NRI: टैक्स, ब्याज और लेट फीस चुकाने के बाद भी लगा 8.29 लाख का जुर्माना, ITAT ने किस आधार पर दी राहत
कई बार नौकरी, शहर या देश बदलने की भागदौड़ में कई जरूरी काम पीछे छूट जाते हैं, जिनमें से एक है इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) भरना। चार्टर्ड अकाउंटेंट मुकंदर बेनीवाल ने इंस्टाग्राम पर ऐसे ही एक मामले की जानकारी दी है। इसमें अमेरिका जाने के दौरान ITR न भर पाने पर एक करदाता पर 8.29 लाख रुपये से ज्यादा का जुर्माना लग गया था। लेकिन इनकम टैक्स अपीलेट ट्रिब्यूनल (ITAT) ने यह जुर्माना हटा दिया। आखिर ऐसा क्यों हुआ, चलिए विस्तार से समझते हैं।
क्या था पूरा मामला?
अभिषुभम सक्सेना नई नौकरी के लिए अमेरिका चले गए। इसी बीच उनका भारत का ITR भरना रह गया। बाद में उन्होंने अपनी गलती सुधारी और खुद आगे आकर टैक्स, उस पर ब्याज और लेट फीस जमा कर दी। खास बात यह रही कि यह सब उन्होंने री-असेसमेंट की कार्रवाई शुरू होने से पहले ही कर दिया था। री-असेसमेंट यानी जब टैक्स विभाग किसी की आय की दोबारा जांच शुरू करता है।
इसके बावजूद विभाग ने आय की गलत रिपोर्टिंग का आरोप लगाकर उन पर 8,29,034 रुपये का जुर्माना लगा दिया। जिसके बाद मामला ITAT जयपुर पहुंचा।
ITAT ने क्या कहा?
ट्रिब्यूनल ने साफ किया कि ITR न भर पाना एक बात है और जानबूझकर आय की गलत जानकारी देना दूसरी बात। सक्सेना की दलील थी कि अमेरिका जाते समय हुई यह चूक जानबूझकर नहीं थी। ITAT को उनका जवाब भरोसेमंद लगा। उसने इस बात को भी अहम माना कि उन्होंने जांच शुरू होने से पहले ही पूरी रकम चुका दी थी। इन हालात को देखकर ट्रिब्यूनल ने धारा 270A(6) के तहत राहत दी और पूरा जुर्माना हटा दिया।
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धारा 270A(6) क्या है?
इनकम टैक्स कानून की धारा 270A आय को कम या गलत दिखाने पर जुर्माने का प्रावधान करती है। वहीं 270A(6) में कुछ ऐसी स्थितियां बताई गई हैं, जहां तय शर्तें पूरी होने पर किसी रकम को कम बताई गई आय नहीं माना जाता। इस मामले में राहत सिर्फ इसलिए नहीं मिली कि टैक्स जमा हो गया था। ट्रिब्यूनल ने मामले के हालात, चूक की वजह और करदाता के व्यवहार को भी परखा।
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करदाताओं के लिए सबक
– ITR भरने में चूक हो जाना और जानबूझकर आय छिपाना, दोनों अलग बातें हैं।
– चूक हो जाए तो जल्द से जल्द टैक्स, ब्याज और फीस चुकाकर स्थिति सुधार लें।
– यह न मान लें कि पैसा जमा कर देने से जुर्माना माफ हो ही जाएगा। राहत इस पर निर्भर करती है कि मामले के तथ्य क्या हैं और कानून की शर्तें पूरी होती हैं या नहीं।
– अपनी आय की सही जानकारी दें, खासकर तब, जब आप शहर या देश बदल रहे हों।

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