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West Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल में काउंटिंग से पहले ममता बनर्जी और अभिषेक ने बनाया मेगा प्लॉन, इनसाइड स्टोरी जानिए

West Bengal Election Result: पश्चिम बंगाल में काउंटिंग से पहले ममता बनर्जी और अभिषेक ने बनाया मेगा प्लॉन, इनसाइड स्टोरी जानिए

Last Updated on May 2, 2026 21:56, PM by Pawan

पश्चिम बंगाल विधानसभ चुनावों में वोटिंग के बाद कई एग्जिट पोल में जैसे ही ममता बनर्जी और उनकी पार्टी तृणमूल कांग्रेस (TMC) की हार की संभावना दिखी, देश की सियासत में भूचाल आ गया। पिछले 15 साल से पश्चिम बंगाल की सत्ता की अनचैलेंज्ड लीडर ममता बनर्जी क्या शिकस्त खाने जा रही हैं, इस तरह के दावे-प्रतिदावे तेज हुए तो टीएमसी ने भी हुंकार भर दी है। टीएमसी की टॉप लीडरशिप ने ऐलान कर दिया है कि उन्हें किसी भी कीमत पर 294 विधानसभा सीटों में से 200 से कम सीटें नहीं आ रही हैं। इसी बीच मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और टीएमसी नेता अभिषेक बनर्जी ने शनिवार को पार्टी के काउंटिंग एजेंट्स के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक भी की। 4 मई को होने वाली मतगणना से दो दिन पहले हुई इस बैठक में पार्टी नेतृत्व ने न केवल जीत का भरोसा जताया बल्कि मतगणना केंद्रों पर तैनात रहने वाले एजेंट्स के लिए सख्त गाइडलाइंस भी जारी कीं।

200 से ज्यादा सीटें जीतने का भरोसा

ममता बनर्जी की पार्टी 291 विधानसभा सीटों पर लड़ी है और उनके साथ भारतीय गोरखा प्रजातांत्रिक मोर्चा 3 सीटों पर लड़ा है। ममता ने पार्टी के काउंटिंग एजेंट्स को संबोधित करते हुए दावा किया कि टीएमसी इस चुनाव में कम से कम 200 से अधिक सीटें हासिल करेगी। उन्होंने भाजपा और उसके सहयोगियों द्वारा किए जा रहे दावों को दुष्प्रचार करार देते हुए एजेंट्स से कहा कि वे इन बातों पर ध्यान न दें।

एग्जिट पोल्स को बताया शेयर बाजार का खेल

मुख्यमंत्री ने टीवी चैनलों और सोशल मीडिया पर दिखाए जा रहे एग्जिट पोल्स को पूरी तरह खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि 2021 और 2024 के एग्जिट पोल्स भी हकीकत से कोसों दूर थे। ममता बनर्जी के अनुसार, अधिकांश एग्जिट पोल्स केवल शेयर बाजार को प्रभावित करने के लिए होते हैं और इनका कोई वास्तविक मूल्य नहीं है।

अभिषेक बनर्जी बोले- नंदीग्राम जैसी गलती न हो

अभिषेक बनर्जी ने मतगणना केंद्रों पर होने वाली किसी भी असामान्य गतिविधि को लेकर आगाह किया। उन्होंने 2021 में नंदीग्राम काउंटिंग सेंटर पर हुई अचानक बिजली कटौती जैसी घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि ऐसी किसी भी स्थिति की तुरंत पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को रिपोर्ट की जाए। उन्होंने विशेष रूप से निर्देश दिया कि अगर पार्टी का कोई उम्मीदवार कम अंतर (200-300 वोट) से हार रहा हो, तो पोस्टल बैलेट्स की दोबारा गिनती के लिए दबाव बनाया जाए। एजेंट्स को स्ट्रांग रूम से ईवीएम निकालने से लेकर सील खोलने तक के सभी प्रोटोकॉल और राउंड्स की जानकारी दी गई।

आखिरी समय तक केंद्र न छोड़ने की हिदायत

ममता बनर्जी ने स्पष्ट किया कि कोई भी एजेंट मतगणना की प्रक्रिया पूरी होने तक केंद्र छोड़कर बाहर नहीं आएगा। उन्होंने उन एजेंट्स को सुरक्षा और समर्थन का आश्वासन भी दिया, जिन पर चुनाव के दौरान केंद्रीय बलों द्वारा कथित तौर पर हमला किया गया था। भले ही मुख्यमंत्री ने भारी जीत का भरोसा जताया है, लेकिन उन्होंने ईवीएम के साथ छेड़छाड़ और मतगणना में गड़बड़ी की आशंका भी बार-बार जताई है। हाल ही में कोलकाता के दो काउंटिंग सेंटर्स पर टीएमसी नेताओं ने पारदर्शिता की कमी का आरोप लगाया था, जिसके बाद ममता बनर्जी खुद सखावत मेमोरियल स्कूल सेंटर पर करीब चार घंटे तक रुकी रहीं। हालांकि, राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल ने स्पष्ट किया है कि केंद्रों पर किसी भी तरह की गड़बड़ी की कोई गुंजाइश नहीं है।