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Dr Reddy’s Q4 Results: दवा कंपनी का मुनाफा 86% गिरा, रेवेन्यू भी फिसला; जानिए क्या रही इसकी वजह
Dr Reddy’s Q4 Results: दवा कंपनी का मुनाफा 86% गिरा, रेवेन्यू भी फिसला; जानिए क्या रही इसकी वजह

Dr Reddy’s Q4 Results: दवा कंपनी का मुनाफा 86% गिरा, रेवेन्यू भी फिसला; जानिए क्या रही इसकी वजह

Dr Reddy’s Q4 Results: दवा कंपनी Dr Reddy’s Laboratories का चौथी तिमाही का प्रदर्शन काफी कमजोर रहा है। कंपनी का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 86 फीसदी गिरकर सिर्फ 221 करोड़ रुपये रह गया। पिछले साल इसी तिमाही में कंपनी को 1593 करोड़ रुपये का मुनाफा हुआ था। यह लगातार दूसरी तिमाही है, जब कंपनी के मुनाफे में गिरावट दर्ज की गई है।

कैंसर थेरेपी प्रोग्राम बंद करने से पड़ा असर

Dr Reddy’s ने बताया कि उसने CAR-T थेरेपी पोर्टफोलियो से जुड़े कुछ रिसर्च और डेवलपमेंट प्रोग्राम बंद करने का फैसला लिया है। CAR-T थेरेपी कैंसर के इलाज की एक आधुनिक तकनीक मानी जाती है।

कंपनी ने कहा कि क्लिनिकल ट्रायल के नतीजों के बाद यह फैसला लिया गया। इसके चलते कंपनी को ग्लोबल जेनेरिक्स कारोबार में 135 करोड़ रुपये का नेट लॉस दर्ज करना पड़ा। इसके अलावा फेफड़ों के कैंसर से जुड़ी एक एडवांस स्टेज स्टडी बंद करने के बाद कंपनी ने 91.4 करोड़ रुपये का अतिरिक्त इम्पेयरमेंट चार्ज भी लिया।

दूसरे खर्चों ने भी बढ़ाया दबाव

Dr Reddy’s ने एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि FY26 में VAT देनदारी के लिए 70 करोड़ रुपये का प्रावधान और नए लेबर कोड से जुड़ा 117 करोड़ रुपये का अतिरिक्त असर भी पड़ा है। इन सभी वजहों से कंपनी के नतीजों पर बड़ा दबाव देखने को मिला।

आय भी अनुमान से कमजोर रही

मार्च तिमाही में Dr Reddy’s की कुल ऑपरेशनल इनकम 11.5 फीसदी घटकर 7546 करोड़ रुपये रह गई। यह बाजार के अनुमान 8246 करोड़ रुपये से भी कम रही। कंपनी की बिक्री पर सबसे ज्यादा असर अमेरिकी बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा और दवा कीमतों पर दबाव का पड़ा।

Revlimid की जेनेरिक दवा की मांग घटी

Dr Reddy’s की बिक्री को Lenalidomide दवा की कमजोर मांग से भी झटका लगा। यह Bristol-Myers Squibb की कैंसर दवा Revlimid का जेनेरिक वर्जन है।

पिछले कुछ सालों में यही दवा कंपनी की ग्रोथ का बड़ा सहारा रही थी। लेकिन पेटेंट खत्म होने के बाद बाजार में प्रतिस्पर्धा काफी बढ़ गई है, जिससे बिक्री प्रभावित हुई है।

अब Semaglutide दवा पर फोकस

Dr Reddy’s अब भविष्य की ग्रोथ के लिए Semaglutide आधारित दवाओं पर फोकस कर रही है। मार्च में Dr Reddy’s ने भारत में अपनी Semaglutide दवा Obeda लॉन्च की थी।

कंपनी अब कनाडा, ब्राजील और दूसरे बाजारों में भी पेटेंट खत्म होने के बाद इसे लॉन्च करने की तैयारी कर रही है।

कंपनी मैनेजमेंट ने क्या कहा

Dr Reddy’s के को-चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर जी वी प्रसाद ने कहा कि इस साल कंपनी के प्रदर्शन पर Lenalidomide की कमजोर बिक्री और कई एकमुश्त खर्चों का असर पड़ा है।

हालांकि उन्होंने कहा कि कंपनी के ब्रांडेड बिजनेस और करेंसी से जुड़े फायदे ने कुछ हद तक नुकसान की भरपाई की। कंपनी अब लागत घटाने, पोर्टफोलियो ऑप्टिमाइजेशन और मार्जिन सुधारने पर फोकस कर रही है। उन्होंने कहा कि कंपनी बायोसिमिलर्स, कंज्यूमर हेल्थ और इनोवेशन जैसे नए कारोबारों पर भी लंबे समय के लिए काम कर रही है।

नतीजों के से पहले मंगलवार 12 मई को Dr Reddy’s का शेयर करीब 1 फीसदी गिरकर 1267.5 रुपये पर बंद हुआ।

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