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Crude Price Jumps: ईरान पर अमेरिका के नए हमले से तेल बाजार में उबाल, 4 फीसदी से ज्यादा उछला WTI और ब्रेंट
Crude Price Jumps: ईरान पर अमेरिका के नए हमले से तेल बाजार में उबाल, 4 फीसदी से ज्यादा उछला WTI और ब्रेंट

Crude Price Jumps: ईरान पर अमेरिका के नए हमले से तेल बाजार में उबाल, 4 फीसदी से ज्यादा उछला WTI और ब्रेंट

Crude Price Jumps: पश्चिम एशिया में एक बार फिर तनाव बढ़ने से वैश्विक कच्चे तेल के बाजार में तेज हलचल देखने को मिली है। अमेरिका की ओर से ईरान (US Iran Tension) के खिलाफ नए सैन्य हमले किए जाने और उसके जवाब में ईरान की ओर से खाड़ी देशों में अपने हमले तेज करने के बाद सोमवार, 13 जुलाई को कच्चे तेल की कीमतों में 4 फीसदी से ज्यादा की उछाल दर्ज की गई। सबसे बड़ी चिंता दुनिया की एनर्जी सप्लाई के लिए बेहद अहम होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को लेकर है, जहां से वैश्विक तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुजरता है।

कहां पहुंचा क्रूड?

ताजा कारोबार में ब्रेंट क्रूड करीब 4.10 फीसदी की तेजी के साथ 79.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 4.30 फीसदी उछलकर 74.48 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। इससे पहले शुरुआती कारोबार में भी दोनों प्रमुख बेंचमार्क 3 फीसदी से ज्यादा चढ़े थे।

अमेरिका ने ईरान पर किए नए हमले

अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ अतिरिक्त सैन्य कार्रवाई की है। अमेरिका का कहना है कि ये हमले होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले नागरिक जहाजों और व्यावसायिक शिपिंग की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किए गए हैं। साथ ही यह कार्रवाई ईरानी सैन्य गतिविधियों के लिए उसे जवाबदेह ठहराने के मकसद से की गई है।

ईरान ने बढ़ाया जवाबी हमला

अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान ने अपने जवाबी हमलों का दायरा बढ़ाते हुए कतर और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) तक निशाना बनाया। दोनों देशों के बीच लगातार हो रहे हमले और जवाबी हमलों ने पूरे पश्चिम एशिया में तनाव को और बढ़ा दिया है। इससे ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और समुद्री व्यापार को लेकर नई चिंताएं पैदा हो गई हैं।

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होर्मुज स्ट्रेट बना सबसे बड़ा केंद्र

मौजूदा तनाव का सबसे अहम पहलू होर्मुज स्ट्रेट है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि यह समुद्री मार्ग अभी भी व्यावसायिक जहाजों के लिए खुला है। हालांकि ईरान का कहना है कि उसने एक जहाज के निर्धारित मार्ग से हटने के बाद इस मार्ग को बंद कर दिया था और संबंधित पोत को निशाना भी बनाया गया। शिप ट्रैकिंग फर्म Kpler के आंकड़ों के अनुसार रविवार को केवल 6 जहाज होर्मुज स्ट्रेट से गुजरे, जो पिछले पांच सप्ताह का सबसे निचला स्तर है। इससे साफ है कि क्षेत्र में बढ़ते जोखिम के चलते शिपिंग गतिविधियों पर असर पड़ना शुरू हो गया है।

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सीजफायर पर फिर सवाल

हालात ऐसे समय बिगड़े हैं जब पिछले महीने अमेरिका और ईरान के बीच एक अंतरिम समझौता हुआ था। इस समझौते का उद्देश्य होर्मुज स्ट्रेट को दोबारा सामान्य रूप से खोलना और आगे की बातचीत के जरिए युद्ध जैसी स्थिति को टालना था। लेकिन ताजा घटनाक्रम ने उस समझौते के भविष्य पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) की हालिया रिपोर्ट के मुताबिक जून में वैश्विक तेल आपूर्ति में करीब 41 लाख बैरल प्रतिदिन की बढ़ोतरी हुई थी। इसके बावजूद प्रोडक्शन अभी भी युद्ध से पहले के स्तर से करीब 94 लाख बैरल प्रतिदिन कम बना हुआ है। ऐसे में अगर तनाव और बढ़ता है या होर्मुज स्ट्रेट में आवाजाही बाधित होती है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति पर दबाव और बढ़ सकता है।

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