Badrinath Dham Donation Case: राम मंदिर के बाद अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की हेराफारी का आरोप, SIT ने दान अधिकारी प्रमोद नौटियाल को किया गिरफ्तार
Badrinath Dham Donation Case: अयोध्या स्थित राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले के बाद अब बद्रीनाथ धाम से भी ऐसा ही घटना सामने आई है। दरअसल, सोमवार को स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) ने बद्रीनाथ धाम में चढ़ावा और दान से जुड़े अधिकारी प्रमोद नौटियाल को कथित दान फंड में गड़बड़ी के मामले में गिरफ्तार किया है।
नौटियाल को बीती रात करीब 8 बजे देहरादून से गिरफ्तार किया गया और बाद में चल रही जांच के सिलसिले में बद्रीनाथ लाया गया।
SIT ने कहा कि नौटियाल पर इस मामले में गंभीर आरोप हैं और संकेत दिया कि जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, कई अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
बता दें कि यह गिरफ्तारी देश के प्रमुख तीर्थ स्थलों में शामिल बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित हेराफेरी के मामले की जांच में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।
मंदिर में दान की गिनती में गड़बड़ी
रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक आंतरिक जांच में 2 जुलाई, 2026 को ‘थाली’ में चढ़ाए गए दान की गिनती के दौरान गड़बड़ी पाई गई। जिसके आधार पर FIR दर्ज की गई और इसके बाद जांच का दायरा बढ़ा दिया गया।
अधिकारियों ने आरोप लगाया है कि मंदिर के दान-गणना क्षेत्र से नकदी और चढ़ावे की वस्तुएं चोरी हो गईं। शुरुआती रिपोर्टों में इस मामले को श्रद्धालुओं के दान और कीमती सामान की कथित चोरी या गबन के रूप में बताया गया है।
इस मामले में शिकायत के बाद पहले विभागीय जांच हुई, जिसके बाद पुलिस ने आपराधिक कार्यवाही शुरू की।
मंदिर की जांच से आगे बढ़ा मामला
अब यह जांच मंदिर प्रशासन की आंतरिक जांच से आगे बढ़ चुकी है और पुलिस तथा स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) इसे संभाल रही हैं। गिरफ्तारी से पहले, नौटियाल ने कथित तौर पर FIR और अपने सस्पेंशन, दोनों को ही हाई कोर्ट में चुनौती दी थी।
बता दें कि SIT द्वारा उन्हें हिरासत में लिए जाने के बाद, जांच अधिकारी कथित गड़बड़ियों से जुड़े सभी पहलुओं की जांच कर रहे हैं।
SIT ने यह भी संकेत दिया है कि जांच जारी है और अगर सबूतों से अन्य लोगों की संलिप्तता साबित होती है, तो उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
मामले का बड़ा महत्व
यह मामला इसलिए भी ज्यादा चर्चा में है, क्योंकि बद्रीनाथ धाम देश के सबसे पवित्र हिंदू तीर्थ स्थलों में से एक है। नतीजतन, भक्तों के चढ़ावे के कथित दुरुपयोग को न केवल एक वित्तीय मामला, बल्कि जन-विश्वास का मुद्दा भी माना जा रहा है। इस विवाद के बाद कई धार्मिक नेताओं और जन-प्रतिनिधियों ने कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
उत्तराखंड सरकार के अधिकारियों ने भी कहा है कि जांच के दौरान जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जांच जारी है
डोनेशन फंड में कथित गड़बड़ी की चल रही जांच में SIT द्वारा प्रमोद नौटियाल की गिरफ्तारी सबसे नया कदम है। जांच करने वाले अधिकारी मंदिर में चढ़ावे के लेन-देन, डोनेशन गिनने की प्रक्रिया और इस मामले से जुड़े लोगों की भूमिका की जांच कर रहे हैं।
SIT का कहना है कि जांच जारी है और संकेत दिया है कि जैसे-जैसे और सबूत मिलेंगे, आगे और कार्रवाई की जा सकती है।
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