Gensol Engineering, Gensol EV को IREDA से बड़ा झटका, फ्रॉड घोषित किए गए अकाउंट
सरकारी कंपनी इंडियन रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपमेंट एजेंसी (IREDA) ने जेनसोल इंजीनियरिंग और उसकी सब्सिडियरी जेनसोल EV लीज के लोन अकाउंट्स को धोखाधड़ी वाला यानि कि फ्रॉड घोषित कर दिया है। कंपनी ने रेगुलेटरी नियमों के अनुसार रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को इस मामले की जानकारी दी है। कंपनी ने शेयर बाजारों को एक एक्सचेंज फाइलिंग में बताया कि यह कार्रवाई नॉन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनियों (NBFCs) में फ्रॉड रिस्क मैनेजमेंट से जुड़े RBI के निर्देशों के तहत की गई है।
IREDA ने कहा कि जेनसोल इंजीनियरिंग लिमिटेड को धोखाधड़ी के लिए जिम्मेदार माना गया है क्योंकि कंपनी ने फंड का गलत इस्तेमाल किया, भरोसे को आपराधिक रूप से तोड़ा और धोखाधड़ी करने के इरादे से नकली डॉक्युमेंट या इलेक्ट्रॉनिक रिकॉर्ड्स बनाकर जालसाजी की।
जेनसोल इंजीनियरिंग के अकाउंट में बकाया रकम ₹453.77 करोड़ थी, जिसके लिए IREDA ने 31 मार्च, 2026 तक 85% प्रोविजनिंग की थी। लेंडर ने जेनसोल इंजीनियरिंग की सब्सिडियरी, जेनसोल EV लीज लिमिटेड के अकाउंट को भी फंड के गलत इस्तेमाल और भरोसे के आपराधिक उल्लंघन के कारण धोखाधड़ी वाला घोषित किया है। जेनसोल EV लीज के अकाउंट में बकाया रकम ₹218.97 करोड़ थी, जिसके लिए 31 मार्च, 2026 तक 85% प्रोविजनिंग की गई थी।
क्या है जेनसोल का मामला
जेनसोल और ब्लूस्मार्ट के प्रमोटर ब्रदर्स अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी पर EV खरीदने के उद्देश्य से लिए गए लोन के पैसे को दूसरी जगह इस्तेमाल करने का आरोप है। दोनों सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) की रेगुलेटरी कार्रवाई का सामना कर रहे हैं। SEBI ने दोनों पर कैपिटल मार्केट में बैन लगा दिया है, जिससे वे लिस्टेड कंपनियों में कोई पद नहीं संभाल सकते। जेनसोल इंजीनियरिंग सोलर कंसल्टिंग सर्विस, इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट और कंस्ट्रक्शन (EPC) सर्विस और इलेक्ट्रिक वाहनों की लीजिंग जैसी सर्विस देती है।
SEBI को जून 2024 में जेनसोल के शेयर की कीमत में हेरफेर और फंड के गलत इस्तेमाल से जुड़ी शिकायत मिली थी। इसके बाद उसने मामले की जांच शुरू की। इसके अलावा, SEBI ने जेनसोल इंजीनियरिंग के 1:10 के रेशियो वाले प्रस्तावित स्टॉक स्प्लिट को भी रोक दिया।
MRF देने वाली है ₹229 का बंपर डिविडेंड, शेयर नए सप्ताह में इस तारीख पर करेगा एक्स-डिविडेंड ट्रेड
200 करोड़ से अधिक की राशि की डायवर्ट
जेनसोल इंजीनियरिंग पर पैसों को डायवर्ट करने, कर्ज का गलत इस्तेमाल करने और संबंधित पक्षों के माध्यम से अपने स्टॉक में ट्रेड को फाइनेंस करने का आरोप है। जेनसोल पर आरोप है कि उसने ईवी खरीद के लिए 200 करोड़ रुपये से अधिक की राशि डायवर्ट की। कंपनी के प्रमोटर्स अनमोल सिंह जग्गी और पुनीत सिंह जग्गी ने ब्लूस्मार्ट के लिए नए इलेक्ट्रिक व्हीकल खरीदने के लिए लिए गए लोन को अपने निजी हित के लिए इस्तेमाल किया, जैसे कि गुरुग्राम में लग्जरी अपार्टमेंट की खरीद।
SEBI ने आरोप लगाया है कि जेनसोल इंजीनियरिंग से पैसे को प्राइवेट प्रमोटर एंटिटीज और प्रमोटर्स को ट्रांसफर किया गया। जेनसोल के प्रमोटर्स पर जेनसोल के शेयरों में ट्रेड करने के लिए एक प्राइवेट एंटिटी वेलरे का इस्तेमाल करने और इसके लिए उसे फंड मुहैया कराने का भी आरोप है।
Leave a Reply