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8th Pay Commission: इस बार क्यों सबसे महंगा हो सकता है वेतन आयोग? देखें कर्मचारियों को कितना होगा फायदा
8th Pay Commission: इस बार क्यों सबसे महंगा हो सकता है वेतन आयोग? देखें कर्मचारियों को कितना होगा फायदा

8th Pay Commission: इस बार क्यों सबसे महंगा हो सकता है वेतन आयोग? देखें कर्मचारियों को कितना होगा फायदा

8वें वेतन आयोग को लेकर केंद्र सरकार ने तैयारी तेज कर दी है। सरकार ने आयोग का गठन कर दिया है और इसके काम करने की रूपरेखा भी तय कर दी है। इस आयोग की सिफारिशों का फायदा करीब 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और 69 लाख पेंशनर्स को मिलेगा। माना जा रहा है कि वेतन और पेंशन बढ़ने से सरकार को इस बार काफी ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। आइए जानते हैं कि 8वां वेतन आयोग क्यों चर्चा में है और इससे कर्मचारियों की सैलरी में कितना इजाफा हो सकता है।

8वें वेतन आयोग में कौन-कौन हैं?

सरकार ने पूर्व सुप्रीम कोर्ट जज जस्टिस रंजना प्रकाश देसाई को 8वें वेतन आयोग का अध्यक्ष बनाया है। आईआईएम बेंगलुरु के प्रोफेसर पुलक घोष को अंशकालिक सदस्य और पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के सचिव पंकज जैन को सदस्य-सचिव नियुक्त किया गया है। सरकार ने जनवरी 2025 में 8वें वेतन आयोग के गठन की घोषणा की थी। आयोग कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा कर अपनी सिफारिशें देगा।

क्यों कहा जा रहा है सबसे महंगा वेतन संशोधन?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 8वें वेतन आयोग को लागू करने पर वेतन और पेंशन बढ़ने से सरकार पर 4 लाख करोड़ रुपये से ज्यादा का खर्च आ सकता है। अगर पिछली बार की तरह कर्मचारियों को कई तिमाहियों का एरियर भी दिया गया, तो कुल खर्च करीब 9 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच सकता है। यही वजह है कि इसे अब तक का सबसे महंगा वेतन संशोधन माना जा रहा है।

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अभी कितनी है सैलरी और कैसे तय होगी नई सैलरी?

फिलहाल केंद्रीय कर्मचारियों को 7वें वेतन आयोग के तहत वेतन मिल रहा है। मौजूदा समय में न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये और न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये है। नई सैलरी तय करने के लिए फिटमेंट फैक्टर का इस्तेमाल किया जाएगा। इसका आसान नियम है:

नई बेसिक सैलरी = मौजूदा बेसिक सैलरी × फिटमेंट फैक्ट – एक्सपर्ट का मानना है कि फिटमेंट फैक्टर 1.8 से 3.833 के बीच हो सकता है।

अगर फिटमेंट फैक्टर 2.0 रहता है, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर 36,000 रुपये और न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये हो सकती है। वहीं अगर फिटमेंट फैक्टर 2.57 हुआ, तो न्यूनतम बेसिक सैलरी 46,260 रुपये और न्यूनतम पेंशन 23,130 रुपये तक पहुंच सकती है। सबसे ज्यादा फिटमेंट फैक्टर 3.833 पर न्यूनतम बेसिक सैलरी 69,000 रुपये और न्यूनतम पेंशन 34,497 रुपये हो सकती है।

हालांकि, यह सभी आंकड़े अनुमान हैं। अंतिम फैसला सरकार द्वारा आयोग की सिफारिशें मिलने के बाद ही लिया जाएगा।

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