2 सीटों पर दोबारा वोटिंग, BJP-TMC में झड़प, फाल्टा में विरोध प्रदर्शन: आज पश्चिम बंगाल में क्या-क्या हो रहा है?
Last Updated on May 2, 2026 18:37, PM by Pawan
पश्चिम बंगाल के साउथ 24 परगना जिले में शनिवार को 15 बूथों पर हो रही दोबारा वोटिंग के दौरान हालात बिगड़ गए, जब तृणमूल कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हो गई। इस दौरान कई जगहों पर अफरा-तफरी का माहौल देखने को मिला और पुलिस को स्थिति संभालने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा।
चुनाव आयोग ने चुनाव में गड़बड़ी और वोटिंग में छेड़छाड़ के आरोपों के बाद मग्राहाट पश्चिम और डायमंड हार्बर विधानसभा क्षेत्रों के 15 बूथों पर दोबारा मतदान कराने का आदेश दिया था। भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच सुबह वोटिंग शांतिपूर्ण तरीके से शुरू हुई और दोपहर 3 बजे तक करीब 72 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया।
हालांकि, दिन बढ़ने के साथ ही हालात बिगड़ने लगे। BJP समर्थकों ने आरोप लगाया कि उनके मतदाताओं को बूथों पर वोट डालने से रोका गया, जबकि TMC समर्थकों का कहना था कि BJP कार्यकर्ता चुनाव प्रक्रिया को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे। झड़प बढ़ने पर पुलिस ने हस्तक्षेप किया और कई लोगों को हिरासत में लिया।
फाल्टा से BJP उम्मीदवार देबगांशु पांडा ने दावा किया कि कई बूथों पर मतदान ठीक से नहीं हो पाया क्योंकि लोगों को धमकाया गया। वहीं TMC उम्मीदवार जहांगीर खान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि विरोध प्रदर्शन BJP द्वारा प्रायोजित था, ताकि काउंटिंग से पहले TMC समर्थकों का मनोबल गिराया जा सके।
इस बीच, EVM स्ट्रॉन्ग रूम को लेकर भी नया विवाद सामने आया। TMC ने एक रिटर्निंग ऑफिसर पर पोस्टल बैलेट में गड़बड़ी का आरोप लगाया, जबकि BJP ने दावा किया कि एक स्ट्रॉन्ग रूम बिना अनुमति के खोला गया। इस मामले में जांच शुरू कर दी गई है और रिपोर्ट के मुताबिक कम से कम छह अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
फाल्टा विधानसभा क्षेत्र के हाशिम नगर इलाके में स्थानीय लोगों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि TMC कार्यकर्ता उन्हें धमका रहे हैं और सुरक्षा की मांग की जा रही है। स्थिति को देखते हुए सुरक्षा बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई और अधिकारियों ने भरोसा दिलाया कि कानून-व्यवस्था बनाए रखी जाएगी।
इस बीच, चुनाव आयोग ने मतगणना प्रक्रिया को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए अतिरिक्त कदम उठाए हैं। आयोग ने राज्य में 165 अतिरिक्त काउंटिंग ऑब्जर्वर और 77 पुलिस ऑब्जर्वर तैनात किए हैं। साथ ही, काउंटिंग सेंटर में प्रवेश के लिए QR कोड आधारित पहचान पत्र अनिवार्य कर दिया गया है।
