HCL Tech: 50 हजार का निवेश बन गया 17 लाख, 26 साल में ये आईटी स्टॉक चुपचाप बना वेल्थ क्रिएटर
HCL Tech Wealth Creation: शेयर मार्केट में लंबी अवधि का निवेश किस तरह छोटी रकम को बड़ी दौलत में बदल सकता है, इसका बेहतरीन उदाहरण HCL Technologies है। देश की प्रमुख आईटी कंपनी HCL Tech ने पिछले 26 वर्षों में अपने निवेशकों को सिर्फ शेयर की कीमत बढ़ाकर ही नहीं, बल्कि बोनस शेयर, स्टॉक स्प्लिट और लगातार डिविडेंड के जरिए भी शानदार रिटर्न दिया है। अगर किसी निवेशक ने कंपनी के IPO में निवेश किया होता और आज तक अपने शेयर संभालकर रखे होते, तो उसकी संपत्ति कई गुना बढ़ चुकी होती।
IPO में ₹58,000 लगाने वाले आज होते करीब ₹19.73 लाख के मालिक
HCL Technologies की शेयर बाजार में लिस्टिंग 11 जनवरी 2000 को हुई थी। कंपनी का IPO इश्यू प्राइस 580 रुपये प्रति शेयर था। अगर किसी निवेशक ने उस समय 100 शेयर खरीदे होते, तो उसका कुल निवेश 58,000 रुपये होता।
इन 26 वर्षों में कंपनी ने एक स्टॉक स्प्लिट और तीन बार 1:1 बोनस शेयर दिए। अक्टूबर 2000 में एक शेयर दो शेयरों में बदल गया। इसके बाद 2006, 2015 और 2019 में तीन बार 1:1 बोनस जारी किए गए। इन सभी कॉर्पोरेट एक्शन के बाद शुरुआती 100 शेयर बढ़कर 1,600 शेयर हो गए।
मौजूदा समय में HCL Tech का शेयर करीब 1,233 रुपये पर कारोबार कर रहा है। इस हिसाब से 1,600 शेयरों की वैल्यू करीब 19,72,800 रुपये हो जाती है। यानी शुरुआती 58,000 रुपये का निवेश करीब 34 गुना बढ़ चुका है। अगर यही गणित 50,000 रुपये के निवेश पर लगाया जाए, तो आज उसकी वैल्यू करीब 17 लाख रुपये होती।
नोट: यह कैलकुलेशन के आधार पर जानकारी है, यहां ध्यान देने वाली बात है कि लॉट साइज के आधार पर ही आप बिड कर सकते हैं।
सिर्फ शेयर नहीं, डिविडेंड से भी बढ़ाया निवेशकों का रिटर्न
HCL Tech की खासियत सिर्फ शेयर प्राइस में तेजी नहीं रही। कंपनी लगातार अपने शेयरधारकों को डिविडेंड भी देती रही है। पिछले 26 वर्षों में कंपनी 115 बार डिविडेंड घोषित कर चुकी है और इस दौरान प्रति शेयर कुल 713.5 रुपये का डिविडेंड वितरित किया गया है।
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अगर किसी निवेशक ने बोनस और स्प्लिट के बाद मिले सभी शेयर अपने पास बनाए रखे होते, तो उसे शेयर की कीमत में बढ़ोतरी के साथ-साथ हर साल डिविडेंड से भी अच्छी नकद आय मिलती रहती। यही वजह है कि HCL Tech को लंबे समय के निवेशकों के लिए मजबूत वेल्थ क्रिएटर माना जाता है।
कॉर्पोरेट एक्शन ने कई गुना बढ़ाए शेयर
शेयर बाजार में सिर्फ स्टॉक प्राइस ही रिटर्न तय नहीं करती। बोनस शेयर और स्टॉक स्प्लिट जैसे कॉर्पोरेट एक्शन भी निवेशकों की संपत्ति बढ़ाने में बड़ी भूमिका निभाते हैं। HCL Tech इसका शानदार उदाहरण है। कंपनी ने समय-समय पर बोनस जारी कर निवेशकों के पास मौजूद शेयरों की संख्या कई गुना बढ़ा दी, जबकि स्टॉक स्प्लिट के जरिए शेयर को ज्यादा किफायती बनाया। इसका फायदा लंबे समय तक निवेश बनाए रखने वाले निवेशकों को मिला।
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आईटी सेक्टर के सबसे सफल वेल्थ क्रिएटर्स में शामिल
भारतीय आईटी सेक्टर ने पिछले दो दशकों में कई बड़े वेल्थ क्रिएटर दिए हैं और HCL Tech उनमें प्रमुख नामों में शामिल है। डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन, क्लाउड, इंजीनियरिंग सर्विसेज और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे क्षेत्रों में कंपनी का विस्तार लगातार बढ़ा है। मजबूत ऑर्डर बुक, नियमित कैश फ्लो और शेयरधारकों को लगातार रिटर्न देने की नीति ने इसे लॉन्ग टर्म निवेशकों के पसंदीदा स्टॉक्स में शामिल रखा है।
HCL Tech की 26 साल की यात्रा यह दिखाती है कि अगर मजबूत बिजनेस वाली कंपनी में लंबे समय तक धैर्य के साथ निवेश किया जाए, तो सिर्फ शेयर की कीमत ही नहीं, बल्कि बोनस, स्प्लिट और डिविडेंड मिलकर भी असाधारण वेल्थ क्रिएशन कर सकते हैं।
Disclaimer: ये आर्टिकल सिर्फ जानकारी के लिए है और इसे किसी भी तरह से इंवेस्टमेंट सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। ET NOW Swadesh अपने पाठकों और दर्शकों को पैसों से जुड़ा कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लेने का सुझाव देता है।

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