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Ladli Bahna Yojana : 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में अब से कुछ देर में पहुंचेंगे 1500-1500 रुपये, पैसे आए या नहीं? ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस
Ladli Bahna Yojana : 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में अब से कुछ देर में पहुंचेंगे 1500-1500 रुपये, पैसे आए या नहीं? ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस

Ladli Bahna Yojana : 1.25 करोड़ से अधिक लाड़ली बहनों के खातों में अब से कुछ देर में पहुंचेंगे 1500-1500 रुपये, पैसे आए या नहीं? ऐसे चेक करें पेमेंट स्टेटस

मध्यप्रदेश की लाखों लाडली बहनों के खातों में अब से कुछ ही देर में योजना की 36वीं किस्त पहुंचने वाली है। योजना से जुड़ी हर पात्र लाभार्थी महिला को 1500-1500 रुपये की मंथली सहायता राशि मिलेगी। मध्यप्रदेश महिला एवं बाल विकास विभाग ने एक्स पर किए एक पोस्ट में बताया है कि मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (MP CM Dr Mohan Yadav) नरसिंहपुर जिले में आयोजित कार्यक्रम से लाड़ली बहना योजना की मई महीने की किश्त जारी करेंगे। बुधवार दोपहर 12 बजे के बाद मुख्यमंत्री योजना की 36वीं किस्त डीबीटी तकनीक के जरिए लाभार्थी महिलाओं के खातों में भेजेंगे। इस दौरान प्रदेश की 1 करोड़ 25 लाख 22 हजार 542 महिलाओं के बैंक खातों में सिंगल क्लिक के जरिए 1,835 करोड़ 67 लाख 29 हजार 250 रुपये की राशि ट्रांसफर की जाएगी।

राज्य के गोटेगांव से मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव (CM Mohan Yadav) लाड़ली बहनों के खातों में डीबीटी तकनीक के जरिए योजना की 36वीं किस्त भेजेंगे। विभाग के मुताबिक, लाड़ली बहना योजना महिलाओं के लिए आर्थिक सुरक्षा, आत्मविश्वास और सम्मान का मजबूत आधार बन चुकी है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं की परिवार के फैसलों में भागीदारी भी बढ़ी है।

राज्य सरकार के मुताबिक, योजना का असर ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में दिखाई दे रहा है। नियमित आर्थिक सहायता मिलने से महिलाओं की घरेलू खर्चों में भूमिका मजबूत हुई है। कई महिलाएं अब बच्चों की पढ़ाई, पोषण और स्वास्थ्य पर पहले से ज्यादा खर्च कर पा रही हैं। वहीं बड़ी संख्या में महिलाएं स्व-सहायता समूहों, छोटे कारोबार और स्वरोजगार गतिविधियों से भी जुड़ रही हैं, जिससे उनकी अतिरिक्त आय के रास्ते खुले हैं।

सरकार का कहना है कि योजना ने महिलाओं की सामाजिक स्थिति को भी मजबूत किया है। परिवार के फैसलों में उनकी भागीदारी बढ़ी है और बैंक खातों में सीधे पैसा आने से महिलाओं की बैंकिंग और वित्तीय सेवाओं तक पहुंच मजबूत हुई है। इससे वित्तीय साक्षरता और आर्थिक आत्मविश्वास में भी बढ़ोतरी देखने को मिली है।

योजना का लाभ ग्रामीण, आदिवासी, शहरी, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्त महिलाओं समेत बड़े वर्ग को मिल रहा है। आधार लिंक्ड बैंक खातों में सीधे राशि भेजे जाने से पूरी प्रक्रिया पारदर्शी और तेज बनी हुई है। सरकार समय-समय पर त्योहारों और विशेष अवसरों पर अतिरिक्त सहायता देकर योजना को भावनात्मक सहयोग के रूप में भी पेश कर रही है।

e-KYC अधूरी है तो रुक सकती है 36वीं किस्त, ऐसे करें पूरी

अगली किस्त के पैसों के लिए eKYC कराना जरूरी है। लाडली बहना योजना का लाभ पाने के लिए एमपी की सरकार ने e-KYC अनिवार्य कर दिया है। ऐसे में अगर आप योजना से जुड़ी एक पात्र महिला हैं और अबतक ई-केवाईसी अधूरी है, तो समय रहते यह जरूरी काम निपटा लें वरना योजना की 36वीं किस्त के पैसे अटक सकते हैं। ई-केवाईसी की प्रक्रिया आसान है। यहां बताए गए स्टेप्स अपनाकर आप खुद भी यह काम पूरी कर सकती हैं।

