IndiGo की पैरेंट कंपनी में बड़ा फेरबदल, Kiran Thadimarri बने CFO; Gaurav Negi अब होंगे सलाहकार
IndiGo CFO Appointment: इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन (InterGlobe Aviation) ने सोमवार, 27 जुलाई 2026 को अपनी वित्तीय नेतृत्व टीम में बड़ा बदलाव किया है। कंपनी ने 28 जुलाई 2026 से मौजूदा डिप्टी चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (Deputy CFO) किरण थडिमर्री (Kiran Thadimarri) को नया चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) नियुक्त करने की घोषणा की है।
कंपनी ने स्टॉक एक्सचेंज को दी गई जानकारी में बताया, कि मौजूदा CFO गौरव नेगी (Gaurav Negi) अब नई जिम्मेदारी संभालेंगे। वह 27 जुलाई को कारोबार समाप्त होने के बाद मैनेजिंग डायरेक्टर के एडवाइजर (Advisor to the Managing Director) की भूमिका में कार्य करेंगे। इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, किरण थडिमर्री एक चार्टर्ड अकाउंटेंट हैं। उन्हें वित्तीय क्षेत्र में 24 वर्षों से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कंट्रोलरशिप, फाइनेंशियल प्लानिंग एंड एनालिसिस (FP&A), ट्रेजरी, कैपिटल रेजिंग, टैक्सेशन, ऑडिट और इन्वेस्टर रिलेशंस जैसे अहम क्षेत्रों में काम किया है।
#StockInNews | Interglobe Aviation appoints Kiran Thadimarri as CFO, effective July 28
This is the other update on the management👇@IndiGo6E pic.twitter.com/i49aNmZJNP
— ET NOW (@ETNOWlive) July 27, 2026
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IndiGo CFO Appointment: इन जगहों पर निभा चुके हैं नेतृत्व
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इकोनॉमिक टाइम्स के अनुसार, इंटरग्लोब एविएशन से पहले किरण थडिमर्री इंटरग्लोब एंटरप्राइजेज, B2B ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म उड़ान (Udaan) और जेनवर्क्स हेल्थ (GenWorks Health) जैसी कंपनियों में वरिष्ठ नेतृत्व की भूमिका निभा चुके हैं। उड़ान में उन्होंने मुख्य वित्तीय अधिकारी (CFO) के रूप में कार्य किया, जबकि जेनवर्क्स हेल्थ में वह को-फाउंडर और CFO रहीं।उन्होंने जनरल इलेक्ट्रिक (GE) में भी 13 वर्षों से अधिक समय तक कई महत्वपूर्ण वित्तीय जिम्मेदारियां संभालने का अनुभव है।
हाल में जारी किए थे पहली तिमाही के नतीजे
देश की सबसे बड़ी एयरलाइन कंपनी InterGlobe Aviation यानी IndiGo ने 23 जुलाई को वित्त वर्ष 2027 की पहली तिमाही (Q1FY27) के नतीजे जारी किए थे। कंपनी ने तिमाही नतीजों में एक दिलचस्प तस्वीर सामने रखी थी। कंपनी के लिए इस तिमाही में सबसे बड़ी समस्या यात्रियों की डिमांड या टिकट की कीमत नहीं रही। इसके उलट, टिकटों से मिलने वाली कमाई और किराए में मजबूत बढ़ोतरी देखने को मिली।
इसके बावजूद कंपनी को करीब 240 करोड़ रुपये का नेट लॉस उठाना पड़ा। यानी सवाल यह है कि जब किराए मजबूत रहे और रेवेन्यू भी बढ़ा, तो आखिर मुनाफा घाटे में कैसे बदल गया? ब्रोकरेज फर्म Elara Securities की रिपोर्ट के मुताबिक, इसकी सबसे बड़ी वजह ईंधन लागत में तेज उछाल और रुपये की कमजोरी से हुआ फॉरेक्स नुकसान रहा। यानी इस तिमाही में IndiGo की कमाई का पक्ष मजबूत था, लेकिन लागत और करेंसी से जुड़े दबाव ने पूरे मुनाफे को प्रभावित कर दिया। यही वजह है कि ब्रोकरेज का मानना है कि Q1 का कमजोर प्रदर्शन मांग में कमी या एयरफेयर को लेकर चिंता का संकेत नहीं है, बल्कि यह मुख्य रूप से कॉस्ट और फॉरेक्स से जुड़ा झटका है।

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