्स डिजाइन कर रही हैं। इससे पारंपरिक चिप कंपनियों पर दबाव बढ़ सकता है। Shalett ने बताया कि फिलहाल AI सेक्टर में निवेश के लिए पूंजी की कोई कमी नहीं है। हालांकि जब किसी सप्लाई चेन में रुकावट आती है और कुछ कंपनियां जरूरत से ज्यादा मुनाफा कमाने लगती हैं, तो इंजीनियर कम लागत वाले विकल्प विकसित करने लगते हैं। उनका मानना है कि मेमोरी चिप बनाने वाली कंपनियों के साथ भी यही हो रहा है।

उन्होंने इस सप्ताह जारी अपने नोट में सेमीकंडक्टर (Semiconductor) सेक्टर को Meaningfully Overbought यानी जरूरत से ज्यादा महंगा बताया। उनका कहना है कि चिप ETF और Philadelphia Semiconductor Index जैसे संकेतकों में भी इसकी झलक दिखाई दे रही है। Bloomberg के आंकड़ों के अनुसार, 2022 के बाद से इस इंडेक्स का प्राइस-टू-अर्निंग (P/E) रेशियो तीन गुना से ज्यादा बढ़ चुका है।

Meta का प्लान

Lisa Shalett ने Meta Platforms के हालिया रुख का भी उदाहरण दिया। Meta के CEO Mark Zuckerberg ने हाल ही में कहा था कि कंपनी यह विचार कर रही है कि अपने AI इंफ्रास्ट्रक्चर का कुछ हिस्सा दूसरे ग्राहकों को किराये पर देना ज्यादा फायदेमंद हो सकता है। Shalett के मुताबिक यह इस बात का संकेत है कि बड़ी टेक कंपनियां AI पर हो रहे सैकड़ों अरब डॉलर के कैपेक्स की रफ्तार, उसकी लागत और उससे मिलने वाले रिटर्न पर दोबारा विचार कर रही हैं। कंपनियां अब यह भी देख रही हैं कि AI निवेश से कमाई जल्दी कैसे शुरू की जाए।

उन्होंने कहा कि AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर होने वाले भारी निवेश की रफ्तार अब धीरे-धीरे कम होने की शुरुआती स्थिति में पहुंच सकती है। अगर ऐसा होता है तो इसका असर AI चिप बनाने वाली कंपनियों की भविष्य की ग्रोथ और उनके शेयरों पर भी पड़ सकता है।

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