Investment Returns: 5 साल में FD से भी कम रिटर्न वाले 10 फ्रंटलाइन स्टॉक्स-TCS से HDFC Bank तक सब पीछे
अगर आपने पिछले 5 साल पहले देश की बड़ी और भरोसेमंद ब्लूचिप कंपनियों के शेयरों में निवेश किया होता, तो कई मामलों में आपको बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) से भी कम रिटर्न मिलता। पिछले 5 साल में कई दिग्गज कंपनियों ने अपने निवेशकों को निराश किया है। इन कंपनियों में TCS, HDFC Life, Infosys और HUL जैसी कंपनियां शामिल हैं। पिछले 5 सालों में शेयर बाजार के कई दिग्गज और भरोसेमंद फ्रंटलाइन स्टॉक्स भी निवेशकों को बैंक की फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) जितना रिटर्न नहीं दे सके। अगर किसी निवेशक ने 5 साल पहले 7 फीसदी सालाना ब्याज दर वाली FD में पैसा लगाया होता, तो उसे करीब 40 फीसदी का सुरक्षित रिटर्न मिलता। वहीं, कई ब्लूचिप कंपनियों के शेयर इस प्रदर्शन से काफी पीछे रह गए।
सबसे खराब प्रदर्शन TCS का रहा, जिसने 5 साल में 33 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया। HDFC Life में निवेश करने वालों को 17 फीसदी, जबकि Infosys के निवेशकों को 14 फीसदी का नुकसान हुआ। इसी तरह Hindustan Unilever (HUL) ने 10 फीसदी और Asian Paints ने 9 फीसदी का निगेटिव रिटर्न दिया। वहीं 7 फीसदी सालाना ब्याज दर वाली FD ने इसी अवधि में करीब 41.48 फीसदी का कुल रिटर्न दिया।
क्या है कैलकुलेशन
अगर किसी निवेशक ने 5 साल पहले 1 लाख रुपये की FD कराई होती, तो मैच्योरिटी पर उसे 41478 रुपये ब्याज मिलता और कुल रकम 141,478 रुपये हो जाती। यानी 5 साल में करीब 41.48 फीसदी का रिटर्न। इसके मुकाबले कई दिग्गज फ्रंटलाइन शेयर इस अवधि में FD के रिटर्न को भी पार नहीं कर सके। कुछ शेयरों ने तो निवेशकों को निगेटिव रिटर्न तक दिया।
दिग्गज स्टॉक्स का रिटर्न
5 साल में FD से भी कम रिटर्न देने वाले 10 फ्रंटलाइन शेयर
कंपनी 5 साल का रिटर्न
TCS -35.80%
HDFC Life -18.55%
Infosys -31.60%
HUL -12.93%
Asian Paints -11.41%
HDFC Bank +7.76%
Kotak Bank +7.69%
RIL +23.11
HCL Tech +17.04%
Dr. Reddy’s +23.72%
FD क्यों रही बेहतर?
इन सभी शेयरों का 5 साल का रिटर्न 41.48 फीसदी से कम रहा, जो 7 फीसदी सालाना ब्याज वाली बैंक FD के अनुमानित रिटर्न के बराबर है। खास बात यह है कि FD में निवेशकों को तय और अपेक्षाकृत सुरक्षित रिटर्न मिलता है, जबकि शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव के कारण रिटर्न की कोई गारंटी नहीं होती।
निवेश राशि: 1,00,000 रुपये
ब्याज दर: 7 फीसदी प्रति वर्ष
अवधि: 5 वर्ष
मैच्योरिटी राशि: 1,40,255 रुपये
कुल ब्याज: 40,255 रुपये
कुल रिटर्न: 40.26 फीसदी
निवेशकों के लिए क्या है सीख?
किसी भी कंपनी का बड़ा नाम या मजबूत ब्रांड हमेशा बेहतर रिटर्न की गारंटी नहीं होता। निवेश से पहले केवल कंपनी की लोकप्रियता नहीं, बल्कि उसकी वैल्यूएशन, आय वृद्धि, बिजनेस आउटलुक और लंबी अवधि की संभावनाओं का भी आकलन करना जरूरी है। साथ ही, निवेशकों को अपने पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखनी चाहिए ताकि जोखिम को कम किया जा सके।

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