State Bank of India (SBI) ने गुरुवार को एक्सचेंज को जानकारी दी है कि सेंट्रल बोर्ड की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक 12 मई को आयोजित होगी, जिसमें वित्त वर्ष 2027 के दौरान फॉरेन करेंसी बॉन्ड्स के जरिए 2 अरब डॉलर यानी करीब 16700 करोड़ रुपये जुटाने के प्रस्ताव पर विचार किया जाएगा। देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि फंड जुटाने की यह प्रक्रिया एक या कई चरणों में पब्लिक ऑफर या प्राइवेट प्लेसमेंट के जरिए की जा सकती है। बैंक के मुताबिक बॉन्ड जारी करने में अमेरिकी डॉलर या अन्य प्रमुख फॉरेन करेंसी में फिक्स्ड या फ्लोटिंग रेट बॉन्ड शामिल हो सकते हैं।
स्टेट बैंक ऑफ इंडिया से मार्च 2026 तिमाही में मजबूत प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। अनुमान है कि बैंक की क्रेडिट ग्रोथ 13 फीसदी से 15 फीसदी के बीच बनी रह सकती है, जिसमें कॉरपोरेट और MSME सेगमेंट की रिकवरी प्रमुख भूमिका निभा सकती है। एनालिस्ट का मानना है कि यील्ड री-प्राइसिंग और फंडिंग कॉस्ट (CoF) में कमी के चलते बैंक का नेट इंटरेस्ट मार्जिन (NIM) करीब 3 फीसदी के स्तर पर टिक सकता है।
एसेट क्वालिटी में और सुधार की उम्मीद
एसेट क्वालिटी में और सुधार की उम्मीद है तथा रिटर्न ऑन एसेट्स (RoA) करीब 1.1 फीसदी रह सकता है। क्रेडिट कॉस्ट 40 बेसिस प्वाइंट से नीचे रहने का अनुमान है, जबकि मजबूत ऑपरेटिंग लीवरेज के कारण कॉस्ट-टू-इनकम रेशियो 50 फीसदी से नीचे बना रह सकता है। निवेशकों की नजर वित्त वर्ष 2027 के ग्रोथ गाइडेंस, पश्चिम एशिया युद्ध का कर्जदारों पर असर, वित्त वर्ष 2027 के मार्केट शेयर टारगेट, EPS ग्रोथ आउटलुक और NIM ट्रैजेक्टरी पर रहेगी। साथ ही कॉरपोरेट लोन ग्रोथ की गुणवत्ता और प्राइसिंग डिसिप्लिन भी प्रमुख मॉनिटरिंग फैक्टर होंगे।
शेयर का प्रदर्शन
SBI का शेयर गुरुवार को 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 1092.90 रुपये पर बंद हुआ। पिछले एक साल में कंपनी के शेयर में 40.82 फीसदी की तेजी देखने को मिली है।
(Disclaimer: शेयर को लेकर सलाह मार्केट एक्सपर्ट द्वारा दी गई हैं। यह ET NOW Swadesh के निजी विचार नहीं हैं। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।)

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