Gold-Silver Price: इस हफ्ते सोना-चांदी के दाम में क्या रहा बदलाव? देखें कीमतों में उतार-चढ़ाव की 5 बड़ी वजहें
बीते सप्ताह सोने और चांदी की कीमतों पर दबाव देखने को मिला। इसकी सबसे बड़ी वजह अमेरिका की ब्याज दरों को लेकर बढ़ती चिंता, कच्चे तेल की कीमतों में तेजी और मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव रहे। हालांकि अमेरिकी डॉलर में कमजोरी आने से सोने की कीमतों को कुछ सहारा मिला, लेकिन इसके बावजूद पूरे सप्ताह दोनों कीमती धातुओं में उतार-चढ़ाव बना रहा।
शुक्रवार सुबह घरेलू वायदा बाजार एमसीएक्स पर अगस्त डिलीवरी वाला सोना 0.28 फीसदी की गिरावट के साथ 1,44,900 रुपये प्रति 10 ग्राम पर कारोबार करता दिखा। वहीं सितंबर डिलीवरी वाली चांदी 0.17 फीसदी फिसलकर 2,26,000 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई।
इस हफ्ते क्यों दबाव में रहा सोना?
सप्ताह के आखिरी कारोबारी दिन सोने की कीमतें सीमित दायरे में रहीं। इससे पहले के सत्र में सोने में हल्की तेजी आई थी, लेकिन पूरे सप्ताह की बात करें तो इसकी कीमत में 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजार में स्पॉट गोल्ड करीब 4,120 डॉलर प्रति औंस के आसपास कारोबार करता रहा, जबकि स्पॉट सिल्वर 60.10 डॉलर प्रति औंस पर रहा। हालांकि चांदी में हल्की बढ़त देखने को मिली, लेकिन साप्ताहिक आधार पर इसमें भी कमजोरी रही।
ट्रंप के बयान से कम हुआ तनाव
इस सप्ताह निवेशकों की नजर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर भी रही। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ईरान दोबारा बातचीत करना चाहता है और समझौते के लिए तैयार है। उनके इस बयान के बाद बाजार में यह उम्मीद बढ़ी कि दोनों देशों के बीच तनाव कुछ कम हो सकता है। इससे सुरक्षित निवेश माने जाने वाले सोने की मांग पर असर पड़ा और कीमतों में बड़ी तेजी नहीं आ सकी।
कच्चे तेल और ब्याज दरों का असर
इस सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में अच्छी बढ़त देखने को मिली। डब्ल्यूटीआई क्रूड करीब 4.7 फीसदी और ब्रेंट क्रूड लगभग 5.7% चढ़ा। तेल महंगा होने से महंगाई बढ़ने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में माना जा रहा है कि अमेरिकी केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व ब्याज दरों को लंबे समय तक ऊंचे स्तर पर रख सकता है। ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए अच्छी नहीं मानी जातीं, क्योंकि सोने पर ब्याज नहीं मिलता।
डॉलर में कमजोरी से मिला सहारा
हालांकि इस सप्ताह अमेरिकी डॉलर में हल्की कमजोरी देखने को मिली। डॉलर इंडेक्स करीब 0.2 फीसदी गिरकर 100.77 पर आ गया। कमजोर डॉलर की वजह से दूसरे देशों के खरीदारों के लिए सोना सस्ता हो जाता है, जिससे इसकी मांग बढ़ सकती है। अब निवेशकों की नजर अमेरिका के आने वाले महंगाई, रोजगार और आर्थिक वृद्धि के आंकड़ों पर है। इन्हीं आंकड़ों के आधार पर आगे सोने और चांदी की कीमतों की दिशा तय हो सकती है।

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