  • सबसे पहले समग्र पोर्टल samagra.gov.in पर जाएं।
  • अब होम पेज पर नजर आ रहे e-KYC लिंक पर क्लिक करें।
  • यहां मांगी गई डिटेल जैसे समग्र ID और कैप्चा भरें।
  • ऐसा करते ही कुछ पल में सामने स्क्रीन पर आपकी पूरी जानकारी आ जाएगी।
  • समग्र ID से लिंक मोबाइल नंबर भी स्क्रीन पर नजर आएगा।
  • अब मोबाइल नंबर पर otp आएगी और उसे दर्ज कर वेरिफिकेशन कर लें।
  • इसके बाद आधार कार्ड की मदद से E-KYC प्रोसेस को पूरा कर लें।

किन महिलाओं के रुकेंगे पैसे

लाड़ली बहना योजना से जुड़ी जिन महिलाओं की eKYC प्रक्रिया अब तक पूरी नहीं हुई है, उनकी 36वीं किस्त अटक सकती है। इसके अलावा वे महिलाएं जिन्होंने योजना की पात्रता के तहत तय अधिकतम आयु सीमा 60 वर्ष पार कर ली है, उन्हें भी इस बार 1500 रुपये की किस्त के लाभ से वंचित रहना पड़ सकता है।

योजना का लाभ पाने के लिए कौन है पात्र

लाड़ली बहना योजना का लाभ केवल उन्हीं महिलाओं को मिलता है जो मध्य प्रदेश की स्थानीय निवासी हों। योजना के तहत परिवार की सालाना आय 2.5 लाख रुपये से कम होनी चाहिए और परिवार में कोई सदस्य सरकारी नौकरी में नहीं होना चाहिए। इसके अलावा परिवार के पास 5 एकड़ से ज्यादा कृषि भूमि या चारपहिया वाहन नहीं होना चाहिए। योजना का लाभ विवाहित, विधवा, तलाकशुदा और परित्यक्ता महिलाएं ले सकती हैं, जिनकी उम्र आवेदन के समय 21 से 60 वर्ष के बीच हो।

कब मिली योजना की आखिरी किस्त?

पिछले महीने (12 अप्रैल को) सीहोर जिले के आष्टा में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने लाड़ली बहनों के खातों में योजना की आखिरी यानी 35वीं किस्त जारी की थी। उस अवसर पर 1.25 करोड़ से अधिक बहनों के खातों में 1,836 करोड़ रुपये से ज्यादा की राशि ट्रांसफर की गई थी।

खाते में पैसे आए या नहीं? कैसे कर सकेंगी चेक

लाड़ली बहना योडजा की अगली किस्त जैसे ही जारी होगी, पात्र महिलाओं के खातों में धीरे-धीरे करके पहुंचेंगे। अगर आप भी योजना की लाभार्थी हैं और जानना चाहती हैं कि आपके खाते में पैसे आए या नहीं, तो यहां बताए गए तरीकों को अपनाकर चेक कर सकती हैं।

  • सबसे पहले लाड़ली बहना योजना की आधिकारिक वेबसाइट cmladlibahna.mp.gov.in पर जाएं।
  • होमपेज पर दिख रहे “आवेदन एवं भुगतान की स्थिति” विकल्प पर क्लिक करें।
  • अब अपनी समग्र आईडी या रजिस्ट्रेशन नंबर दर्ज करें।
  • इसके बाद आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर OTP आएगा।
  • OTP दर्ज करते ही स्क्रीन पर आपकी किस्त और भुगतान की पूरी जानकारी दिखाई दे जाएगी।
  • यहां आप देख सकते हैं कि 1500 रुपये की किस्त खाते में आई है या नहीं।

अबतक मिले किस्तों पर कितना खर्च

साल 2023 में शुरू हुई इस महत्वाकांक्षी योजना ने कम समय में मध्यप्रदेश की करोड़ों महिलाओं के जीवन में बड़ा बदलाव लाने का दावा किया है। जून 2023 से अप्रैल 2026 तक योजना की 35 किश्तें जारी की जा चुकी हैं और इस दौरान महिलाओं के खातों में डीबीटी के जरिए कुल 55,926.51 करोड़ रुपये सीधे ट्रांसफर किए गए हैं। शुरुआत में महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये दिए जाते थे, जिसे अक्टूबर 2023 में बढ़ाकर 1,250 रुपये किया गया और फिर नवंबर 2025 से राशि बढ़ाकर 1,500 रुपये प्रतिमाह कर दी गई।

वित्तीय आंकड़ों पर नजर डालें तो राज्य सरकार ने वर्ष 2023-24 में योजना पर 14,726.05 करोड़ रुपये खर्च किए। इसके बाद 2024-25 में यह राशि बढ़कर 19,051.39 करोड़ रुपये और 2025-26 में 20,318.53 करोड़ रुपये तक पहुंच गई। वहीं वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए योजना में 23,882.81 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। सरकार इसे महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण के प्रति अपनी बड़ी प्रतिबद्धता के तौर पर पेश कर रही है।

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