MF Investment : ताजा आंकड़ों के मुताबिक मार्च 2026 तिमाही के दौरान घरेलू म्यूचुअल फंड्स ने बड़े प्राइवेट बैंकों में अपना निवेश बढ़ाया और PSU कंपनियों में अपनी हिस्सेदारी कम कर दी है। प्राइम इंफोबेस (Prime Infobase) के डेटा से पता चलता है कि इक्विटी बाजारों में कमजोरी और ज्यादातर सेक्टर्स में गिरावट को बावजूद बैंकों में म्यूचुअल फंड्स का भरोसा कायम रहा है। इस तिमाही के दौरान Nifty में लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। जबकि, Sensex 13 प्रतिशत फिसला है।
मार्च 2026 तिमाही के दौरान सभी सेक्टरों में होल्डिंग्स में गिरावट आई है और यह ₹52.27 लाख करोड़ से घटकर ₹46.64 लाख करोड़ रह गई है। इसका मतलब ये है कि इसमें ₹5.62 लाख करोड़ की कमी आई है। सबसे बड़ी गिरावट फाइनेंशियल सर्विसेज़ सेक्टर में देखने को मिली,जहां होल्डिंग्स ₹16.30 लाख करोड़ से घटकर ₹14.58 लाख करोड़ (₹1.71 लाख करोड़ की कमी) रह गईं। हालांकि,कुल एसेट्स का 31.27% हिस्सा होने के कारण यह सेक्टर अभी भी सबसे बड़ा होल्डिंग वाला सेक्टर बना रहा। इसके बाद कंज्यूमर डिस्क्रिशनरी में 1.25 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई और यह 8.09 लाख करोड़ रुपये पर आ गया। जबकि इंफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी 0.84 लाख करोड़ रुपये गिरकर 3.12 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया।
म्यूचुअल फंड्स ने कहां लगाया दांव
म्यूचुअल फंड्स की तरफ से सबसे ज्यादा खरीदारी HDFC Bank में देखी गई। यहां इनकी होल्डिंग्स 355.30 करोड़ शेयरों से बढ़कर 393.97 करोड़ शेयर हो गईं, यानी इसमें 38.66 करोड़ शेयरों की बढ़ोतरी हुई। इस दौरान इस स्टॉक में लगभग 26 फीसदी की गिरावट आई। इसी तरह,ICICI Bank में म्यूचुअल फंड्स की होल्डिंग्स 186.58 करोड़ शेयरों से बढ़कर 199.28 करोड़ शेयर हो गईं, यानी इसमें 12.70 करोड़ शेयरों की बढ़ोतरी हुई। जबकि Kotak Mahindra Bank में MFs की होल्डिंग्स 210.65 करोड़ शेयरों से बढ़कर 234.39 करोड़ शेयर हो गईं, यानी इसमें 23.74 करोड़ शेयरों की बढ़ोतरी देखने को मिली।
बैंकिंग के अलावा,म्यूचुअल फंड्स ने IT और टेलीकॉम सेक्टर की चुनिंदा लार्ज-कैप कंपनियों में भी अपना निवेश बढ़ाया। Infosys में ज्यादा निवेश किया गया,जिससे इसमें उनकी हिस्सेदारी लगभग 5.91 करोड़ शेयर बढ़ गई। वहीं Bharti Airtel में भी खरीदारी देखने को मिली। इस तिमाही के दौरान म्यूचुअल फंड्स ने इसमें लगभग 4.06 करोड़ शेयर और जोड़े।
बैंकिंग के अलावा, म्यूचुअल फंड्स ने आईटी और टेलीकॉम सेक्टर की बड़ी कंपनियों में भी बड़े पैमाने पर निवेश किया। इंफोसिस में और निवेश किया गया, जिससे इसमें उनकी हिस्सेदारी लगभग 5.91 करोड़ शेयर बढ़ गई; वहीं भारती एयरटेल में भी खरीदारी देखने को मिली, और इस तिमाही के दौरान म्यूचुअल फंड्स ने इसमें लगभग 4.06 करोड़ शेयर और जोड़े।
रिलायंस इंडस्ट्रीज में भी म्यूचुअल फंड्स की खरीदारी देखने को मिली,जहां इनकी होल्डिंग्स में लगभग 3.44 करोड़ शेयरों की बढ़ोतरी हुई। इसके साथ ही इंडिगो (InterGlobe Aviation) में लगभग 1.27 करोड़ शेयर और भेल (Bharat Heavy Electricals) में लगभग 14.05 करोड़ शेयर जोड़े गए। फाइनेंशियल टेक्नोलॉजी के सेक्टर की PB फिनटेक में भी लगभग 2.65 करोड़ शेयरों की अतिरिक्त खरीदारी देखने को मिली।
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म्यूचुअल फंडों ने यहां की मुनाफावसूली
म्यूचुअल फंड्स की बिकवाली के आंकड़ों पर नजर डालें तो पता चलता है कि कई PSU और कमोडिटी से जुड़ी कंपनियों में निवेश कम किया गया है। उदाहरण के लिए भारतीय स्टेट बैंक में म्यूचुअल फंड्स की हिस्सेदारी 125.91 करोड़ शेयरों से घटकर 121.60 करोड़ शेयर रह गई, यानी इसमें 4.31 करोड़ शेयरों की गिरावट आई। इस स्टॉक में म्यूचुअल फंड्स की तरफ से 4,721 करोड़ रुपये की नेट बिक्री हुई। वेदांता और हिंडाल्को इंडस्ट्रीज जैसी कमोडिटी से जुड़ी कंपनियों में भी बिकवाली देखने को मिली।
वैल्यू के पैमाने पर देखें तो एनर्जी और यूटिलिटीज़ सेक्टर में म्यूचुअल फंड की होल्डिंग्स में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी देखने को मिली है। इसमें NTPC सबसे आगे रहा,जिसकी होल्डिंग में करीब 5,129 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद कोल इंडिया का नंबर रहा, जिसकी होल्डिंग में करीब 4,228 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई है। इसके बाद ONGC का नंबर रहा, जिसकी होल्डिंग में करीब 2,475 करोड़ रुपये की बढ़ोतरी हुई। दूसरी ओर HDFC बैंक,रिलायंस इंडस्ट्रीज और इंफोसिस जैसी बड़ी प्राइवेट कंपनियों के पोर्टफोलियो की वैल्यू में बड़ी गिरावट आई। इसकी मुख्य वजह भारी बिकवाली के बजाय शेयरों की कीमतों में आई गिरावट रही।
कुल मिलाकर,579 कंपनियों में म्यूचुअल फंड की होल्डिंग्स बढ़ीं,जबकि शेयरों की औसत कीमतें 14.83 फीसदी गिर गईं। जिन 465 कंपनियों में होल्डिंग्स कम की गईं,वहां कीमतें और भी तेजी से 17.59% गिर गईं, जो सभी सेक्टरों में बाजार की व्यापक कमजोरी को दिखाता है।
संस्थागत स्तर पर, SBI म्यूचुअल फंड 31 मार्च, 2026 तक 7.85 लाख करोड़ रुपये की होल्डिंग्स के साथ सबसे बड़ा इक्विटी निवेशक बना रहा,जिसके बाद ICICI प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड और HDFC म्यूचुअल फंड का नबंर रहा।

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