Microsoft में 60,000 कर्मचारियों पर संकट? कंपनी ने दिया नौकरी छोड़ने का ऑफर, AI से Xbox तक कई डिवीजन शामिल
Microsoft Buyout Offer: दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft) ने करीब 60,000 कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का ऑफर (Microsoft Voluntary Exit Offer) दिया है। कंपनी के इस कदम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोपायलट, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, Xbox और Windows जैसे कई प्रमुख डिवीजन प्रभावित हो सकते हैं। हालांकि, यह अनिवार्य छंटनी नहीं है, बल्कि कर्मचारियों को अपनी मर्जी से कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जा रहा है। माइक्रोसॉफ्ट का यह कदम ऐसे समय सामने आया है, जब दुनिया की बड़ी टेक कंपनियां AI में निवेश बढ़ाने के साथ अपने कर्मचारियों की संख्या और लागत की समीक्षा कर रही हैं।
बिजनेस इनसाइडर की रिपोर्ट में क्या दावा?
न्यूज एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक, बिजनेस इनसाइडर ने सोमवार, 26 अक्टूबर को एक आंतरिक मेमो और कंपनी के प्रवक्ता के हवाले से बताया कि माइक्रोसॉफ्ट करीब 60,000 कर्मचारियों को बायआउट ऑफर दे रही है। इस ऑफर के तहत पात्र कर्मचारियों को स्वेच्छा से कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जाएगा। हालांकि, कितने कर्मचारी इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे और वास्तव में कितने लोग कंपनी से बाहर होंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है। रॉयटर्स ने जब माइक्रोसॉफ्ट से प्रभावित कर्मचारियों की संख्या के बारे में पूछा, तो कंपनी ने तत्काल कोई टिप्पणी नहीं की।
किन डिवीजन के कर्मचारियों पर असर?
रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट के कई प्रमुख कारोबारी डिवीजन इस स्वैच्छिक निकासी प्रस्ताव के दायरे में हैं। इनमें AI एक्सपीरियंस, Copilot, फाइनेंस, ह्यूमन रिसोर्सेज, Xbox और Windows + Devices शामिल हैं। इन डिवीजन में काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया जा रहा है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि इन सभी विभागों में अनिवार्य रूप से कर्मचारियों की छंटनी होगी।
भारत के कर्मचारियों को भी मिलेगा ऑफर
माइक्रोसॉफ्ट का यह ऑफर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं है। कंपनी के मुताबिक, भारत, कनाडा, ब्रिटेन और अमेरिका में चुनिंदा टीमों के लेवल 70 और उससे नीचे के कर्मचारी इसके पात्र होंगे। कंपनी ने इसे वॉलंटरी एग्जिट ऑफर (VEO) नाम दिया है। इसके तहत पात्र कर्मचारी वित्तीय सहायता और करियर प्लानिंग से जुड़ी सुविधाओं के साथ कंपनी छोड़ने का विकल्प चुन सकते हैं। कर्मचारियों को ऑफर की शर्तों की जानकारी ईमेल के जरिए दी जाएगी। यह सीमित अवधि के लिए लागू किया गया कार्यक्रम है।
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आखिर क्यों उठाया माइक्रोसॉफ्ट ने यह कदम?
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, माइक्रोसॉफ्ट AI के क्षेत्र में भारी निवेश कर रही है। कंपनी डेटा सेंटर और AI चिप्स पर बड़ी रकम खर्च कर रही है। इसके साथ ही वह दूसरी जगहों पर लागत नियंत्रित करने की कोशिश कर रही है। माइक्रोसॉफ्ट ने कैलेंडर वर्ष 2026 के लिए करीब 175 अरब डॉलर के पूंजीगत खर्च का अनुमान दिया है। कंपनी के इस भारी निवेश को देखते हुए निवेशकों के बीच यह सवाल भी उठ रहा है कि AI पर खर्च की जा रही रकम से कितना फायदा होगा।
जून 2026 के अंत तक माइक्रोसॉफ्ट के दुनियाभर में करीब 2.23 लाख पूर्णकालिक कर्मचारी थे। इस लिहाज से नया बायआउट ऑफर कंपनी के एक-चौथाई से ज्यादा कर्मचारियों के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।
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पहले भी कर्मचारियों की छंटनी कर चुकी है कंपनी
माइक्रोसॉफ्ट ने इससे पहले भी कर्मचारियों की संख्या घटाने के लिए कदम उठाए हैं। इस साल कंपनी ने अमेरिका में करीब 9,000 कर्मचारियों को स्वैच्छिक रूप से नौकरी छोड़ने का प्रस्ताव दिया था। इसके अलावा जुलाई में कंपनी ने करीब 4,800 नौकरियां खत्म करने का ऐलान किया था। यह उसके वैश्विक कार्यबल का लगभग 2.1 फीसदी था। इस दौरान Xbox गेमिंग कारोबार में भी बड़े बदलाव किए गए थे। हालांकि, नए प्रस्ताव के तहत 60,000 कर्मचारियों को नौकरी से निकाला नहीं जा रहा है। यह संख्या उन कर्मचारियों की है, जिन्हें स्वेच्छा से कंपनी छोड़ने का विकल्प दिया गया है। वास्तव में कितने कर्मचारी इस प्रस्ताव को स्वीकार करेंगे, यह अभी स्पष्ट नहीं है।

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