Asian Markets Today: अमेरिका-ईरान तनाव से एशियाई बाजार में आई बड़ी गिरावट, 6 फीसदी तक टूटा Kospi, Nikkei 225 भी फिसला
Asian Markets Today: पश्चिम एशिया में बढ़ते जियो पॉलिटिकल टेंशन का असर सोमवार, 13 जुलाई को एशियाई शेयर बाजारों पर साफ देखने को मिला। अमेरिका और ईरान के बीच सप्ताहांत में हुए ताजा सैन्य हमलों के बाद निवेशकों का जोखिम लेने का रुझान कमजोर पड़ गया। ईरान की ओर से होर्मुज स्ट्रेट (Strait of Hormuz) को बंद करने की घोषणा और वैश्विक तेल आपूर्ति को लेकर बढ़ी चिंता ने बाजार की धारणा को प्रभावित किया। इससे इतर, सोमवार को अमेरिका की ओर से ईरान (US Iran Tension) पर नए हमलों ने भी निवेशकों के रुझान को काफी हद तक कमजोर किया। इसके चलते जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया समेत ज्यादातर एशियाई बाजार लाल निशान में कारोबार करते दिखे।
एशियाई बाजारों में कैसा रहा कारोबार?
सोमवार, 13 जुलाई के कारोबार में जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.83 फीसदी या 1251 अंक फिसल गया, जबकि टोक्यो के टॉपिक्स इंडेक्स में 0.50 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। दक्षिण कोरिया का कोस्पी इंडेक्स 5.89 फीसदी से ज्यादा टूट गया। वहीं ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 इंडेक्स 0.37 फीसदी कमजोर रहा। निवेशकों ने इस समय जोखिम वाले एसेट्स से दूरी बनानी शुरू कर दी है और उनका फोकस अब सुरक्षित निवेश विकल्पों और वैश्विक घटनाक्रम पर बना हुआ है।
तेल की कीमतों में जोरदार उछाल
अमेरिका की ओर से ईरान पर नए सैन्य हमले और उसके बाद बढ़े तनाव का सबसे बड़ा असर कच्चे तेल के बाजार में देखने को मिला। ब्रेंट क्रूड करीब 4.10 फीसदी की तेजी के साथ 79.12 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि WTI क्रूड 4.30 फीसदी उछलकर 74.48 डॉलर प्रति बैरल पर ट्रेड करता दिखा। होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे अहम तेल परिवहन मार्गों में से एक है। ऐसे में इस क्षेत्र में किसी भी तरह की बाधा ग्लोबल एनर्जी सप्लाई और तेल की कीमतों पर सीधा असर डाल सकती है।
होर्मुज स्ट्रेट को लेकर बढ़ी अनिश्चितता
ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया है, जबकि अमेरिकी सैन्य अधिकारियों और समुद्री एजेंसियों का कहना है कि दक्षिणी समुद्री चैनल से जहाजों की आवाजाही अब भी जारी है। हालांकि, इस विरोधाभासी स्थिति ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है और निवेशक किसी भी नए घटनाक्रम पर करीबी नजर बनाए हुए हैं।
सोना-चांदी और बिटकॉइन पर भी असर
बढ़ती तेल कीमतों और ब्याज दरों की आशंकाओं के बीच कीमती धातुओं में भी दबाव देखने को मिला। सोने की कीमत करीब 1.2 फीसदी गिरकर 4,070 डॉलर प्रति औंस के आसपास पहुंच गई, जबकि चांदी में करीब 2 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई। वहीं बिटकॉइन भी लगभग 0.6 फीसदी फिसलकर 63,800 डॉलर के करीब कारोबार करता दिखा।
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इस हफ्ते किन बातों पर रहेगी नजर?
बाजार की नजर अब दो बड़े ट्रिगर्स पर रहेगी। पहला, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव और होर्मुज स्ट्रेट की स्थिति पर, क्योंकि इसका सीधा असर कच्चे तेल और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। दूसरा, अमेरिका में शुरू हो रहे कॉर्पोरेट अर्निंग सीजन और महंगाई के आंकड़ों पर। इस सप्ताह Goldman Sachs, JPMorgan Chase समेत कई बड़ी अमेरिकी कंपनियां अपने तिमाही नतीजे जारी करेंगी। साथ ही अमेरिकी कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) और प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़े भी जारी होंगे। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व की अगली मौद्रिक नीति और ब्याज दरों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकते हैं।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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