₹1 लाख का पूरा कोच होगा आपका! जानें रेलवे के VIP सलून कोच की बुकिंग का पूरा प्रोसेस
रेलवे के सलून कोच का सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ, जिसके बाद लोगों में इसे लेकर काफी चर्चा शुरू हो गई। इस वीडियो ने कई पैसेंजर के मन में यह सवाल खड़ा कर दिया कि आखिर सलून कोच क्या होता है और क्या आम लोग भी इसमें सफर कर सकते हैं। दरअसल, रेलवे का यह खास कोच लग्जरी सुविधाओं के लिए जाना जाता है। आइए जानते हैं सलून कोच की बुकिंग, खर्च और इसमें मिलने वाली सुविधाओं के बारे में:
क्या होता है रेलवे का सलून कोच
रेलवे सलून कोच एक खास और लग्जरी कोच होता है, जिसमें पैसेंजर को आरामदायक सफर के लिए कई सुविधाएं मिलती हैं। इसमें दो बेडरूम, एक हॉल, किचन और बाथरूम जैसी सुविधाएं होती हैं। शुरुआत में इन कोचों का इस्तेमाल ब्रिटिश काल से ही सीनियर रेलवे ऑफिसर की ट्रैवल के लिए किया जाता था। रेलवे अधिकारी दूर-दराज के इलाकों में इंस्पेक्शन, इंवेस्टिगेशन या इमरजेंसी में इन सलून कोचों का यूज करते हैं। देशभर के अलग-अलग रेलवे जोन में कुल 336 सलून कोच हैं, जिनमें से कई एयर कंडीशन्ड भी हैं।
राष्ट्रपति से भी जुड़ी है सलून कोच की हिस्ट्री
रेलवे सलून कोच का इस्तेमाल देश के बड़े नेताओं और राष्ट्रपतियों की ट्रैवल के लिए भी किया गया है। साल 1956 से राष्ट्रपति के लिए सलून कोच की सुविधा शुरू हुई थी। डॉ. राजेंद्र प्रसाद, डॉ. एस. राधाकृष्णन, डॉ. जाकिर हुसैन और अन्य राष्ट्रपतियों ने इससे ट्रैवल की थी। पूर्व राष्ट्रपति डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम ने साल 2006 में इस कोच से आखिरी जर्नी की थी। बाद में पुराने होने के कारण इसे कुछ समय के लिए बंद कर दिया गया, लेकिन 2018 में इसे फिर से शुरू किया गया और आम पैसेंजर के लिए भी बुकिंग की फैसिलिटी उपलब्ध कराई गई।
आम पैसेंजर ऐसे करें सलून कोच की बुकिंग
अब आम पैसेंजर भी रेलवे के सलून कोच में सफर कर सकते हैं। इसके लिए IRCTC की वेबसाइट के जरिए बुकिंग करनी होती है। यात्री को IRCTC FTR (Full Tariff Rate) पोर्टल पर जाकर ट्रेन और रूट की जानकारी देनी होती है। अगर चुने गए रूट पर सलून कोच अवेलेबल है, तो इसे बुक किया जा सकता है। इस कोच में लगभग 8 लोग आराम से ट्रैवल कर सकते हैं और सफर के दौरान एक अटेंडेंट भी साथ रहता है।
सलून कोच बुक करने का खर्च
सलून कोच की बुकिंग के लिए पैसेंजर को एक तय राशि जमा करनी होती है। इसके अलावा ज्यादा दिनों के लिए अलग से शुल्क देना पड़ता है। अगर पैसेंजर को खाना बनाने के लिए कुक की जरूरत हो तो इसकी फैसिलिटी भी दी जा सकती है। आमतौर पर रूट और ट्रैवल टाइम के हिसाब से इसका खर्च करीब 2 से 3 लाख रुपये तक जा सकता है। बुकिंग के लिए पहले से प्लानिंग बनाना जरूरी होता है, क्योंकि इसे लगभग 6 महीने पहले तक बुक किया जा सकता है।
सलून कोच बुक करने से पहले इन बातों का रखें ध्यान
सलून कोच की सुविधा लेने के लिए कुछ नियमों का पालन करना जरूरी है। यह फैसिलिटी कम से कम 500 किलोमीटर की जर्नी के लिए अवेलेबल होती है। बुकिंग के समय सिक्योरिटी डिपॉजिट जमा करना होता है और रूट पर कोच की अवेलेबिलिटी भी जरूरी है। यह सामान्य ट्रेन टिकट की तरह नहीं होता, बल्कि एक प्रीमियम और प्राइवेट ट्रैवल एक्सपीरियंस देता है, जिसमें पैसेंजर को ट्रेन के अंदर घर जैसी फैसिलिटी मिलती हैं।
Leave a Reply