Apollo Micro Systems: 1,550 करोड़ रुपये की डील का ऐलान, 4 फीसदी उछला शेयर, इस डिफेंस कंपनी में खरीदेगी 41.3% हिस्सेदारी
Apollo Micro Systems Premier Explosives Deal: डिफेंस सेक्टर की कंपनी Premier Explosives का शेयर शुक्रवार, 10 जुलाई के कारोबार में करीब 3 फीसदी की गिरावट के साथ 689 के पास ट्रेड करता हुआ दिखा यह तेजी Apollo Micro Systems की ओर से कंपनी में 41.3 फीसदी प्रमोटर हिस्सेदारी खरीदने की घोषणा के बाद आई है। करीब 1,550 करोड़ रुपये के इस ऑल-कैश सौदे को रक्षा क्षेत्र में एक अहम रणनीतिक कदम माना जा रहा है। इस डील के बाद निवेशकों के मन में सबसे बड़ा सवाल यही है कि इसका कंपनी के कारोबार और वित्तीय प्रदर्शन पर असर कब से दिखेगा। इस पर Premier Explosives के मैनेजिंग डायरेक्टर टी.वी. चौधरी ने कहा कि इस अधिग्रहण का वास्तविक वित्तीय लाभ वित्त वर्ष 2027-28 (FY28) से दिखाई देने की उम्मीद है।
FY28 से दिखेगा वित्तीय असर
टी.वी. चौधरी के मुताबिक, मौजूदा वित्त वर्ष के लिए दोनों कंपनियों की कारोबारी योजनाएं पहले से तय हैं। इसलिए इस साल बड़े वित्तीय बदलाव की संभावना कम है। उन्होंने कहा कि दोनों कंपनियों की क्षमताओं को एक साथ जोड़ने का असर अगले वित्त वर्ष से अधिक स्पष्ट रूप से नजर आएगा।
इलेक्ट्रॉनिक्स और विस्फोटक तकनीक का होगा मजबूत मेल
कंपनी का मानना है कि यह अधिग्रहण सिर्फ हिस्सेदारी खरीदने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि दोनों कंपनियों की विशेषज्ञता एक-दूसरे को मजबूत करेगी। चौधरी ने बताया कि Apollo Micro Systems डिफेंस इलेक्ट्रॉनिक्स, एयरोस्पेस और एडवांस्ड इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम्स में मजबूत पकड़ रखती है, जबकि Premier Explosives एनर्जी मटेरियल्स, प्रोपेलेंट्स और विस्फोटक तकनीक में विशेषज्ञ है। उनके अनुसार, भविष्य का डिफेंस इंडस्ट्री केवल हथियार या विस्फोटकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इलेक्ट्रॉनिक्स और एडवांस्ड डिफेंस सिस्टम्स के साथ उनका बेहतर एकीकरण ही नई दिशा तय करेगा। यही सोच इस साझेदारी के पीछे प्रमुख वजह रही है।
यह भी पढ़ें- TCS Share Target Price: तिमाही नतीजों के बाद क्या करें निवेशक? 3 ब्रोकरेज ने जारी की अलग-अलग राय वाली रिपोर्ट, Buy-Sell-Hold?
इंटीग्रेशन में नहीं दिखती कोई बड़ी चुनौती
कंपनी मैनेजमेंट का कहना है कि दोनों कंपनियों के कारोबार का स्वरूप अलग-अलग होने के कारण इंटीग्रेशन में किसी बड़ी परेशानी की उम्मीद नहीं है। उन्होंने कहा कि दोनों के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट, टेक्नोलॉजी और विशेषज्ञता अलग-अलग क्षेत्रों में है। Apollo इलेक्ट्रॉनिक्स पर फोकस करती है, जबकि Premier Explosives एनर्जी मटेरियल्स और विस्फोटक उत्पादों में विशेषज्ञ है। ऐसे में दोनों की क्षमताएं एक-दूसरे की पूरक साबित हो सकती हैं।
यह भी पढ़ें- Railway PSU को यूपी सरकार से मिला 18.59 करोड़ रुपये का नया ऑर्डर, शेयर में आई बुलेट ट्रेन जैसी रफ्तार
नियामकीय मंजूरियां भी होंगी जरूरी
प्रबंधन ने बताया कि प्रमोटर हिस्सेदारी में बदलाव के बाद आवश्यक नियामकीय प्रक्रियाएं पूरी की जाएंगी। रक्षा क्षेत्र से जुड़ी कंपनियों में कुछ बदलावों के लिए रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defence) और संबंधित सरकारी विभागों की मंजूरी भी आवश्यक होती है। कंपनी को उम्मीद है कि सभी प्रक्रियाएं तय नियमों के तहत पूरी कर ली जाएंगी।
Apollo Micro Systems में दिखी तेजी
शुक्रवार, 10 जुलाई को Apollo Micro के शेयर 4 फीसदी तक उछलकर 418 रुपये के इंट्रा डे हाई पर पहुंच गए थे। हालांकि, मुनाफावसूली के बाद स्टॉक में थोड़ी गिरावट आई जिसके बाद शेयर 2.62 फीसदी उछलकर ट्रेड कर रहे हैं। स्टॉक का 52-वीक हाई और लो स्तर क्रमश: 466 रुपये और 162 रुपये रहा है। कंपनी का मार्केट कैप 14,812 करोड़ रुपये दर्ज किया गया। पिछले 5 साल में स्टॉक ने 3532 फीसदी का मल्टीबैगर रिटर्न दिया है।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है

Leave a Reply