Mid Cap Stocks: लार्ज कैप में बाउंस बैक की उम्मीद, लेकिन मिड कैप करेंगे बाजार को लीड, क्या है लेटेस्ट ट्रेंड
Mid Cap Stocks: पिछला एक साल इंडियन स्टॉक मार्केट (indian stock market) में लार्ज-कैप स्टॉक्स के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है। निफ्टी-50, जो लार्ज-कैप कंपनियों का प्रमुख इंडक्स है, ने इस दौरान करीब 7.9% का निगेटिव रिटर्न दिया। हालांकि, गोल्डमैन सैक्स, जेफरीज और एसोसिएट जनरल जैसी वैश्विक वित्तीय संस्थाओं का अनुमान है कि लार्ज-कैप स्टॉक्स में सुधार देखने को मिल सकता है। इसकी वजह यह है कि विदेशी निवेशक लगातार चौथे सप्ताह भारतीय शेयर बाजार में नेट बायर बने हुए हैं। चूंकि विदेशी निवेशकों की हिस्सेदारी बड़ी कंपनियों में अधिक होती है और हालिया गिरावट के दौरान उन्होंने सबसे ज्यादा बिकवाली भी इन्हीं शेयरों में की थी, इसलिए उनकी वापसी का सबसे अधिक फायदा लार्ज-कैप कंपनियों को मिलने की संभावना है।
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लार्ज कैप में मोमेंटम
इन खबरों के बाद भारतीय स्टॉक मार्केट में लार्ज-कैप स्टॉक के लिए एक मोमेंटम देखा जा रहा है। माना जा रहा है कि अगला दौर उन्हीं का आने वाला है। हालांकि, इसके ठीक उलट जब लार्ज-कैप स्टॉक दमदार प्रदर्शन नहीं कर पा रहे थे, तब मिड-कैप स्टॉक ने बाजार को संभाला। जिस अवधि में लार्ज-कैप ने निगेटिव रिटर्न दिया, उसी अवधि में मिड-कैप ने करीब 9 फीसदी का रिटर्न दिया। लेकिन जब मोमेंटम लार्ज-कैप की ओर शिफ्ट होता दिख रहा है, तब क्या यह मान लिया जाए कि मिड-कैप का दौर खत्म हो रहा है? लेकिन ठहरिए, इस पूरी कहानी का सबसे बड़ा ट्विस्ट यही है।
मिड कैप करेंगे बाजार को लीड
जेफरीज के मुताबिक, इंडियन स्टॉक मार्केट में पिछले कुछ वर्षों में स्मॉल और मिड-कैप कंपनियों ने प्रति शेयर आय (EPS) में तेज वृद्धि के कारण बेहतर प्रदर्शन किया है। हालांकि, अब बड़ी और छोटी कंपनियों की कमाई के बीच का अंतर धीरे-धीरे कम होने लगा है। जेफरीज के अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026 से 2028 के दौरान लार्ज-कैप कंपनियों की कमाई 14-15% प्रति वर्ष की दर से बढ़ सकती है, जबकि पिछले दो वर्षों में यह वृद्धि लगभग 8% थी। दूसरे शब्दों में कहें, तो लार्ज-कैप कंपनियों पर रिटर्न दो गुना हो सकता है। वहीं दूसरी ओर, मिड-कैप कंपनियों की कमाई इसी अवधि में लगभग 18% की वार्षिक दर से बढ़ने का अनुमान है। मतलब साफ है कि लार्ज-कैप में रिटर्न बेहतर होगा, लेकिन वह मिड-कैप को पीछे नहीं छोड़ पाएगा।
एक और ब्रोकरेज का मिड कैप पर दांव
जेफरीज से ही मिलती जुलती राय Abakkus Asset Manager LLP के संस्थापक सुनील सिंघानिया की भी है। उन्होंने निवेशकों को पोर्टफोलियो में विविधता बनाए रखने की सलाह दी है। उनका मानना है कि भारत की लंबी अवधि की ग्रोथ स्टोरी मजबूत बनी हुई है और आने वाले समय में मिड-कैप और स्मॉल-कैप शेयर लार्ज-कैप की तुलना में बेहतर प्रदर्शन कर सकते हैं। सुनील सिंघानिया के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1 FY27) में निफ्टी कंपनियों की आय में मिड से हाई सिंगल डिजिट की वृद्धि देखने को मिल सकती है। हालांकि, आईटी सेक्टर के लिए तस्वीर कमजोर बनी हुई है। उनका अनुमान है कि इस सेक्टर की ग्रोथ केवल 2-3% रह सकती है और जब तक यह 8-10% की रफ्तार नहीं पकड़ता, तब तक इसके बेहतर प्रदर्शन की संभावना कम है।
इनपुट- ब्लूमबर्ग, ET Nowनेटवर्क

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