Infosys Share Price: इन्फोसिस को मिला नया बॉस, 3% से ज्यादा गिरा शेयर, ब्रोकरेज ने घटाया टारगेट प्राइस
देश की दूसरी बड़ी आईटी कंपनी इन्फोसिस ने आशीष कुमार दास को अपना सीईओ बनाया है। वह एक अप्रैल, 2027 को पदभार संभालेंगे और कंपनी के एमडी एवं सीईओ सलील पारेख का स्थान लेंगे। पारेख का दूसरा कार्यकाल 31 मार्च, 2027 को समाप्त होगा। वह नौ वर्ष से अधिक समय से इस पर पर हैं। 54 साल के दास अभी इन्फोसिस में एग्जीक्यूटिव वाइस प्रेसिडेंट और सर्विसेज, यूटिलिटीज, रिसोर्सेज, एनर्जी और एंटरप्राइज सस्टेनेबिलिटी के ग्लोबल हेड हैं। फिलहाल वह अमेरिका में रहते हैं और अगले कुछ महीनों में भारत आएंगे।
इन्फोसिस में पुरानी परंपरा के मुताबिक कंपनी के फाउंडर ही अगले सीएओ का ऐलान करते हैं। इस बार भी कंपनी के चेयरमैन नंदन नीलेकणि ने गुरुवार को बेंगलुरु में 54 साल के आशीष दास के नाम की घोषणा की। इससे कंपनी में उत्तराधिकार योजना को लेकर महीनों से चल रही अटकलों पर विराम लग गया। इससे यह भी साफ हो गया है कि कंपनी में लीडरशिप में बदलाव से इन्फोसिस के एआई ट्रांसफॉर्मेशन रोडमैप को लागू कर
कौन हैं आशीष दास?
आईआईटी खड़गपुर के छात्र रहे आशीष दास पिछले तीन दशक से ज्यादा समय से इन्फोसिस के साथ जुड़े हुए हैं। उन्होंने कंपनी में कई बड़े पदों पर काम किया है, जिसमें क्लाइंट्स के साथ बिजनेस डील करना, सर्विस डिलीवरी और दुनिया भर के अलग-अलग देशों में कामकाज संभालना शामिल है। दास की नियुक्ति बोर्ड की सिफारिश पर की गई है। उनका कार्यकाल 5 साल का होगा। हालांकि इस पर अभी शेयरहोल्डर्स की मंजूरी मिलना बाकी है।
नीलेकणि ने कहा, “बोर्ड ने हमारे अगले सीईओ को नियुक्त किया है। आशीष सच्चे ‘इन्फोसियन’ हैं जिन्होंने कंपनी के साथ 31 साल बिताए हैं। उन्होंने डिलीवरी, सेल्स और अकाउंट मैनेजमेंट में काम किया है और भुवनेश्वर में हमारा डेवलपमेंट सेंटर बनाने में भी मदद की है। वे सीधे-सादे, फोकस्ड और काम पूरा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं।” उन्होंने कहा कि बोर्ड ऐसा लीडर चाहता था जो बड़े बदलाव ला सके और साथ ही उन मूल्यों और ग्राहकों के भरोसे को भी बनाए रखे, जिन्होंने लंबे समय से इन्फोसिस को अलग पहचान दी है।
शेयरों में गिरावट
आशीष दास ने इन्फोसिस में अपने तीन दशक की सर्विस के दौरान कस्टमर एंगेजमेंट, डिलीवरी और ग्लोबल ऑपरेशन्स में लीडरशिप की भूमिकाएं निभाई हैं। उन्होंने स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी से ग्लोबल लीडरशिप प्रोग्राम भी पूरा किया है। पिछले फाइनेंशियल ईयर में उन्हें 17.5 करोड़ रुपये का पैकेज मिला था। दास ने
BP, अरामको और शेल जैसे कई बड़े क्लाइंट्स के साथ डील पक्की करने में अहम भूमिका निभाई है। हाल ही में, उन्होंने लगभग $300 मिलियन का लुफ्थांसा कॉन्ट्रैक्ट हासिल करने में भी अहम भूमिका निभाई।
इस बीच इन्फोसिस के शेयरों में आज गिरावट आई है। बीएसई पर कंपनी का शेयर करीब 3.5 फीसदी गिरावट के साथ 1,014.15 रुपये तक फिसल गया। JPMorgan ने इन्फोसिस की रेटिंग घटाकर न्यूट्रल कर दी और टारगेट प्राइस ₹1,050 तय किया। जेफरीज ने ‘होल्ड’ की सलाह बनाए रखी, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹1,235 से घटाकर ₹1,020 कर दिया। मॉर्गन स्टेनली ने इन्फोसिस पर अपनी इक्वल वेट रेटिंग बनाए रखी, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹1,112 से घटाकर ₹1,075 कर दिया।
कहां तक जाएगी कीमत?
इसी तरह सिटी ने इन्फोसिस पर अपनी न्यूट्रल रेटिंग बनाए रखी, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹1,080 से घटाकर ₹1,065 कर दिया। नोमुरा ने इन्फोसिस के लिए ₹1,290 का टारगेट प्राइस तय किया है। मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज ने इन्फोसिस पर अपनी ‘बाय’ रेटिंग बनाए रखी और टारगेट प्राइस ₹1,170 तय किया। Nuvama ने इन्फोसिस पर बाय रेटिंग बनाए रखी, लेकिन टारगेट प्राइस को ₹1,650 से घटाकर ₹1,250 कर दिया। इसी तरह Emkay ने भी बाय रेटिंग बनाए रखते हुए टारगेट प्राइस ₹1,350 से घटाकर ₹1,300 कर दिया।

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